CURED CASE OF FISTULA WITHOUT SURGERY / OPERATION ; फिश्चुला / भगन्दर के एक रोगी के बिना आपरेशन के हमारे यहा से ठीक हो चुके व्यक्ति से सीधे हमारे इलाज के बारे मे जानकारी करे


फिश्चुला यानी भगन्दर एक लाइलाज बीमारी समझी जाती है / ऐसा आधुनिक यानी एलोपैथी के डाकटर समझते है /

लेकिन आयुर्वेद की आधुनिक निदान ग्यान की तकनीक ई०टी०जी० आयुर्वेदा स्कैन और इसके अन्य समबन्धित परीक्षणो तथा आयुर्वेदिक रक्त और मूत्र परीक्षणो के परिणामो के बाद प्राप्त डाटा का अध्ध्य्यन करने के बाद आयुर्वेद और होम्योपैथी और यूनानी और अन्य चिकित्सा विधियो के दवाओ और मनेज्मेन्ट तथा जीवन शैली के आपनाने से यह बीमारी बिना आपरेशन के जड़ मूल से समाप्त हो जाती है /

हमारे रिसर्च सेन्टर मे जितने भी फिस्चुला के रोगी इलाज के लिये आये है सभी के सभी ठीक हुये है और उनको तकलीफ मे आराम मिली है /

हमारे यहा से इलाज कराकर ठीक हो चुके फिस्चुला के रोगी श्री कुमार ्से मोबाइल नम्बर 09919477058 पर फोन करके हमारे इलाज के बारे मे पूछ सकते है / कृपया इस रोगी से जानकारी प्राप्त करे और इनको अनावश्यक परेशान मत करे /

fistula

H.I.V. PATIENT CURED BY AYURVEDA AND HOMOEOPATHIC AND UNANI COMBINATION TREATMENT ; एच० आइ० वी ० के मरीज का आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक और यूनानी द्वाओ के द्वारा पुरी तरह से क्योर होने का विवरण


एच० आई० वी० के इन्फेक्शन से ग्रसित एक महिला रोगी का विवरण नीचे प्रस्तुत है / इस महिला को यह इन्फेक्शन उसके पति द्वारा ्मिला / पति और पत्नी दोनो ही इलाज के लिये आये थे /

महिला का इलाज आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक और यूनानी दवाओ के द्वारा किया गया है / अब महिला ठीक है उसका स्वास्थय ठीक है /
fhiv001
fhiv001-001

fhiv001-002

fhiv001-003

fhiv001-004

fhiv001-005

fhiv001-006

डेन्गू और चिकन गुनिया और दूसरे वायरल बुखार का आयुर्वेदिक और आयुष उपचार


इस बार बरसात के दरमियान डेन्गू और चिकन गुनिया के वायरल बुखार के कारण देश के विभिन्न हिस्सो से लोगो के मरने और परेशान होने की शिकायते मिली है /

वायरल बुखार का जिस तरह से मैने उपचार किया है उसका अनुभव मै सबके साथ शेयर कर रहा हू /

१- आयुर्वेद और होम्योपैथी और यूनानी और अलोपैथी के काम्बीनेशन इलाज से यह बुखार तीन से पान्च दिन मे बहुत सुगमता के साथ ठीक हो जाता है

२- यह बहुत सेन्सिटिव बुखार है इसलिये इसका इलाज बहुत सोच समझ कर करना चाहिये / लापरवाही जान्लेवा हो सकती है /

३- आयुर्वेदिक औषधि महासुदर्शन घन वटी २ गोली, आनन्द भैरव रस दो गोली , महा ज्वरान्कुश रस दो गोली चार चार घन्टे के अन्तर से खाना शुरु कर देना चाहिये

४- COMBIFLAM TABLETS को चार चार घन्टे के अन्तर से खिलाना चाहिये

५- homoeopathic tincture्स का मिश्रण दिन मे दो बार देना चाहिये
बराबर मात्रा मे नीचे लिखे होम्योपैथिक मदर टिन्क्छर को मिला ले और इसका एक से लेकर दो चम्मच तक आधा कप पानी मे मिलाकर दे

अ- TINOSPORA CARDIFOLIA Q
B- AZADIRACHTA INDICA Q
C- CHIRAYATA Q
D- KALMEGH Q
E- ECHINESIA Q

६- यूनानी के अर्क चिरायता, अर्क उस्बा, अर्क मुन्डी प्रत्येक २५ मिलीलीटर लेकर बराबर पानी मिला ले और फिर इसको दिन मे कई बार पीना चाहिये

