दिन: अक्टूबर 19, 2008

Osteoporosis यानी अस्थि म्रदुता यानी अस्थि का लचीला होना यानी शरीर की हड्डियों का कॆल्शियम कम होना


जब शरीर की हड्डियों में , जो खस तौर पर हाथ और पांव और कूल्हे/कमर स्थान की होती है, इनके अन्दर में एकत्र केल्सियम calcium का छरण / कॆल्सियम के धीरे धीरे कम होते रहने , calcium deficiency  के कारण, जब हड्डियां  कमजोर होने लगती है, तब इस स्तिथी को Osteoporosis  य़ा अश्थि म्रदुता की बीमारी कह्ते है ।

जिस प्रकार मधुमक्खी के छ्त्ते बने हुये होते है, करीब करीब उसी प्रकार से शरीर की हड्डियों का calcium कम होते होते cavities बन जाती है। इन cavities के बन जाने सेयह आशन्का होती है कि तेज़ झटका लगने से कहीं हड्डियां न चटख जायें या हड्डीयां टूटने का डर मन में बना रहे ।

 

कमजॊर हड्डियों की इस बीमारी के पैदा होने के कई कारण है । कुछ चिकित्सा वॆग्यानिकों का कहना है कि Thyroid glands की गडबडी से और इस ग्रन्थि के अच्छी तरह से काम न करने की वजह से ऎसी बीमारी पैदा होती है । कुछ बताते है कि calcium का metabolism असामान्य होने से यह ह्ड्डीयों में नहीं जा पाता /कुछ कहते है कि मनुश्य जो भी खाता पीता है, उससे calcium के molecules थीक तरह से शरीर में assimilate नही हो पाते, इसलिये यह बीमारी assimilative disorders की श्रेणी में हो सकती है । कुछ कहते है कि calcium channel block हो जाने से जॊ calcium हड्डी तक पहुचना चाहिये, वह सही सही नही हो पाता । जान्कार लोग इस बीमारी के अन्य कारन भी बताते है, जिसमे  malnutrition, age factor, menopause, genetics इत्यादि है । कुछ तो कहते है कि यह इन्फ़ेक्सन से भी होता है । कुछ  कहते है कि Allopathy की कुछ दवायें calcium के छरण कॊ बडावा देती है ।

अब कारण कुछ भी हो, बीमारी तो बीमारी है । मैने Osteoporesis  के कई मरीजों को  ayurvedic, homoeopathic और allopathic दवायें देकर इस रॊग कॊ बडने से रोका है ।  यह रॊग अधिकतर महिलाओं में ज्यादा ही देखा गया है, पुरुसों की सन्ख्या महिलाओं की अपेछा कम रही ।

 

इस बीमारी के लछ्ण चिकित्सक को भ्रम में दाल देते हैं , जिससे रॊग निदान में कथिनाई होती है । फिल्हाल कुछ लक्छ्ण निम्न होते है ।

~ हल्का  या अधिक बुखार बना रहना

~ अच्छा खाते पीते हुये शारीरिक कमजॊरी का बडते जाना

~ हल्का काम करने से भी थकावट का आना

~ हाथ पाव में दर्द

~ मांस्पेशियो में दर्द

~ पैरों में फाटन जैसा दर्द

~ ऐसा लगे कि लम्बाई कुछ घट रही है

 

लेकिन रोग निदान confirm  करने के लिये x-ray या Bone density test कराना आवश्यक होता है । आयुर्वेद की वैग्यानिक परीक्छण तकनीक  Electrotridoshagraphy ETG से शरीर में व्याप्त calcium का प्रतिशत और विभिन्न अन्गों मे कितना calcium है, इसका पता लग जाता है ।

क्या इलाज करें ?

Combination therapy यानी समन्वित इलाज  के प्रयोग से बहुत अच्छे परिणाम मिले है

~ Calcium की पूर्ती के लिये आयुर्वेदिक दवायें

~ Calcium का assimilation बडाने के लिये Homoeopathic medicines

~ Vitamin A & D  की आवश्यकता की पूर्ती के लिये Allopathy  के पूरक आहार

इसके अलावा कोई अन्य बीमारी हो तो उसका इलाज भी साथ्साथ करें

 

क्या खान पान में बडायें ?

Calcium  युक्त खाद्य पदार्थ भोजन में सम्मिलित कर लेना चाहिये जैसे दुध, दही , पनीर , अन्डा, केला. सेव इत्यादि

 

कैसे रहन सहन रखें ?

 

झट्के से शरीर को बचायें । दिन चर्या, रात्रि चर्या, रितु चर्या का strictly पालन करे ।

 

यह सब उपाय करने से Osteoporosis कि तकलीफ से छुटकारा और बीमारी पर नियन्त्रण रक्खा जा सकता है तथा रोगी सारी उम्र,  सुरक्छा के साथ, प्राप्त कर सकता है ।

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