आयुर्वेद : आयुषमन : AYUSHMEN

रक्त शर्करा के रोगियों का ई०टी०जी० की फाइन्डिन्ग्स से सहायता लेकर आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक इलाज : High Level Blood sugar {Hyperglyceamia] patient’s treated after findings of ETG with Ayurvedic and Homoeopathic medicines

Posted by: prakruti on: May 15, 2009

हमारे परीक्षण केन्द्र में बड़ी सन्ख्या में high blood sugar के मरीज आते हैं । हम ऐसे मरीजों को सलाह देते हैं कि वे पहले अपना ई०टी०जी० परीक्षण करा लें ताकि उनके शरीर में व्याप्त दोषों के अलावा , यह भी पता चल जाये कि उनको इस सुगर की तकलीफ के अलावा और कौन कौन सी तकलीफें हैं ।

उस समय हमे बहुत आश्चर्य होता है, जब मरीजों के किये गये परीक्षण में ऐसे स्वास्थ्य समबन्धी तथ्य मिलते हैं जिनके बारे में बहुत प्रयत्न करने के बाद भी नहीं सोच सकते कि इसे यह तकलीफ भी होगी ।

सुगर वाले रोगियों में यह आन्कड़ा मिला है कि सभी को Epigastritis जरूर होती है । इपीगैस्ट्रिउम से रिकार्ड की गयी ट्रेस के अध्ध्यन करने के बाद पता चलता है कि किसी रोगी को ळिवर बढा हुआ है, किसी का कम काम कर रहा है,किसी का पित्ताशय कम काम कर रहा है या उसमें कोई विकार है, पैन्क्रियाज ज्यादा या कम काम कर रहा है, पैन्क्रियाज में सुजन है या कैल्सियम जमा है या इन्फ़ेक्शन है, प्लीहा में कोई विकार है इत्यादि ।

कुछ मरीजों को उच्च रक्त चाप की प्रवृत्ति पाई जाती है । किसी को गुर्दे की शिकायत होती है, पथरी भी हो सकती है । छोटी आन्त और बड़ी आन्त की सूजन या इरीटेबल बावल सिन्ड्रोम या बावेल पैथोफीजीयोलाजी अक्सर देखने को मिलती है । थायरायड की कार्य विकृति Thyroid pathophysiology अधिकन्शत: मरीजों में देखने में आती है । किसी किसी को सारे शरीर में हल्की सूजन होती है, जिसे बड़ी सन्ख्या में मरीज समझ ही नही पाते । बहुतों को ज्यादा धड़्कन होने की तकलीफ़ होती है और किसी को कम । चिकित्सा करने वाले डाक्टर तक नहीं समझ पाते हैं कि मरीज के शरीर में दूसरी कौन कौन सी बीमारियां अन्दर ही अन्दर पनप रही हैं ।

पहले हम सभी इलाज कराने वाले मरीजों को सलाह देते थे कि वे अगर ठीक होना चाहते है और आयुर्वेद/ होम्योपैथी की दवाओं से लाभ उठाना चाहते है तो वे अपना ई०टी०जी० परिक्षण जरूर करायें । आज हालत यह है कि मरीज पहले कहता है कि आप परीक्षण करें , फिर इलाज करें ।

इस तरह से सुगर के मरीजों का जब सारे शरीर के परीक्षण का परिणाम मिल जाता है तब उनकी चिकित्सा करते है । हमे यह देखना होता है कि विकार की समस्या कहा कहां है । मरीज की बिमारी की समस्या के जड़ तक पहुचने के बाद हमारी कोशिश होती है कि कम से कम दवा खिलाकर आरोग्य देने में सहाय्ता करें । उचित दावाओं के काम्बीनेशन , पथ्य और परहेज, रहन सहन में परिवर्तन करा कर लगभग सभी मरीज आरोग्य की दिशा प्राप्त कर लेते हैं ।