इतने उपचार से बहुत सुगमता और सरलता से यह बुखार ३ से पान्च दिन के अन्तराल मे ठीक हो जाता है

रोगी को पूरी तरह से बिस्तर पर आराम करना चाहिये और शारीरिक श्रम बिल्कुल नही करना चाहिये / हल्का खान पान यथा ब्रेड मक्खन, आलू की टिकिया , चाय, दूध , बिस्किट आदि खाना चाहिये /

शीघ्र आने वाले बुखार का यदि जितनी जल्दी उपचार करेन्गे तो यह जल्दी ठीक हो जाता है /

लापरवाही करने से यह बहुत खराब स्तिथि मे होता तब यह जान लेवा साबित हो स्कता है

यह मेरे observation मे आया है कि जो रोगी या जो लोग आयुर्वेद के आसव और अरिष्ट का बरसात के दिनो मे सेवन लगातार खाने के बाद किया करते है उनको वायरल बुखार से बचाव होता है / या तो ऐसे रोगियो को वायरल का अटैक नही होता और यदि होता है तो बहुत मामूली सा जो एक या दो दिन के उपचार से ठीक हो जाता है / इससे ऐसा लगता है कि वायरल का अटैक आन्तो के जरिये पूरे शरीर मे फैलता है / आयुर्वेद के आसव मे कुदरती यीस्ट और कुदरती विटामिन बी काम्प्लेक्स पैदा हो जाता है / आसव मे गुड़ का उपयोग करते है / गुड़ मे मिनरल और अन्य कई तरह के कुदरती पोषण पदार्थ होते है जिनके कारण यह इसके साथ फर्मेन्टेद जड़ी बूतियो के गुण आ जाते है , घुल जाते है / इस कारण से यह बहुत उच्चकोटि की दवा बन जाती है /

आयुर्वेद के आसव हमेशा खाने के बाद प्रयोग किये जाते है / पाचन सनस्थान के लिये यह बहुत उच्चकोटि की औषधि है / आन्तो के अन्दर पनपने वाले वायरल कीटाणु आसव के प्रभाव से न्यूट्रल हो जाते है और वायरस का असर शरीर पर नही पड़ता है / ऐसा मेरा मानना है /

इसलिये मेरी सलाह है कि यदि वायरल के प्रभाव से बचना है तो आयुर्वेद के आसव का उपयोग करना चाहिये ताकि इस वायरल की बीमारी से बचा जा सके / इस बिन्दु पर आयुर्वेद के छात्रो को रिसर्च करना चाहिये और इसके क्या परिणाम मिलते है , यह देखना चाहिये /

जिन बीमारियो को “”लाइलाज “” एलोपैथी के डाक्टरो द्वारा लाइलाज बता दिया गया है , ऐसे बहुत से रोगी आयुर्वेद और होम्योपैथी और य़ूनानी चिकित्सा द्वारा पूरी तरह से ठीक हो चुके है , पाठक इन सभी मरीजो से सीधे बात करके हमारे द्वारा किये जा रहे इलाज के बारे मे जानकारी कर सकते है ;;“”INCURABLE DISEASE CONDITION’’ DECLARED BY ALLOPATHIC DOCTORS AND SPECIALIST HAVE BEEN CURED BY AYURVEDA AND HOMOEOPATHY AND UNANI COMBINATION AND INTEGRATED DIAGNOSIS AND TREATMENT AND MANAGEMENT ; READERS CAN TALK DIRECTLY TO PATIENTS AND PATIENT’S RELATIVES AND CAN ASK AND ENQUIRE ABOUT OUR METHODOLOGY OF TREATMENT ;


We are happy to share the experiences of Patients of INCURABLE DISEASE CONDITIONS DECLARED BY ALLOPATHIC DOCTORS and came for cure to our research center and who have undergone to our developed E.T.G. AyurvedaScan based methodological approach of AYUSH Diagnosis and treatment and management and after that got fully cured. Below is given some patient’s mobile number to whom readers can contact directly. Patient’s Relatives and Patient himself have given their consents and assured that they will response to the readers and will tell about their experiences.

1- Declared BY Allopathic specialist INCURABLE DISEASE CONDITIONS patient got cure. Readers can contact directly to patient Shri RITESH HARBOLA on mobile number 09997629280 , who suffered from

incurable conditions as is declared by doctors. After that he came to me for our treatment.

