दिन: फ़रवरी 5, 2009

इलेक्ट्रो त्रिदोष ग्राफी ई०टी०जी० की विकास यात्रा का पांचवा चरण : Fifth steps’ Electrotridoshagraphy technology developmental stage


Central Council for Research in Ayurveda & Siddha , CCRAS Head Quarter, Janak Puri, New Delhi में अक्टूबर 2005  के पहले हफ़्ते में प्रेजेन्टेशन देने के बाद मैं कानपुर वापस आकर अपने पूर्ववर्ती कामों में फिर से लग गया । यानी अपनी मेडिकल की प्रैक्टिस में और दूसरे कामों में उसी प्रकार से इन्वाल्व हो गया जैसे मैं as usual पहले करता रहता था । कुछ दिनों बाद मुझे ध्यान भी नहीं रहा कि कुछ माह पहले क्या हुआ था ?

होते करते जनवरी २००६ आ गयी । जनवरी २००६ के अन्तिम सप्ताह में मुझे CCRAS, HQ, Janak Puri, New Delhi से पत्र मिला कि मुझे फरवरी २००६ के तीसरे सप्ताह में Scientific Advisory Committee {Ayurved} के सामने ई०टी०जी० तकनीक का Scientific Presentation देना है तथा साथ में अन्य जरूरी निर्देश दिये गये थे ।

मै अपने पुत्र डा० अनुराग बन्धु बाजपेयी के साथ निश्चित दिन , कौन्सिल के जनक पुरी, नई दिल्ली स्तिथि हेड क्वार्टर पर पहुंच गया ।मुझे SAC [Ayu] के बारे में बहुत अधिक पता नहीं था । यही सोचता था कि पता नहीं यहां क्या करना होगा ? देश के विभिन्न भागों से लोग बुलाये गये थे, जिनको अपना प्रेजेन्टेशन देना था । सभी लोगों को काउन्सिल में स्थापित SAC कमेटी के कमरे में बैठा दिया गया था ।

Scientific Advisory Committee [Ayurved] के चेयरमैन सौरष्ट्र विश्व्विद्यालय के कुलपति हैं, जो एक वैज्ञानिक हैं , वाइस चेयरमैन गुजरात आयुर्वेद युनीवर्सिटी के कुलपति हैं | इस कमेटी में आयुर्वेद- आयुष विभाग, स्वास्थय एवम परिवार कल्याण मन्त्रालय, भारत सरकार के आयुर्वेद के एड्वाइजर / आयुष विभाग के सेक्रेटरी तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी / विभिन्न मन्त्रालयों के आमन्त्रित representative / representative of Indian Council of Medical Research / representative of Institute of Medical Sciences Varanasi / representative of All India Institute of Medical Sciences / Director, CCRAS, New Delhi / Eminent Scientist & experts of Biotechnology, Physics, Engineering etc / Chairman & Members of Central Council of Indian Medicine / कई वैद्य सन्गठनों के प्रतिनिधि गण / देश के विभिन्न राज्यों से आये साइन्टिफिक एड्वाइजरी कमेटी {आयुर्वेद} के सदस्य गण / के अलावा तत्सम्बन्धित लोग बड़ी संख्या में उपस्तिथि थे ।

मैने जब प्रेजेन्टेशन देना शुरू किया था, उस समय कमेटी हाल खचाखच भरा हुआ था । Pin Drop silence छाया हुआ था । डेढ घन्टे मुझे CD के प्रेजेन्टेशन में लग गये । उसके बाद मैने वहीं पर सभी सदस्यों के सामने एक E.T.G. परीक्षण भी किया ।

वहां उपस्तिथि सभी लोग आश्चर्य चकित थे क्योंकि किसी ने भी पहले से नहीं सोचा था कि आयुर्वेद के मौलिक सिद्धान्तों को किसी तकनीक के जरिये साक्ष्य स्वरूप में प्रस्तुत भी किया जा सकता है ।

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