होम्योपैथिक दवाओं की Lower पोटेन्सी का प्रभाव
Posted by: prakruti on: जनवरी 13, 2012

होम्योपैथिक दवाओं की Lower पोटेन्सी का प्रभाव मानव शरीर में बहुत तेजी से होता है , उसी तेजी से जैसे आयुर्वेद या एलोपैथी की दवाओं के असर होते है /
लोवर पोटेन्सी से तात्पर्य सेन्टीसमल स्केल की ३ और ६ पोटेन्सी से है और डेसिमल स्केल की 2X या 3X या 6x पोटेन्सी से है /
क्ळीनिक में आये मरीजों पर किये गये प्रयोगों से प्राप्त निष्कर्ष को conclude करके देखा गया है कि अगर लोवर पोटेन्सी की दवाओं को मरीज के symptoms की totality के अनुसार मिलान करके कई दवाओं के combination को alternate करके उपयोग करते है तो मरीज का इलाज बहुत confidence के साथ कर सकते है / ट्राइटुरेशन वाली दवाओं को mixture बना कर दिया जा सकता है /
उदाहरण के लिये ; यदि किसी मरीज को Ulcerative Colitis के साथ पेट में गैस बनने की शिकायत है, पेट में ऐठन होती है और उसे हल्का बुखार है तो निम्न फार्मूला उपयोगी होता है /
Merc sol 3X
Carbo veg 3x
Magnesia Phos 3x
Kali Muriaticum 3x
इन चारों दवाओं को यदि २ या ३ या चार घन्टे के अन्तर से देते है तो मरीज की तकलीफ पहली खुराक खाने के बाद से ही सुधरने लगती है /
यदि होम्योपैथिक दवाये डायल्यूशन मे उपयोग करते हैं तो ३ या ६ पोटेन्सी की दवायें लेना चाहिये /
उदाहरण के लिये सभी तरह की टान्सिलाइटिस, फैरिन्जाइटिस, ळैरिन्जाइटिस के रोगियों के लिये निम्न फार्मूला उपयोगी होता है /
Phytolacca 3
Balladonna 3
Bryonia 3
Merc cor 3
Lachesis 3
इन सभी दवाओं की २ – २ बून्दे मिलाकर दिन में कई बार देने से बहुत सी respiratory tract की बीमारियों में आराम मिलता है और पहली खुराक खाने के बाद से ही आराम मिलनी शुरू हो जाता है /
होम्योपैथी की लोवर पोटेन्सी हमेशा बहुत तेजी से फायदा पहुचाती है और इसे Acute या sharp acute या semi acute या emergent painful condition में विश्वास के साथ मरीजों मे उपयोग करना चाहिये /
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Aapane Likha, bahut khusi huyi आपने लिखा, बहुत प्रसन्नता हुयी