Posted by: prakruti on: May 8, 2009
पिछले एक दशक से अधिक हो चुके हैं, जब मरीजों के किये गये इलेक्ट्रो त्रिदोष ग्राम ई०टी०जी० की फाइंन्डिंग्स में त्रिदोषों, त्रिदोष भेदों, सप्त धातुऒं तथा अन्य मौलिक सिद्धन्तों को आधारित करके और इन सभी फाइन्डिन्ग्स को एक साथ लेकर मरीज के लिये औषधियां सेलेक्ट की बात आती , तो मुझे लगता की जिस काम्बिनेशन की मुझे आवश्यकता है, वह पूरी नहीं हो पा रही है । अभी आवश्यक्ता इस बात की है कि काम्बीनेशन के हिसाब से दवायें फैब्रीकेट की जायें । दवायें भी ऐसी हों, जो शीघ्र फायदा पहुचायें और त्वरित लाभ कारी हों, जैसा कि आधुनिक चिकित्सा विग्यान की दवायें हैं ।
मै इस विचार में लगा रहा और मुझे समझ में आया कि शन्खद्राव को आधार बना करके कुछ अन्शों में यह लक्ष्य प्राप्त किया जा स्कता है । इस पर मैने काम करना शुरू किया और मुझे सफ़लता भी मिली । NAtional Innovation Foundation , Ahamadabad को भेजे गये शोध पत्र की Original script से कुछ मैटर आपके लिये दे रहा हुं। 



Aapane Likha, bahut khusi huyi आपने लिखा, बहुत प्रसन्नता हुयी