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इलेक्ट्रो त्रिदोष ग्राफी : ई०टी०जी० का विश्व का पहला परीक्षण केन्द्र ::: ई०टी०जी० सेण्टर, E-52, खपरा मोहाल, खलील क्वार्ट्स कम्पाउन्ड, कैन्ट, कानपुर contact: 09336238994 :::आयुर्वेद की पहली और अकेली ; सम्पुर्ण शरीर का आयुर्वेदिक विधि विधान पूर्वक मौलिक सिद्धान्तों के निदान के अलावा सारे शरीर में व्याप्त रोगों के निदान का ज्ञान कराने वाली तकनीक का परीक्षण केन्द्र समस्त जनता, वैद्यों, आयुर्वेद के चिकित्सकों के लिये कानपुर शहर में स्थापित किया जा चुका है । यहां रोजाना सुबह ९ बजे से दिन २ बजे तक ई०टी०जी० परीक्षण किये जाते हैं । कोई भी रोगी व्यक्ति या अन्य लोग, जो भी परीक्षण कराना चाहते है, वे किसी भी दिन आकर अपना परीक्षण करा सकते हैं ।

World’s first Electro Tridosha Graphy Scanning Center : E.T.G. center, E-52, Khalil Quarters Compound, Khapara Mohal, Cantt,KANPUR 208001 :Contact: 9336238994 : 09:00 AM to 02:00 PM daily

Word’s First Electro Tridosha Graphy E.T.G. Technology Research Center::::: Kunmun ETG Research Center, 67-70, BhusaToli Road, KANPUR-208001, UP::::Contcat for ETG Examination ::Evening 06 PM to 09 PM daily::::Contcat in Person/ appointment by phone:::0512 2367773

ई०टी०जी० परीक्षण तकनीक का दूसरा केन्द्र :………. कुनमुन ई०टी०जी० रिसर्च इन्स्टीट्यूट, 67/70, भूसाटोली रोड, बर्तन बाज़ार, कानपुर 208001, उत्तर प्रदेश, भारत

आयुर्वेद का सबसे नया आविष्कार : इलेक्ट्रो त्रिदोष ग्राफी : ELECTRO-TRIDOSHA-GRAPHY {ETG}- New invention in Ayurveda

In Medical science, all examinations, scans are from the Allopathic medical science sides, for example Xray, Ultrasound, MRI, CT Scan, Microscopic examination etc. ELECTRO-TRIDOSHA-GRAPHY [E.T.G.] is the first and only scan of Ayurveda & the ultimate Ayurvedic diagnosis solutions' technique. Readers can get more information in the websites, mentioned below or search details in the blog. आयुर्वेद चिकित्सा विज्ञान का नया आविष्कार - इलेक॒ट्रो त्रिदोष ग्राफी, ई०टी० जी०, तकनीक से [१] आयुर्वेद के मॊलिक सिध्धान्त तथा [२] शरीर के रोग निदान , इन दोनो के विषय में Data sheet डाटा रिपोर्ट के स्वरुप में प्राप्त कर सकते है । वैद्यों और आयुर्वेदिक चिकित्सकों को इस विधि से प्राप्त डाटा पर आधारित होकर मरीज की चिकित्सा करने पर अवश्य लाभ होता है । इस तकनीक के बारे में अधिक जानकारी इसी वेब ब्लोग पर या अन्य स्वतन्त्र web blog पर देख सकते है ।

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Electro-Homoeo-Graphy {E.H.G.} : Homoeopathy mein naya Avishkar

EHG , vartaman samay mein Homoeopathy vigyan ke liye yah naya avishkar, ETG technology se nikal kar aaya hai. Is takanik se Homoeopathy ke teen siddhant "Psora, Sycosis, Syphilis" ka manav sharir mein vyapt star ko napa ja sakata hai, isake alava "Vital Force" ka star aur "sensitivity" ka star bhi naap sakatey hain. Is takanik se Homoeopathy ki dawaon ka chunav bhi kar sakatey hai, rog nidan bhi kar sakatey hai, jyada jankari ke liye upar darshayi gayi, web sites par jakar vivaran dekha sakatey hain

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