दिन: मई 27, 2009

कफ दोष के रोगियों में कैल्सियम की अधिकता : High Calcium level in Kaphha Dosha Patients ; ई०टी०जी० तकनीक ने खोज निकाला : Latest discovery of the ETG Technology


मैने और मेरे साथी हकीम शरीफ अन्सारी जी ने ई०टी०जी० रिपोर्ट में एक बात खास अध्ध्यन करके निकाली है कि जिन रोगियों में “कफ” दोष अधिक प्रतिशत में निकलता है, उनके “कैल्सियम लेवल” अधिक होता है । ऐसे रोगियों मे प्राय: आम वात, जोड़ों के दर्द, गठिया वात, Osteoarthritis, Arthritis, Muscular Arthritis, Calcium deposits in joints & similar complaints इत्यादि तकलीफों वाले होते हैं ।

“कफ़” दोष के बढे हुये प्रतिशत के अलावा “कफ” के पांच त्रिदोष भेद में “श्लेषमन कफ भेद” भी बढा हुआ होता है । आयुर्वेद के ग्रन्थों में बताया गया है कि श्लेशमन कफ अस्थियों के जोड़ों में पाया जाता है ।

ईलेक्ट्रो त्रिदोष ग्राफ तकनीक से आयुर्वेद के चिकितसकों को यह सुविधा भी मिलती है कि शरीर में व्याप्त Calcium Level कितना है, यह पता चल जाता है । इस तकनीक से Heamoglobin का प्रतिशत भी ग्यात हो जाता है ।

कफ दोष के बढे हुये रोगियों में कैल्सियम लेवेल का बढना ज्ञात होने से “श्लेशमन कफ” का हड्डियों के जोड़ॊ में पड़ने वाले प्रभाव के इस अध्ध्यन से आयुर्वेद चिकित्सा विज्ञान के मौलिक सिद्धान्तों का ई०टी०जी० तकनीक की मदद से विश्व के सामने साक्ष्य स्वरूप में प्रस्तुत किया जा सकता है ।

हलांकि यह प्रारम्भिक अध्ध्यन है जिसमे 90 % प्रतिशत रोगियों में इस तरह की आन्तरिक समबन्धता मिली है । बाकी के 10 % प्रतिशत रोगियों में Calcium Level सामान्य से कम प्राप्त हुये हैं । ऐसा क्यों है ? मैं और हकीम शरीफ अन्सारी जी इसका उत्तर खोजने का प्रयास कर रहे हैं ।

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