सिर की तरफ या सिर की ओर रक्त प्रवाह होने का क्या मतलब ? ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन द्वारा किये गये अध्ध्यन का निष्कर्ष ; What is meant, if Blood Circulation is towards Head ? An E.T.G. AyurvedaScan based studies conclusion.


सिर की ओर रक्त प्रवाह अथवा BLOOD CIRCULATION होने से क्या और किस तरह की तकलीफे और क्या क्या बीमारिया हो जाती है, इसका investigation सबसे पहले ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन के परीक्षनो और उसके बाद किये गये  अ ध्धयनो से  highlighted  हुआ /

ई०टीजी० आयुर्वेदास्कैन के अध्ध्य्यनो से सिर की ओर रक्त प्रवाह होने के कारण से क्या क्या बीमारियां detect  और  diagnose होती है, इनके बारे मे नीचे लिखा जा रहा है /

  1. यह शत प्रतिशत १००%  पाया गया है कि “मानसिक बीमारियों ” MENTAL PROBLEMS मे  सिर की ओर Blood circulation  होता है  यानी PSYCHOLOGICAL DISORDERS मे ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन की traces ,  जिन्हे  कफ स्थान से रिकार्ड किया जा्ता हैं , वे traces  उर्ध्वाकार होती है /
  2. यह शत प्रतिशत पाया गया है कि जो व्यक्ति मानसिक श्रम अधिक करते है  या मानसिक कार्य कलाप अधिक है   या MENTAL WORK  related  कार्य करते हैं तो ऐसे लोगो की ” कफ स्थान ” की traces  उर्धवाकार होती है /
  3. EPILEPSY  या मिर्गी या अपस्मार के सभी मरीजों में traces POSITIVE  रिकार्ड होती है  यानी recorded traces उर्ध्वाकार होती है /
  4. जिन  रोगियों मे traces positive प्राप्त होती है या record  होती हैं,  ऐसे रोगियो को मानसिक तनाव अपने आप होता रह्ता है लेकिन हकीकत मे उनको मान्सिक तनाव की वजह नही पता होती है कि वे क्यो मानसिक तनाव झेल रहे है और इसके कया कारण है, ऐसा वे स्वय्म नही समझ पाते है  / ये रोगी मानसिक तनाव करते नही लेकिन इनको मानसिक तनाव कुदरती तौर पर बना रहता है /
  5. Positive traces  के रोगी मे एक और बात पैदा होती है कि वे जिस एक बिन्दु पर सोचते है या जो idea या सोच एक बार उनके दिमाग मे बैठ जाती है , वह idea  या विचार बिन्दु या सोचा गया जुमला बार बार हर सेकन्ड उनके दिमाग मे घूमता रहता है / हलान्कि ऐसे रोगी बार बार होने वाले विचारों को दिमाग से ह्टाना चाहते है , लेकिन  वे कोशिश करके भी ऐसे विचारों को हटा नही पाते /
  1. ANAND001 001

“K” leveled trace को कफ स्थान से रिकार्ड किया गया है /

ऊपर प्रस्तुत किया गया trace record यह एक मिर्गी EPILEPSY  के मरीज का trace record  है / जिसमे ट्रेसेस उर्ध्वाकार रिकार्ड हुयी हैं  यानी रिकार्ड  ऊपर की ओर पाजिटिव लेवल की हैं  /

नीचे एक कैन्सर के रोगी का रिकार्ड दिया जा रहा है जिसे lumpho Sarcoma  है और जिसे chemotherapy और radiation  दोनो का इलाज दिया जा चुका है लेकिन उसकी तकलीफ नही ठीक हुयी बल्कि और अधिक बढ गयी, इससे घबराकर वह आयुर्वेद का इलाज कराना चाहता था/ यह व्यक्ति किसी अच्छे आयुर्वेद  चिकित्सक की तलाश मे था / यह रोगी भारत सरकार की सेवा कर चुका है और रिटायर्ड हैं /

