बहुत ही साधारण से फार्मूले वाली यह आयुर्वेद का चूर्ण जिसे “कट फलादि चूर्ण” कहते हैं, मामूली खान्सी से लेकर दमा जैसी कठिन बीमारियों को दूर करने में सुरक्षित उप्योगी औषधि है /
इसके बनाने मे केवल चार आयुर्वेदिक द्रव्यों का उपयोग करते है / ये चार द्रव्य हैं , कायफल और पोहकर मूल और काकड़ा सिन्गी और पीपल / इन्हे पहले लोहे के खरल में डालकर छोटे छोटे टुकड़े कर ले, फिर मिक्सी में या खरल में डालकर महीन चूर्ण बना लें /
इसकी मात्रा १ ग्राम से लेकर तीन ग्राम तक है / इसे शहद से खाना चाहिये / रोगानुसार अनुपान से भी ले सकते है, जिससे यह औषधि अधिक प्रभाव शाली हो जाती है /
दमा, श्वास, कास और फेफड़ों से सम्बन्धित प्राय: सभी रोगों मे इसे उपयोग कर सकते है / यह बिल्कुल सुरक्षित औषधि है /


