चिकित्सा त्रिवेणी : Chikitsa TrivenI


चिकित्सा त्रिवेणी
लेखक : डा० देश बन्धु बाजपेयी,
आविष्कारक : इलेक्ट्रो त्रिदोष ग्राफी, ई०टी०जी० टेक्नोलाजी,

द्वारा लिखित पुस्तक में तीन पुस्तकों का एकल सन्ग्रह प्रस्तुत किया गया है । Chikitsa Triveni : composed by Dr. Desh Bandhu Bajpai, Inventer , Electro Tridosha Graphy , is one bind book of three researches, done by him in past years.

१- पहली पुस्तक का शीर्षक है “आयुर्वेदिक औषधियों का पेंटा स्केल पोटेन्सी में क्लीनिकल परीक्षण ” Clinical trials of Ayurvedic Medicines in Penta Scale Potencies ”

इस पुस्तक में डा० डी०बी०बाजपेयी द्वारा पेंटा स्केल में बनायी गयी आयुर्वेदिक दवाओं के क्लीनिकल ट्रायल के शोध के बारे में बताया गया है । पेन्टा स्केल की दवायें बनाने का तरीका , दवाओं के उपयोग का तरीका, दवाओं की मात्रा तथा दवाओं का रेपीटीशन आदि आदि बातो का वर्णन विस्तार से किया गया है और इससे समबन्धित सभी जान्कारियां दी गयी हैं ।

यह पुस्तक सभी आयुर्वेदिक चिकित्सकों के लिये पठनीय है, क्योंकि इसमें आयुर्वेदिक रस औषधियों, कूपीपक्व रसायन, लौह, मन्डूर, भस्म, पिस्टी आदि के बारे में एक नये दृष्टिकोण से विचार किया गया है । आरोग्य किये गये रोगियों के विवरण भी Case records दिये गये है । इस विधि से तैयार औषधियों को देने से रोगी को त्वरित लाभ तथा औषधि के मूल्य में बहुत कमी हो जाती है ।
इस विधि से बनी दवाओं को रोगी बहुत आराम से सेवन कर लेता है तथा अनुपान आदि का झंझट भी नहीं होता है ।

मूलत: यह पुस्तक National Innovation Foundation, Ahamedabaad, India द्वारा आयोजित वर्ष २००४ में आयोजित प्रतियोगिता में डा० देश बन्धु बाजपेयी ने अपना शोध पत्र भेजा था । प्रस्तुत पुस्तक उसी शोध कार्य की सन्शोधित और अब तक किये गये advance level के शोध कार्य की प्रति है |

 

२- दूसरी पुस्तक का शीर्षक है ” शन्खद्राव आधारित औषधियां : Shankhadrav Based Medicines”

शन्खद्राव आयुर्वेद की एक श्रेष्ठ औषधि है । इसका वर्णन आयुर्वेद के ग्रन्थों में किया गया है । इसी शन्खद्राव का आधार लेकर आयुर्वेद की बहुत सी औषधियों का निर्माण किया गया है ।

Allopathy चिकित्सा विज्ञान में जिस प्रकार से औषधियों के नाम Sodium, Pottassium, Nitrate, Chloride, Muriate, Sulphate आदि आदि का नामकरण करते है जैसे कि Diclofenac Sodium अथवा Diclofenac Pottassium, ठीक उसी तर्ज़ पर आयुर्वेद की औषधियों का निर्माण शन्खद्राव को लेकर किया गया है, इस निर्माण प्रक्रिया से आयुर्वेद की लगभग सभी औषधियों के Sodium, Pottassium, Nitrate आदि आदि तैयार किये जाते है जैसे कि सर्पगन्धा सोडियम, भ्रंगराज सल्फेट, आमलकी नाइट्रेट ।

यह सभी औषधियां कैसे तैयार की जाती है , इनके उपयोग, इनकी मात्रा तथा इस प्रकार से तैयार की गयी औषधियों से जिन रोगियों को आरोग्य प्राप्त हुआ है , उन रोगियों के विवरण दिये गये हैं । शन्खद्राव आधारित औषधियों के बनाने के तरीकों का विस्तार से वर्णन किया गया है ।

