अस्थमा के रोगी का ई०टी०जी० परीक्षण से प्राप्त डाटा और निदान पश्चात की गयी चिकित्सा ; A Case of ASTHAMA


अस्थमा के रोगी का ई०टी०जी० परीक्षण से प्राप्त डाटा और निदान पश्चात की गयी चिकित्सा से रोगी को आरोग्य प्राप्त हुआ है । यह रोगी उम्र 71  साल, दिनान्क 20 मार्च 2009 को परीक्षण कराने आया था । इसके ट्रेस रिकार्ड को देखिये ।

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तेजी से सान्स चलने से इसकी पल्स रेट १०५ प्रति मिनट है । इसके शरीर का सबसे हाई लाइटेड एरिया इसका “इपीगैस्ट्रियम” है । “डी” और “ई” वेव नार्मल पैरामीटर से बहुत अधिक हैं । ट्रेस रिकार्ड में सबसे लोवेस्ट एरिया आर० के० यानी “राइट [दाहिना] कफ” है । एफ०एच० यानी “फोर हेड” का ट्रेस बहुत कम है, यह इन्गित करता है कि रोगी को अक्सीजन की कमी है ।

चित्र में बताया गया है कि इस रोगी के “वात” और “वात भेद” कितना है? डाटा में दर्शाया गया है कि अन्य दोषों की क्या स्तिथि है ?

परीक्षनोपरान्त इस रोगी के प्राप्त डाटा को आधार मान्कर आयुर्वेद और होम्योपैथी का सम्मिलित इलाज दिया गया । अब रोगी को ९५ प्रतिशत आराम है और इनकी दवायें अभी चल रही है । रोगी पिछले ३५ साल से एलोपैथी, आयुर्वेदिक,होम्योपैथी , तन्त्र मन्त्र, झाड़ फूंक इत्यादि सभी टुटके आजमा चुका था, इसको कही से भी फायदा नहीं हुआ था ।

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