इस रोगी का Trace record नीचे दिया जा रहा है /

इस रोगी को PENIS  का  कैन्सर हुआ है  और इसकी केमोथेरपी तथा रेडियेशन कई कई बार हो चुका है लेकिन इसको कोई आराम नही मिली , बल्कि इस मरीज की तकलीफ और ज्यादा बढ गयी है / इस मरीज को मेरे इलाज करने के तौर तरीके के बारे मे एक अन्य इलाज करा चुके मरीज ने बताया था /

कन्स००१

इस Trace record  मे “d” waves और “e”  waves ऊर्धवगामी है यानी positive level  की है / लेकिन इसके साथ साथ “e” waves बहुत नीचे तक negative direction  मे पहुन्च रही है / इसके साथ साथ  “s” waves सामान्य से बहुत  अधिक  हो गयी हैं तथा “h” waves  नही बन रही हैं / “s” waves सीधे सीधे “k” waves  से मिल गयी है /

इस तरक के trace record तभी मिलते है . जब रोगी को SOMATO-PSYCHIC DISORDERS  पैदा हो जाते है / लम्बी  “k” waves  तभी प्राप्त होती है जब रोगी को CERVICAL SPINE  अथवा cervical spondylitis जैसी कोई बीमारी हो /

इस रोगी का E.T.G AYURVEDASCAN द्वारा किये गये रोग निदान तथा AYURVDA BLOOD EXAMINATION की रि्पोर्ट नीचे दी गयी है /

कन्स००१ 001

मरीज का ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन कराने के बाद उक्त तकलीफो का समूह सामने आया है / इसमे सबसे प्रमुख   SPLEENOMEGALY  उभर कर सामने आयी है /  PHYSICAL EXAMINATION जान्च करने पर इस रोगी की  SPLEEN  बढी हुयी पायी गयी /

कन्स००१ 002

कन्स००१ 003

कन्स००१ 004

कन्स००१ 005

कन्स००१ 006

ऊपर दी गयी सभी रिपोर्ट का observation करने  के बाद मरीज की तकलीफ का three dimensional diagnosis  की गयी और इस तरह की गयी diagnosis के  अनुसार उसे  आयुर्वेदिक दवाये लेने के लिये AYURVEDIC MEDICINE PRESCRIBE  की गयी /

कैन्सर से ग्रस्त इसी तरह के मरीजों मे ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन और इसके आनुसान्गिक supplementary & allied परीक्षणो के आधार पर इलाज करने से अवश्य सफलता मिलती है और रोगी की तकलीफें कम होती है और रोगी को अधिक  उम्र  मिलती है या उम्र बढने की सम्भावनाये होती है , ऐसी धारणा  हमारे रिसर्च सेन्टर मे कैन्सर के मरीजों के आयुर्वेदिक इलाज करने के बाद मान्य किये गये हैं /

आयुर्वेदिक इलाज करने से POSITIVE TRACES  यानी उर्ध्वागामी रिकार्ड ट्रेस पुन:  NEGATIVE SIDE  यानी नीचे की ओर धीरे धीरे आने लगती है और जिस  गति से ट्रेसेस नीचे कुदरती यानी प्राकृतिक अवस्था को प्राप्त करने लगती है अथवा रिकार्ड करने पर सामान्य की तरफ आने लगती हैं , वैसे वैसे मरीज के भी रोग और रोग-लक्षण ठीक होने लगते है और रोगी अपने स्वास्थ्य को प्राप्त कर लेता है /

A FEMALE case of HYPER-THYROIDISM with other gyneacological disorders एक महिला रोगी की हाइपेर-थायरायड के साथ साथ अन्य गायनोकोलाजिकल बीमारी की समस्या



यह केस एक ३५ साल की महिला का है , जिसको Hyper Thyroidism की शिकायत कई साल से थी / मरीजा ने दिनान्क २६.०६.२०१० को परामर्श किया था /

महिला को निम्न शिकायते थी, जिनके लिये वह परामर्श के लिये आयी थी /

१- अनियमित मासिक धर्म
२- मासिक होने से १० दिन पहले से मानसिक तनाव , अत्यधिक गुस्सा, झगड़ालू प्रवृति
३- मासिक के समय अत्यधिक रक्त श्राव, जिसके कारण रोगिणी बहुत कमजोर हो जाती थी
४- रोगिणी के स्तनॊं में सूजन और गान्ठे पड़ जाती है
५- पेट में सूजन