मूलत: यह पुस्तक National Innovation Foundation, Ahamedabaad, India द्वारा आयोजित वर्ष २००४ में आयोजित प्रतियोगिता में डा० देश बन्धु बाजपेयी ने अपना शोध पत्र भेजा था । प्रस्तुत पुस्तक उसी शोध कार्य की सन्शोधित और अब तक किये गये advance level के शोध कार्य की प्रति है |

३- तीसरी पुस्तक का शीर्षक है ” आयुर्वेद की नई शोध इलेक्ट्रो त्रिदोष ग्राफी :
New Invention in Ayurveda – Electro Tridosha Graphy, ETG Technology “

आयुर्वेद के ५००० पांच हज़ार साल के इतिहास में यह आधुनिक काल की हाई टेक्नोलाजी है, जो आयुर्वेद के मौलिक सिद्धान्तों को साक्ष्य स्वरूप में उपस्तिथि करती है ।

इस पुस्तक में इलेक्ट्रो त्रिदोष ग्राफी ई०टी०जी०, Electrotridoshagraphy E.T.G. तकनीक के बारे में विस्तार पूर्वक जान्कारी दी गयी है । इसमें प्रॆक्टिकल तकनीक बता करके [practically] बताया गया है कि कैसे आप स्वयम अपने आप Electro Cardio Graphy machine , E.C.G. Machine में थोडा फेर बदल करके , आयुर्वेद के सिद्धान्तों वात, पित्त और कफ की Intensity को मानव शरीर में उपलब्धता का मानक ज्ञात कर सकते हैं ।

इस पुस्तक में बहुत ही सरल हिन्दी भाषा में यह सब समझाया गया है । इसे ETG के आविष्कारक डा० देश बन्धु बाजपेयी नें National Innovation Foundation, Ahamdabad , India द्वारा वर्ष २००४ में आयोजित की गयी प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिये अपना शोध पत्र भेजा था । यह पुस्तक इसी शोध पत्र की सन्शोधित प्रति है ।

यह सभी पुस्तकें एक सीमित सन्ख्या में उपलब्ध हैं । एक जिल्द में बन्धी हुयी यह तीनों पुस्तकें सभी चिकित्सकों, आयुर्वेद प्रेमियॊं, चिकित्सा विज्ञान के छात्रों, सभी चिकित्सा विधियों के चिकित्सकों के लिये बहुत उपयोगी है । इस पुस्तक के साथ एक सी०डी० भी दी जाती है । जिसमें Electro Tridosha Graphy, E.T.G. Technology के बारे में Video, Power Point Presentation और Lectures द्वारा विषय को विस्तार से समझाने का प्रयास किया गया है ।

पुस्तक की कीमत ; रुपया : ८००/= {आठ सॊ} प्रति कापी है । इसमें किताब की कीमत, C.D. , Packing तथा Courier / Post / Speed Post / By Hand भेजनें का खर्चा शामिल है |
यह तीनों पुस्तकें हिन्दी भाषा में हैं लेकिन मेडिकल टर्म अन्ग्रेजी भाषा में लिखे गये हैं। जो बन्धु यह पुस्तक चिकित्सा त्रिवेणी मंगाना चाहते हैं , वे आठ सौ रुपये का मनी आर्डर, ड्राफ्ट, चेक निम्न पते पर भेजें । इस बात का अवश्य ध्यान रक्खें कि मनी आर्डर, ड्राफ्ट और चेक Desh Bandhu Bajpai के नाम से भेंजे ।

पुस्तक का आर्डर देते समय Covering Letter भी अलग से सूचनार्थ भेजें, इस कवरिंग पत्र में अपना नाम , पूरा पता, टेलीफोन, मोबाइल नम्बर साफ साफ और स्पष्ट अक्षरों में लिखें । मनी आर्डर के सन्देश वाले कूपन में अपना पता अवश्य लिखें ।

चिकित्सा त्रिवेणी मंगाने का पता :

डा० देश बन्धु बाजपेयी, Dr. Desh Bandhu Bajpai,
डायरेक्टर एवं चीफ ई०टी०जी० इन्वेस्टीगेटर, Director & Chief ETG Investigator,
कुनमुन ई०टी० जी० रिसर्च इंस्टिट्यूट, Kunmun ETG Research Institute,
६७/७०, भूसाटोली रोड, बर्तन बाज़ार, 67-70, Bhusatoli Road, Bartan Bazar,
KANPUR कानपुर-208001, फोन: 0512 2367773 मोबाइल: 09336 238994

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