प्राकृतिक चिकित्सा : कुदरती उपचार : Nature-cure, Natural Healings, Prakratik chikitsaa


मैने प्राकृतिक चिकित्सा का ज्ञान हिन्दुस्तान के प्रसिद्ध प्राकृतिक चिकित्सक स्व० डा० विठ्ठ्ल दास मोदी से सत्तर  के दशक में गोरखपुर में उनके “आरोग्य मन्दिर” में प्राप्त किया था । उन्होने मुझे N.D. [Doctor of Naturopathy] की उपाधि दी थी । प्रसिद्ध प्राकृतिक चिकित्सक डा० हीरालाल मेरे पास अक्सर आते रहते थे, उनको हाथ में एक गान्ठ हो गयी थी । प्राकृतिक चिकित्सा करने से वह कम तो हुयी, लेकिन एक अवस्था में आकर stagnet हो गयी और फिर उसके बाद कम नही हो रही थी । मैने उनसे कहा कि आप प्राकृतिक उपचार करते रहिये, साथ में होम्योपैथी की दवा भी खाइये । उन्होने मेरी सलाह मानी, कुछ दिन दवा खाने के बाद उनकी गान्ठ जड़ से ठीक हो गयी । इसके बाद मुझे अनुभव हुआ कि दवा के साथ साथ यदि Non-medicinal therapies  का उपयोग किया जाये, तो चिकित्सा में अच्चे परिणाम मिल सकते हैं । 
 
चूकि मै Ayurved, Homoeopathy और Allopathy दवाओं के सम्मिलित प्रयोग से चिकित्सा कार्य करता हूं, लेकिन मुझे हमेशा लगता है कि दवाओं के अलावा भी मरीज को कुछ और Non-medicinal prescription से सहायता करने की जरूरत है । इस स्तिथि में मै Acupuncture, Physiotherapy, Naturecure methods, Psychotherapy, Yoga इत्यादि की उपचारक शक्ति का प्रयोग, मरीज की शारीरिक ताकत, मान्सिक अवस्था, उम्र आदि बातों का ध्यान करके अमल में लाने की सलाह देता हूं, वह भी उतने समय के लिये जितना मरीज कर सके ।

चिकित्सक का वास्तविक उद्देश्य इन सब उपायों का उपयोग करके मरीज की तकलीफ से निजात दिलाना है । इस प्रकार के उपायों से मरीज को शीघ्र आरोग्य प्राप्त होता है, चिकित्सक बन्धुओं को यह सब आजमाना चाहिये । gharelunuskhe
prakratikchikitaa
prakratikchikitsa-surya
prakrratikchikutsaa

 

Advertisements

2 टिप्पणियाँ

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s