दिन: नवम्बर 2, 2008

Osteomyelitis यानी जोड़ों की हड्डियों और मान्सपेशियों तथा इनके अन्दर की बनावट की सूजन


अधिकतर यह बीमारी बच्चों तथा किशॊर वय के लोगो को होती है । ३ या ४ साल की उम्र के बच्चों से लेकर १३ – १४ साल के उपर तक के किशोरों को जब elbow joints, wrist joints, knee joints, ankle joints आदि में दर्द और सूजन होती है तथा इसके साथ हल्का बुखार , भोजन में अरुचि, बदन में हल्का दर्द, आदि आदि लक्षण होते हैं, तब differential diagnosis  या  provisional diagnosis को  conclude करके रोग निदान विनिश्चय करते है । बीमारी के निदान के confirmation के लिये x-ray और  heamatological examination की सहायता लेते है ।

 

क्या करें ?

 

 

१- इस बीमारी का सबसे अच्छा इलाज Homoeopathy  होम्योपॆथी  में है । मॆनें कई रॊगी Homoeopathic दवा से ही  ठीक किये है ।

 

२- कुछ रोगियॊं के साथ रक्त विकार, यकृत रॊग आदि अन्य विकार भी होते है । इन विकारों की चिकित्सा के लिये साथ में Ayurvedic medicines prescribe की गयीं ।

 

इस प्रकार से की गयी चिकित्सा से यह बिमारी अवश्य ठीक हो जाती है और फिर जीवन में दुबारा  नहीं होती है ।

 

बहुत से रॊगी Orthopeadic surgeon के पास सलाह लेकर आये थे जिसमें बीमार जोड़ॊ में प्लास्टर बांधने या जोड़ों कि surgery करने की सलाह दी गयी थी । ये रोगी plaster  और surgery  की डर की वजह से Homoeopathy और Ayurved  का इलाज क्राने के लिये आये थे । 

 

ऐसे सभी रोगी Ayurvedic   और Homoeopathy की दवा खाकर ठीक  हो गये । तीस , पॆंतिस साल पहले जिनका इलाज किया गया था, वे आज भी स्वस्थ्य हैं और इन सभी को दुबारा कभी परेशानी नही हुयी ।

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