रोगिणी एलोपैथी का बहुत इलाज करा चुकी थी, उसको एलोपैथी के इलाज से कोई आराम नही मिला / मैने उसको सलाह दी कि अगर वह आयुर्वेदिक इलाज कराना चाहिती है तो वह एक ई०टी० जी० आयुर्वेदस्कैन का परीक्षण करा ले तो उसके सारे शरीर की बीमारियों के बारे मे पता चल जायेगा / दूसरा ऐसा कोई सरल तरीका नहीं है, जिससे उसकी बीमारी के बारे मे पता लगाया जा सके /

रोगिणी ने अपना ई०टी०जी० परीक्षण कराया, जिसकी फाइन्डिन्ग्स निम्न प्रकार से थी /

[अ] त्रिदोष;

कफ १३७.५२
पित्त ६८.७६
वात ५८.१५

[ब] सप्त धातु ;

मान्स १०२.०३
मेद ८१.००

[स] शरीर मे व्याप्त तकलीफॊं का अन्कलन

Mammery Glands 134.00
Lumber spine 122.22
Urinary Bladder 112.50
Mental/emotional/intellect 110.00
Sinusitis 110.00
Thyroid Pathophysiology 106.67
Uterus anomalies 88.50
Pelvic inflammatory disease 88.50
Renal anomalies 80.00
Menstrual anomalies 46.67

[द] रोग निदान ;

Bowel’s pathophysiology
Cervical spondylitis with Lymphadenitis
Epigastritis
Hormonal anomaly
Inflammatory and irritable bowel syndromes
Large intestines anomalies
Lumber pain
Mammary glands anomalies
Nervous temperaments
Tachycardia

इस रोगुणी को बताया गया कि उसे उक्त बीमारियां है / यह देखकर वह घबरा गयी कि इतनी बीमारियां एक साथ हो गयीं है / मैने उसको बताया कि ई०टी०जी० सिस्टम चूंकि सारे शरीर का स्कैन करता है इसलिये जो भी बीमारी या कार्य विकृति होती वह यह सब बता देता है / आयुर्वेद में सम्पूर्ण शरीर की चिकित्सा करने का विधान है, इसलिये जो भी फाइन्डिन्ग्स है उन सबका इलाज एक साथ होगा और आपको सारी तकलीफॊं में एक साथ आराम मिलेगा /

यह सुनकर मरीजा आश्वस्त हो गयी और उसको निम्न चिकित्सा व्यवस्था दी गयी /

अ- कान्चनार गुग्गुल १ गोली ; गले की गान्ठ के लिये
रज: प्रवर्तिनी वटी १ गोली ; मासिक धर्म की अनियमितता के लिये
ब्राम्ही वटी १ गोली ; नरवस्नेस और धड़कन के लिये
पुष्य्यानुग चूर्ण २ ग्राम के साथ दिन में दो बार सादे पानी से

ब- दश्मूलारिष्ट १० मिलीलीटर
कुमारीआसव १० मिलीलीटर
भोजन करने के बाद दोनों समय

मरीजा को १२० दिन दवा सेवन करायी गयी / दवा सेवनोपरान्त वह पूर्ण स्वस्थय है और उसे मासिक सम्बन्धी कोई तकलीफ नहीं है / उसकी थायरायड भी अब सामान्य कार्य कर रही है /

विटामिन की गोलियां खाने से कोई फायदा नहीं


यह हम नहीं कह रहे है, यह कह रहे है ब्रिटॆन के चिकित्सा शोध कर्ता / प्रकाशित खबर को पढ ले , आपको जानकारी हो जायेगी /

हम पहले भी कई बार कह चुके है कि विटामिन के अधिक उपयोग से शरीर मे “हाइपर विटमिनोसिस” की स्तिथि पैदा हो जाती है, जिसके परिणाम स्वरूप बहुत सी ऐसी बॊमारियां हो जाती है, जो बाद में असाध्य रोगॊ की श्रेणी में शुमार होने लगता है /

A case of Chronic THROMBOCYTOPENIA ; Reduced Platelet production ; Treated successfully by Ayurvedic medicines on basis of the findings of Electro Tridosha Graphy; ETG AyurvedaScan Report


This is a case of an Allopathic physician aged 60 years, who suffered from Viral Dengue hyperpyrexia and allied syndromes like Muscular-skeletal joints and articulation problems in August, 2006. He took allopathic medicines for his ailments, which relieved his Dengue problem but he suffered from joints and other syndromes.