2- Declared INCURABLE disease by Allopathic doctors and specialist, Mr. SANDEEP mobile number 09829612990 came to me for his treatment .

3- Under mentioned  patient has implanted Metal Rod in his hand. His bone was not forming calous and  was suffering by post surgical interventions and its effects. He was suffering by Diebeties also. It was a very complicated case. He came in this condition for treatment to our concerns.AFTER FEW MONTHS TREATMENT HE GOT CURED FROM dIEBETEIS AS WELL AS OTHER PROBLEMS.His implanted rod was removed from his body. Readers can talk to this patient directly on mobile number 09919892082 by calling Shri Bhanu Prakash Jaiswal 

4- Under mobile number patient was suffering from H.I.V.  problems and was suffering by its syndromes . After our treatment he is now passing his normal life. Any body can talk to him directly and can ask about our treatment. Call Mr. KUMAR mobile number 08877362655. Ask this gentleman how we treat HIV cases.

5- Given under mobile number of this patient, who was suffering from SPINAL CORD PROBLEMS  and was unable to walk even a step was difficult to move. He is now fit and doing his all business. Ask and talk about our treatment to Mr HOSHIYAR mobile number 09812560221.

6- नीचे दिये गये मोबाइल नम्बर के मरीज के सारे शरीर मे गान्ठे हो गयी थी / इसके साथ इसको फाइलेरिया की भी बीमारी हो गयी है / हमारे यहा के इलाज करने से इस मरीज को बहुत आराम मिला / आप सभी पाठक इस मरीज से सीधे सीधे बात करके हमारे इलाज के विधियो और तौर तरीको के बारे मे जानकारी प्राप्त कर सकते है / मरीज का नाम मोहन है और इनका मोबाइल फोन नम्बर 09973308564  है / आप सभी बाते इनसे पूच सकते है लेकिन आप सभी से निवेदन है कि दिये गये नम्बरो के मरीजो को अनावश्यक बाते करके परेशान  मत करे /

Readers are requested, please ask the relevant quarries to these patients and do not harass and disturb them by asking absurd questions.
Many patients do not like to expose themselves publicly , yet they want to convey the cure they from me to others for benefiting the sick humanity by sharing their cure experiences. This is the reason they prepared for this job.
I thanks to my patients who helps me in this endeavor.
iso001-001

CURED CASES OF “ EPILEPSY “ IN TOTAL BY AYURVEDA AND HOMOEOPATHY AND UNANI COMBINATION AND INTEGRATED DIAGNOSIS AND MANAGEMENT ; READERS CAN GO DIRECTLY TO PATIENTS AND PATIENT’S RELATIVES DIRECTLY AND CAN ASK AND ENQUIRE ABOUT OUR METHODOLOGY OF TREATMENT


We are happy to share the experiences of Patients of EPILEPSY, who have undergone to our developed E.T.G.
AyurvedaScan based methodological approach of AYUSH treatment and management and after that got fully cured.

Below is given some patient’s mobile number to whom readers can contact directly. Patient’s Relatives and Patient himself have given their consents and assured that they will response to the readers and will tell about their experiences.

1- EPILEPSY patient got cure, her relative is Mr SAHIB Singh. Readers can contact Mr Sahib singh mobile number 09871478336 .

2- EPILEPSY patient got cure, His relative is Mr Pandey. Readers can contact Mr Pandey mobile number 09926521182.

3- EPILEPSY patient got cure , his relative is Mr SHASHI KUMAR. Readers can contact to this gentleman on mobile number 09934219731.

Generally majority of patient do not willing to share their experiences of cure , who have gone through our treatment which is based on the findings and analysis of ETG AyurvedaScan and its related tests and examinations.

We will provide more and more cured patients of EPILEPSY contacts numbers so that readers may discuss about our way of treatment and methodology.

angrejiepilepsiu001

HAM DILFEK ASHIK HAI , CHUM KARAKE LAL KAR DE


A LOVELY COMMENTS CAME IN MY COMMENT BOX. I AM COPYING IT , READERS ARE REQUESTED TO GO THROUGH THE COMMENTS AND ANSWER.

