आयुर्वेद और ह्रूदय की बीमारियां : Ayurveda and Cardiac disorders

आयुर्वेद हर व्यक्ति को यह बताता है कि शरीर को स्वस्थ्य कैसे बनाये रखना चाहिये । इस शिक्षा के बाद आयुर्वेद यह बताता है कि यदि कोई व्यक्ति बीमार पड़ जाय तो उसे क्या सावधानी बरतना चाहिये, क्या दवायें उपयोग करना चाहिये जिससे बीमार व्यक्ति शीघ्र स्वास्थय प्राप्त कर ले । पुन: स्वस्थय हो जाये ।

यह नियम सभी प्रकार के बीमारियों से ग्रसित व्यक्तियों के लिये है ।

आयुर्वेद बताता है कि गलत रहन सहन और आद्तों से ओयक्ति बीमार होता है । इसलिये दिल के बीमारों को इस बात का विशेष खयाल करना चाहिये ताकि वे स्वस्थय बनें रहें ।

आयुर्वेद में दिल के रोगों की चिकित्सा के लिये बहुत सी औषधियां हैं जिनके सेवन से दिल के रोगों से बचा जा सकता है और यदि दिल के रोग हो जायें तो उनकी चिकित्सा भी की जा सकती है ।

Regular intake of Ayurvedic medicines LOHASAVA & KUMARIASAV can prevent Cardiac disorders. These medicines can be taken by all heart problem’s sufferers.

कुदरती खानपान और बताये गये तौर तरीकों के अपनानें से दिल के रोगॊं से बचा जा सकता है ।

Homeopathy in Emergency आपातकालीन होम्योपैथी चिकित्सा

बेहोश, आधे बेहोश, अत्यधिक चक्कर आने, अचानक कमजोरी आ जाना, बहुत घबराहट, ऐसा लगे कि “अब मर जाउंगा और अब जीवन बचेगा नहीं “, हृदय रोग की अचानक बढ गयी बीमारियों तथा अन्य सभी प्रकार की emergency वाली स्तिथियों में मै Homeopathy का एक mixture रोगियों को देता हूं । इस मिक्स्चर से अमूमन शत प्रतिशत मरीजों को लाभ हो जाता है । इसे मैने हज़ारों बार आजमाया है । इस फार्मूले में थोडी सी हेर्फेर कर लेने से यह बहु उपयोगी बन जाता है ।

इस फार्मूले की दवायें निम्न हैं । यह सभी Mother Tincture फार्म में हैं ।

Crateagus Oxycantha Q
Avena Sativa Q
Alfalfa Q
Ashwagandha Q

इसे बराबर बराबर मात्रा में मिला लेते है । कोई भी इमर्जेंसी की स्तिथी हो इसका एक चम्मच मिश्रण चार चम्म्च पानी में मिलाकर पिला दें । इसे ५ मिनट के अन्तराल से लेकर एक घन्टे के अन्तराल से रिपीट कर सकते हैं । यदि रोगी को नींद न आये तो इसमें Passiflora incarneta Q की १२० बूंद मिलाकर दें । यदि कोई इन्फेक्सन हो, तेज़ बुखार हो तो इसमे Echinesia ang Q की ५ से १० बूंद दवा मिला दें । यदि Brain Heamorrhage की स्तिथि हो और रक्त चाप ज्यादा हो तो इसमें Raulfia Serpentina Q ,20 drops के साथ Ficus religiosa Q की २५ बूंद मिलाकर देना है । हृदय के रोग में Terminalia Arjuna Q की २० बूंद दवा मिला देना चाहिये । फेफड़ों से समबन्धित कोई रोग हो, तो इसमें Aspidosperma Q की १५ बूंद दवा मिला कर दे ।

इस दवा का मिश्रण किसी भी Nebuliser के द्वारा नाक के जरिये सुन्घाया भी जा सकता है, यदि किसी रोगी को दमा या तेज़ खांसी का अटैक पड़ गया हो । इस मिश्रण की vapour से भी बहुत फायदा होता है ।