After Blood pathological examination , this came in his notice that his platelets counts became down upto 15 thousands, a normal count is 1 lack 50 thousands to 4 lack 50 thousand, that created an agony to physician. His Hemoglobin became 6 mg% and for that he required to transfuse blood. He was advised to take 40 milligrams STEROID daily. He was admitted SGPGI Lucknow for three months. The practice of treatment was in run throughout four and half years.

One patient of mine asked the Physician, that Dr DBBajpai is treating patient on the basis of the findings of a newly invented technology ETG, if he desire for Ayurvedic treatment, he should go to Dr Bajpai and consult him.

The physician came to me and narrated his all story, I suggested him to go for an ETG examination.

The following wordsheet will provide all the data.

On the basis of the data, it is concluded that the patient is having , three main problems;

1- Bowel’s pathophysiology is present
2- Hepatospleenomegaly is present
3- Blood anomaly is present

The following Ayurvedic medicines were prescribed;

a- Kutajghan vati one pills
b- Arogyavardhini vati one pills
c- Gandhak Rasaayan one pills

To be taken Morning and Evening one dose daily with plain water

d- Sarivadyaasav 20 milliliters with equal quantity of water after Lunch and after Dinner

Patient was advised to carry treatment 90 days continuous.

On 6th January 2011 , pt came and told me that he is not taking STEROID from last two months and his swelling of whole body is vanished and other syndromes are relieved. His Blood platelets count is now 80 Thousand and he is feeling well than before.

I advised him to carry similar medicines for again 60 days. I told him that medicines will be changed after second ETG AyurvedaScan findings.

Comments; Ayurvedic treatment based on the findings of ETG AyurvedaScan is always fruitful and result oriented, which we have experienced after treating thousands of cases in our practice.

A CASE OF ASTHAMA TREATED SUCESSFULLY BASING ON THE FINDINGS OF THE ‘’ ELECTRO TRIDOSHA GRAM; ETG AyurvedaScan ‘’ REPORT


On 5th May 2010, one patient consulted me for his complaints. He came from remote area of Kanpur and was reffered by some earlier patient, who have taken my treatment previously.

At the first appearance, I observed the constitution. He was lean and thin and was unable to free walk because of his rapid respiration and easy fatigue.

Patient's Data Sheet containing all estmations in summerized form

Patient's Data Sheet containing all estmations in summerized form

The accompanied person told me the major complaints and symptoms similar to what I observed earlier.

I told them my way of treatment that first I will do an Electro Tridosha Gram examination and after that I will treat on the findings , whatever the report will provide.

Patient's recorded traces by Electro Tridosha Graphy system

Patient's recorded traces by Electro Tridosha Graphy system

They agreed and I recorded his traces. On seeing the traces, I simply gave some medicine for immediate starting of treatment and asked him to come day after tomorrow for complete ETG Report and then treatment accordingly.

ETG Reprt’s Findings

PART [a] ;The status of TRIDOSHA and TRIDOSHA BHED ; [From Highest to lowest numerical order]

153.68 Pitta Dosha
149.29 Snehan Kaphha
145.50 Kaphha Dosha
139.38 Pachak pitta
127.50 Ranjak Pitta
120.71 Shleshaman Kaphha
112.50 Pran vata
110.00 Sadhak Pitta
99.64 Kledan Kaphha All parameter’s NORMAL LIMIT is
90.00 Udan Vata
90.00 Lochak Pitta 95 to 99 e.v. [+- 5 e.v.]
88.10 Avalamban Kaphha
87.50 Bhrajak Pitta
84.17 Apaan Vata
82.97 Saman Vata
78.93 Rasan Kaphha
77.34 VATA
65.83 Vyaan Vata