=============================================

suyash mishra
ayurvedaintro.wordpress.com/about/#comment-45851
suyashmishra1995.sm@gmail.com
106.221.132.254
हम दिलफेक आशिक़ है, हर काम में कमाल कर दे,
जो वादा करे वो पूरा हर हाल में कर दे,
क्या जरुरत है जानू तुम को लिपस्टिक लगाने की,
हम चूम-चूम के ही होंठ तेरे लाल कर दे !!
——- REPLY ——-

YOUR MENTIONED DISEASE CONDITION IS CURABLE BY OUR LATEST INVENTED METHODS OF AYURVEDA DIAGNOSIS BY HI-TECHNOLOGICAL MACHINES AND AYURVEDA AND AYUSH COMBINATION TREATMENT AND AYURVEDA MENTIONED LIFE STYLE MANAGEMENT PROCEDURE’S ADOPTIONS.

ETG AYURVEDASCAN PARIKSHAN KARAKAR AYURVEDIC / AYUSH YANI AYURVEDA AUR HOMOEOPATHY AUR UNANI AUR YOGA PR——-AKRATIK CHIKITSA KA MILAJULA ILAJ KARANE SE SABHI TARAH KE ROG JINAKO LAILAJ BATA DIYA GAYA HO YAH SABHi AVASHY THIK HOTE HAI.

See interview of cured patients and lectures on ETG AyurvedaScan technology. You can talk and conversation directly to patient by logging at our account at below ;
http://www.youtube.com\drdbbajpai

For Appointment and Fees and charges;
ask Directly to Dr. A.B. Bajpai , Assistant to Dr. D.B.Bajpai and ETG AyurvedaScan Specialist Mobile no: 08604629190 Morning – 9 to 10 AM and Evening 7 to 8 PM
अगर इलाज कराने के लिये APPOINTMENT और इलाज कराने की फीस के बारे मे जानकारी लेना चाहते है तो नीचे लिखे मोबाइल नम्बर पर सम्पर्क करें /08604629190
PATIENTS FROM OTHER COUNTRIES / NEIBOURING States & COUNTRIES / OUT SIDE INDIA / CONTINENT’S CITIZENS / OVERSEAS SICK PERSONS , who want our treatment for any disorders, should contact Dr. D.B. Bajpai by e-mail because telephonic contacts / telephonic talks / telephonic conversations are not possible for us. E-mail; drdbbajpai@gmail.com
हमारे यहां से ठीक हो चुके रोगियो और ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन टेक्नोलाजी के बारे मे जानकारी चाहते है तो आप हमारे नीचे लिखे यू ट्यूब एकाउन्ट मे लाग आन करे / आप हमारे द्वारा ठीक किये जा चुके मरीजो से सम्पर्क कर सकते है /
http://www.youtube.com\drdbbajpai
you can go for more details about our activities at log on
http://www.ayurvedaintro.wordpress.com

स्कूल जाने वाले बच्चो मे कन्धे और पीठ और सीने यानी चेस्ट केज और कमर मे दर्द की शिकायत और रीड की हड्डियो मे पैदा हो रही बीमारियां


मुझे शहर और देहात दोनो क्षेत्रो मे मरीजो को देखने का अवसर रोजाना और अक्सर मिलता रहता है /

कई बार स्कूल जाने वाले बच्चे अपने मा बाप से शिकायत करते है कि उनको सिर मे दर्द रहता है या उनके कन्धे दर्द करते है या उनकी गर्दन और पीठ दर्द करती है या उनकी कमर दर्द करती है या उनके दोनो पैर दरद करते है /

पहले जब इस तरह की शिकायते बच्चो के माता पिता करते थे तो मै इन सब्को नजर अन्दाज करता था और इसे बहुत ही मामूली किसम की आये दिन की तकलीफो से जोड़ दिया करता था / मेरा अनुमान था कि बच्चे परिवार मे आये दिन अपने माता पिता को गठिया वात या पीठ का दर्द या कमर का दर्द या कन्धे का दर्द या हाथ का दर्द की शिकायते सुनते रहते है इसलिये बच्चो के नाजुक स्वभाव के कारण और मा बाप से सहानुभुति रखने के कारण ऐसा कहते होन्गे /

यह भी हो सकता है कि उनको गले की लैरिन्गो फैरिन्गियल ट्रकियल अथवा ई०एन०टी० की बीमारी हो इसलिये इन तकलीफो का किसी तरह का रिफ्लेक्शन हो और फिर इस तरह के सिन्ड्रोम्स आ गये हो /

