सेक्सुअल पावर यानी सम्भोग शक्ति ; किसी भी व्यक्ति की सम्भोग करने की शक्ति, उसके वीर्य यानी शुक्र की स्वस्थता का आन्कलन इलेक्ट्रो त्रिदोष ग्राफी ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन सिस्टम द्वारा नापा जाना सम्भव


ETG  AyurvedaScan system

ETG AyurvedaScan system

क्या किसी व्यक्ति की सेक्सुअल पावर अथवा सम्भोग शक्ति को नापा जा सकता है ? जी हां, अब यह सम्भव है कि जिस व्यक्ति का चाहें उसकी [१] सम्भोग करने की शक्ति [२] सम्भोग करने की क्षमता [३] सम्भोग करने का समय [४] वीर्य स्खलन का समय [५] सेक्स करने की इच्छा [६] सामान्य अथवा असामान्य सेक्स की चाहत आदि आदि बातों का ग्यान प्राप्त किया जा सकता है /

आटोनामिक नरवस सिस्टम ; ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन की रिपोर्ट में दर्ज Autonomic Nervous system  की वैल्यू

आटोनामिक नरवस सिस्टम ; ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन की रिपोर्ट में दर्ज Autonomic Nervous system की वैल्यू

ओज और सम्पूर्ण ओज,  यह दो पैरामीटर्स व्यक्ति की शक्ति का आनकलन करने मे सहायक सिद्ध होते है/

प्रोस्टेट ग्लैन्ड्स का आन्कलन इस बात का सन्केत देता है कि व्यक्ति के अन्दर सेक्स करने की कितनी  क्षमता हो सकती है /

 

आयुर्वेद के मूल सिद्धान्तों मे से एक है सप्त धातुयें, जिन्हें आयुर्वेद की पैथोलाजी कहा जाता है, ये सन्ख्या में सात होती है / शुक्र धातु सबसे अन्तिम धातु मानी गयी है / ई०टी०जी० की यह रिपोर्ट शुक्र धातु का आनकलन करके बता रही है कि इस व्यक्ति की सेक्स करने की ताकत कम है/

यह एक ऐसा सवाल है , जो शायद सभी लोगों को चौन्का दे, कि क्या ऐसा होना सम्भव है या यह कोई कोरी कल्पना है ? लेकिन हकीकत को झुठलाया भी नहीं जा सकता है / उत्तर मे मै यही कहून्गा कि ” हां , अब यह सम्भव है कि किसी भी व्यक्ति की चाहे वह पुरुष हो अथवा महिला, उसकी सम्भोग की शक्ति, उसकी सम्भोग की रुचि, उसकी सम्भोग की अभिलाषा और उससे जुड़े बहुत से सवालों का जवाब अब ढून्ढा जा सकता है / ”

यह सब सम्भव हुआ है आयुर्वेद की नई तकनीक के जरिये, जिसे आप सभी लोग ईलेक्ट्रो त्रिदोष ग्राफी या ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन ETG AyurvedaScan के नाम से जानते है /आयुर्वेद की नवीन शोध ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन के बारे मे आप सभी जानते है कि यह आयुर्वेद के सिध्धान्तों पर आधारित और विकसित की गयी भारतीय तकनीक है / य़ह तकनीक सारे शरीर का परिक्षण तो करती ही है और जो भी प्राप्त डाटा होते है , वे सब कम्प्यूटर की मदद से एक रिपोर्ट की शक्ल में प्राप्त होते है /

हमने अपने अध्धयन में पाया है कि जिन लोगों की प्रोस्टेट ग्रन्थि का डाटा ३० ई०वी० तक निचले स्तर तक पाया जाता है, वे ’नपुन्सकता’ की बीमारी से पीडित होते है / इसके साथ कुछ और डाटा लेते है जिनमे आयुर्वेद की पैथोलाजी “सप्त धातु” की एक धातु “शुक्र” का और आटो नरवस सिस्टम के अलावा अन्य दूसरे डाटा को कन्सीडर करते है / जब कमजोर डाटा प्राप्त होता है तो उसका अर्थ यह निकलता है कि ऐसे लोगों को लिन्ग का उथ्थान होता ही नहीं है और वे ’षनड’ की श्रेणी मे आते है / जितना ही यह पैरा मीटर ऊपर की ओर यानी ३० ई०वी० से अधिक ऊपर की तरफ बढता जाता है, व्यक्ति की सेक्सुअल पावर उतनी ही इन्टेन्सिटी में उन्नत होगी यानी उस व्यक्ति की सेक्स की क्षमता बेहतर से बेहतर होगी /

ईलेक्ट्रो त्रिदोष ग्राफी ; ई०टी०जी० आयुर्वेदस्कैन ETG AyurvedaScan ने सामान्य पैरामीटर ९५ ई०वी० से ९९ ई०वी० तक निर्धारित किया है / इस निर्धारित पैरामीटर के बीच में यदि इन्टेन्सिटी है तो उस व्यक्ति की सेक्सुअल पावर सामान्य होती है /

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