PART [b} ; The Status of SAPTA DHATU including TRIDOSHA affected Sapta dhatu [From Highest to Lowest number orders]

108.10 Asthi Vata
104.69 Majja Vata
103.75 Asthi Pitta
102.67 Asthi
102.34 Majja Pitta
100.29 Majja
97.35 Asthi Kaphha
96.88 Ras Pitta
96.67 Maans Pitta
95.83 Majja Kaphha
94.17 Med Pitta
89.67 Ras
89.05 Med Kapha
88.93 Ras Kapha
88.75 Ras Vata
88.33 Mans Vata
88.00 Mans
87.33 Med
86.67 Rakta Vata
86.59 Shukra Pitta
85.61 Shukra Vata
85.56 Rakta
85.28 Rakta Pitta
85.24 Mans Kaphha
85.21 Shukra
83.89 Med Vata
83.51 Shukra Vata
83.49 Rakta Vata

PART [c]

• Oaj is 52 [Normal 48 e.v.]
• Vitality / Vital Force/ Smpurna Oaj is 40 [Normal 84 to 104 e.v.]
• Heart Beat/Pulse 115 per minute
• Health condition 143.74 e.v. [Normal 95 to 99 e.v.]

PART [d] Interpretation of traces ; Disease conditions Observed ; Diagnosis Findings

• Aneamia
• Bowel’s pathophysiology
• Cervical spondylitis
• Colon Ascending inflammation,hardness and swelling
• Colon decending inflammation, hardness and swelling
• Diaphragmatic problems
• Enlarged Liver with poor function
• Epigastritis with inflammation and hardness
• Excited Mental and Emotional Behaviour
• Eye and ENT anomalies
• Inflammatory and irritable Bowel syndromes
• Laryngopharyngotracheal anomalies
• Musculoskeletal anomalies
• Pulmonary organs anomalies
• Tachycardia

PART [e] Diseased parts on DATA BASE – Upper Ten and Lower Ten, Auto selection Data from Highest to lower and Lower towards Higher, have selected for treatment and selection of medicine purposes.

364.44 Thoracic Spine
362.22 Lumber Spine
300.00 Liver / Pancrease/Spleen
254.00 Epigastric pathophysiology
237.67 Urinary Bladder
218.57 Auto Nervous system [Data of Auto Nervous system and Heart stress
171.43 Heart stress/ Pulse stress are not considered in analysis but they have
155.56 Coccygeal spine diagnosis value. NormalParameters of these data
146.67 Sacral spine is not setup and fixed as they are under observations]
124.00 Spleen
112.50 Pulmonary Organs
108.61 Urine Evacuation

75.00 Thymus Pathophysiology
73.33 Frontal Brain
73.33 Mental/ Emotional/Intellect
73.33 Sinusitis
71.67 Occipital Brain
66.67 Abdomen/Intestine/Colon anomalies
60.00 Liver anomaly
59.58 Prostate Pathophysiology
52.78 Upper Limbs / Joints/ Muscles
45.00 Parietal Brain

This was the data sheet of the patient.

Summerizes Data for Treatment and management of case. ETG AyurvedScan facilitates physician for AUTOMATIC SELECTION OF APPROPRIATE AYURVEDIC CLASSICAL MEDICINE can be seen in this sheet

Summerizes Data for Treatment and management of case. ETG AyurvedScan facilitates physician for AUTOMATIC SELECTION OF APPROPRIATE AYURVEDIC CLASSICAL MEDICINE can be seen in this sheet

Discussion;

After going thorugh the ETG report, it was observed the highest data aquired area , are Thoracic Region in four dimensions including Lumber region. That means these entire areas are affected much more. I asked about his occupation. He told me that he is a truck driver and driving heavy vehicle many hours or thorugh out a day.

His Liver data was high. I asked about his habits. He told me that he is consuming Liqour daily in heavy quantity to avoid fatigue and pressure.