लगभग एक साल पहले एक दिन मेरी पोती ने जो दस साल की है उसने मुझसे शिकायत की उसे सीने मे दर्द होता है / उस समय बरसात का सीजन चल रहा था मैने विचार किया कि यह दर्द बर्साती हवाओ से हो सकता है या फिर यह सब ए०सी० मे सोते है या ठन्डे पानी से स्नान करते है इस कारण से मस्कुलर स्पास्म जैसी शिकाय्त हो सकती है क्योन्कि पोती की जान्च करने के बाद मुझे कुछ भी एब्नार्मल नही मिला /

मै प्रत्येक इतवार सोनिया गान्धी के चुनाव क्षेत्र मे यानी जनपद राय बरेली मे कस्बा भोज पुर मे स्तिथि “भारत रत्न राजीव गान्धी स्मारक आयुर्वेद शोध सन्स्थान , भोज पुर, पूरे पान्डे रोड, रायबरेली , उ०प्र० ” मे मरीजो को देखने और उनकी जान्च और उनके आयुर्वेदिक और आयुष इलाज के लिये यहा आता जाता रहता हू /

ज्यादातर मै अपनी कार से ही वहा मेरा आना जाना होता है जिसमे मै अपनी कुछ गिनी चुनी मशीने और मानीटर लेकर जाता हू जो पोर्टेबुल है और बैटरी से चल जाती है क्योन्कि वहा पावर सप्लाई की बहुत समस्या है / वहा सब मशीने लेकर जाना सम्भव नही होता इसलिये जरूरी मशीनो को ले जाता हू / क्योन्कि कार मे लाद कर ले जाने मे मुझे कुछ भी असुविधा नही होती है /

लेकिन जब मै कार से नही जाता और मुझे बस से जाना होता है तो मै अपने बैक पैक मे १० से लेकर १५ किलो तक की मशीने पीठ मे लाद कर ले जाता हू /वहा पहुचने मे पैदल और बस और मोटर साइकिल का लम्बा सफर तय करना होता है जिसमे कई घन्टे लग जाते है / आने जाने मे पूरा दिन बर्बाद हो जाता है और लगभग १७५ किलोमीटर का सफर तय करना होता है / इलेक्ट्रानिक मशीने बहुत नाजुक होती है इसलिये मै बस मे या पैदल या मोटर साइकिल मे उनको अपनी गोद मे या कन्धे मे लटकाये रहता हू /

रात मे जब मै सोने लगता तो मेरे कन्धे और गर्दन और पीठ और सीने मे दर्द होना शुरू हो जाता और सारा हिस्सा अकड़ जाता / पहले मै यह समझा कि मुझे स्पान्डिलाइटिस की पुरानी तकलीफ है और मै ए०सी० मे सोता हू , कम्प्य़ूटर मे भी झुक कर काम करता हू इसलिये ऐसा होगा /

कुछ हफ्ते मुझे बार बार रायबरेली जाना पड़ा / इससे मेरी तकलीफ और बढ गयी / अब मै चिन्तन करने लगा कि मुझे ऐसी तकलीफ क्यो और कैसे बढी है और इसका कारण क्या है / मैने वाच करना शुरु किया और जल्द ही पता चल गया कि यह सब मेरा मशीने से भरे १० या १५ किलो बैक पैक के लादने के कारण है /

मैने बैक पैक लादना छोड़ दिया और एक करमचारी रख लिया जो सब सामान ले जाने लगा / मेरी तकलीफ धीरे धीरे ही सही , ठीक होने लगी /

मेरी पोती ने फिर शिकायत की कि उसे कन्धे और सीने मे दर्द होता है / मै समझ गया कि जितना इस्का वजन नही है उससे ज्यादा तो यह सामन उठाती है और लेकर आती जाती है / यह दर्द उसी के कारण है / मैने बहू और लड़्के से कहा कि इसका बस्ता हल्का करो तभी इस समस्या से निजात मिलेगी /

मेरा लड़्का बच्चो को कार से ले जाता है और ले आता है बच्चो के बैक पैक को अधिक देर तक कन्धे मे न लादने से उनकी यह समस्या दूर हुयी है /

मेरे पास इस तरह की शिकायत लेकर आने वाले बच्चे और उनके माता पिता को मै हिदायत करता हू कि यह सब बस्ते के वजन के कारण है जो बच्चो के नाजुक कन्धे सहन नही कर पाते है और इस तरह की आगे चलकर भविष्य मे गम्भीर बीमारियो को आमत्रण देते है /

बड़ी तेजी से बढ रही रीढ की हड्डियो की बीमारियो का यह एक बड़ा कारण हो सकता है / आज कल न्य़ूरोलाजिकल बीमारिया भी बहुत बढ रही है यह रीढ की हड्डी के कम्प्रेशन से भी हो जाती है / मैने बहुत से मरीजो को देखा है जिनकी बीमारी की वजह रीढ से समबन्धित थी / उनके केस को कई पोस्ट मे जिक्र किया है /

यह सोचने का काम समाज और सरकार का है कि इस तरह से बच्चो को किताब का बस्ता लादकर उनको बीमार बना देना कहां तक उचित होगा ?

