Posted by: prakruti on: August 13, 2009
स्वाइन फ्लू से बचने के लिये सभी इच्छुक लोगो को सलाह देता हूं कि ऐसे सभी लोग होम्योपैथी के एन्टीबायोटिक मदर टिन्क्चर का उपयोग प्रति दिन एक या दो बार अवश्य करें । इसकी १० से २० बूंद दवाएक खुराक होती है ।
छोटे बच्चों को इस मिष्रण की ५ से १० बूण्द दवा किसी मीठे शर्बत में मिलाकर या शहद में मिलाकर पिला दें ।
जो आयुर्वेदिक काढा पीना चाह्ते हैं वे लोग एक या दो बार चाय की तरह पीकर स्वाइन फ़्लू या ऐसे ही किसी भी बीमारी के मिलते जुलते लक्षणों से बचाव कर सकते है।
पिछले ३५ सालों से मै इस होम्योपैथिक मिक्सचर और आयुर्वेदिक चाय का उपयोग हर तरह के “वाइरल इन्फेक्सन” के फ़ैलने की स्तिथि में, आज तक करता चला आ रहा हुं और वाइरस के प्रकोप का इलाज चाहे उसे कोई भी नाम दिया गया है, सबका ट्रीट्मेन्ट इसी और इन्ही दवओं से किया है और मै कभी भी वाइरस के इलाज में नहीं फेल हुआ ।
आज भी यही दवायें कानपुर में फ़ैले वाइरस इन्पेक्सन में उपयोग कर रहा हुं और इलाज में शत प्रतिशत सफलता मिली है ।
यह फार्मूला इसी वेब साइट में कहीं भी देख लें ।
ये दवायें शत प्रतिशत सुरक्षित है और इनके कोई भी साइड प्रभाव कतई नहीं होते । दवायें चिकित्सक की देखरेख में लें तो ज्यादा ठीक है, लेकिन जहां चिकित्सक नहीं उपलब्ध है , वहां बिना चिकित्सक की देखरेख में भी दवायें ले सकते है ।
Aapane Likha, bahut khusi huyi आपने लिखा, बहुत प्रसन्नता हुयी