Over all in conclusion of his diagnosis, I observed both the [a] diagnosis from recorded traces and [b] diagnosis from Data received. Both are taken into consideration and in conclusion it is found that he is suffering from Tachycardia, Pulmonary anomaly, poor function of Liver, Epigastritis , Bowel’s pathophysiology etc.

Treatment / Medicine prescription;

The following medicine was pescribed;

1- Kutaj ghan vati , Arogya vardhini, Gandhak Rasayana, Prabhakar Vati, Triphala Vati and Shwas kuthar ras was prescribed
2- Arjunarisht, Kumari asav with shankhadrav was prescribed after meal both the time
3- This treatment was given for 15 days
4- I instructed him to not to consume Alcohol and should take complete rest with Pathya and Parhez.

The patient came with satisfactory relief after 15 days.His pulse was 95 per minute, which was earlier 115 per minute. His Asthama was relieved.

He was given again the similar treatment for 15 days. After this period, his pulse rate becomes normal limit and his Asthma was much better.

Recently, he have taken again 15 days medicine. On examination of his Lungs, I found that he is having a little problem, which I think, will be over rid soon.

Conclusion;

This is one of the case which I cited here to convey the massage to the entire Ayurvedic community, how Electro Tridosha Graph/gram ; ETG AyurvedaScan system is helpful to treat the patient confidentaly, quickly, safely and scientifically with the evidence, how Ayurvedic treatment is effective in those condition, which is under estimated by the Modern Western Medicine system?

Electro Tridosha graphy ETG AyurvedaScan Report‘s Ninth Page ; Evaluation of AYURVEDIC FUNDAMENTALS’ DATA in Lowest to Highest numerical orders


The Ninth page of ETG AyurvedaScan Report contains the followings;

  • Evaluated data of SIGN & SYMPTOMS of VATA Dosha
  • Evaluated data of SIGN & SYMPTOMS of  PITTA Dosha
  • Evaluated data of SIGN & SYMPTOMS of KAPHHA Dosha

 

Electro Tridosha graphy ETG AyurvedaScan Report‘s Ninth Page ; Evaluation of AYURVEDIC FUNDAMENTALS’ DATA in Lowest to Highest numerical  orders

Electro Tridosha graphy ETG AyurvedaScan Report‘s Ninth Page ; Evaluation of AYURVEDIC FUNDAMENTALS’ DATA in Lowest to Highest numerical orders

 

Apart from this , each FIVE BHEDA of DOSHAS’ SIGN & SYMPTOMS are given in this data sheet .

 

This Data sheet contains the Lowest Evaluation to Highest Evaluated SIGN & SYMPTOMS of TRIDOSHA & TRIDOSHA BHED.

 

This evaluation helps clinician to correct diagnosis and then proper selection of medicine and management of the case.

 

“अखन्ड जीवन ” मासिक पत्रिका, मई २०१० के अन्क में आयुर्वेद की आधुनिक तकनीक ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन के बारे में प्रकशित लेख


आयुर्वेद की प्रसिद्ध त्रैमासिक हिन्दी और इन्ग्लिश भाषा मे छपने वाली पत्रिका अखन्ड जीवन के मई २०१० के अन्क में इलेक्ट्रो त्रिदोष ग्राफ / ग्राम ई०टी०जी०  आयुर्वेद स्कैन के बारे मे जानकारी दी गयी है ।

मैने इस पत्रिका के सम्पादक से वादा किया है कि आयुर्वेद स्कैन इलेक्ट्रो त्रिदोष ग्राफी से समबन्धित जितने भी कार्य कलाप है, पूर्व मे, वर्तमान में और  भविश्य में जितने भी शोध कार्य हो चुके है, वर्तमान में हो रहे है या भविष्य में होन्गे, वे सबसे पहले इसी पत्रिका में प्रकशित होन्गे ।

इस पत्रिका के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिये नीचे लिखे पते पर सम्पर्क करें ।

सम्पादक ; वैद्य निरन्जन सिह त्यागी,

अखन्ड जीवन पत्रिका कार्यालय,

 १६९, श्रीनगर, रेलवे रोड,

 हापुड़,

 जनपद गाजियाबाद