A CASE OF H.I.V. PATIENT’S IMPROVEMENT BY AYURVEDA AND HOMOEOPATHIC AND UNANI COMBINATION TREATMENT


Among path of cure of H.I.V. AFFECTED PATIENT ,treated by our RESEARCH CENTER by Ayurvedic and Homoeopathic and Unani combination treatment and duly diagnosed by the latest invented AYURVEDA AYUSH hi-technology ETG AyurvedaScan and its advance versions.

Following presented report done by the Lady patient, affected by her Husband , to see the improvement in her condition. Report  shows her improved condition which was worse earlier and before comming to our treatment  than before.

Symptomatically and syndromatically she gained weight and her general physical condition is much  better now, after our treatment.

Her report is given below; We are hiding her identity due to obvious reasons.

hiv001

We have said earlier that HIV patient stage one and stage two can be well managed by AYUSH therapies treatment.

 

 

 

LEUCODERMA CASES ; WHO ARE TREATING BY OUR CONCERNS ; READERS CAN CONTACT DIRECTLY TO THESE NUMBERS AND CAN TALK TO PATIENT DIRECTLY


We thanks to our LEUCODERMA patients, who have undergone our treatment and cured and partially cured and improved by our treatment, now pleased to answer the queries asked by the Blog readers.

1- Mobile number 09717759899, Rajesh
One of his family member is being treated by us, who is suffering from LEUCODERMA, is now improving by our treatment, readers can ask directly to Mr. RAJESH mobile number 09717759899 about our activities and individual method of treatment.

2- Mobile number 09452528904 , ANIL
Mr Anil is himself suffering from LEUCODERMA from childhood, he is under my treatment at present.
Blog readers can ask and enquire about our method of individual treatment and other queries which they wish to ask.

3- MOBILE NUMBER 09415039517, contact Mr. Rakesh , with reference to me

His one of the family member was suffering from LEUCODERMA / VITILIGO and is fully cured now. Started treatment before 2 yrs and cured before one year, did not occured again sice one and half years.

4- LEUCODERMA ; CONTACT TO MR. MANJHI, MOBILE NUMBER 07275465838

Readers of this blog may contact to these mentioned persons, giving my reference.

ऊपर दिये गये  मरीजो के मोबाइल नम्बर  पर इस ब्लाग के पाठको से निवेदन है कि पूछने वाले  लोग दिये गये मरीजो से केवल पूछ ताछ करे और    अनावश्यक  बाते करके  मरीजो को परेशान मत करें /

Thanks to our both patients, who prepared himself for this queries job. Generally my experience is very bad about those that cured patients, who do not wish to share the cure experiences to others. Cured patient generally did not share the cure to others even to their relatives and want to hide all about. This is the reason, we can not share the cures of those isease conditions for which there is no treatment in Allopathy but they got cured by Ayurveda and Homoeopathy and Unani combination treatment.

ak001 011

VIRAL / DENGUE / FEVER WHICH IS NOT UNDER CONTROL CAN BE TREATED AYURVEDICALLY AND AYUSH THERAPIES TREATMENT AND MANAGEMENT


DENGUEFEVER001आयुर्वेदिक अथवा होम्योपैथिक अथवा यूनानी दवाओ के काम्बीनेशन इलाज से सभी तरह के वायरल बुखार कुछ दिनो मे पूरी तरह से ठीक हो जाते है / 

बुखार जैसे ही आना शुरू हो या पता लगे कि वायरल बुखार हो गया है तुरन्त आयुष का इलाज शुरू कर देना चाहिये / 

फौरन इलाज करने से यह बुखार दो या तीन दिन मे पूरी तरह से ठीक हो जाता है / 

ज्यादा पुराना बुखार होने पर इलाज करे लेकिन किसी आयुर्वेदिक अस्पताल के चिकित्सक की सलाह लेकर / 

तुरन्त आये बुखार शत प्रतिशत ठीक होते है और किसी भी प्रकार की अनहोनी नही होती है /