हृदय के मुख्य रोग के साथ अन्य बीमारियों से ग्रसित एक रोगी का ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन के समय-अन्तराल मे रिकार्ड किये गये ट्रेसेज


एक ३५ साल के रोगी को सान्स फूलने के साथ साथ अन्य तकलीफे है, दिनांक २९ जून २००९ को उसने अपना ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन परीक्षण कराया था / ई०टी०जी० जान्च मे जब रिपोर्ट आयी तब उसे पता चला कि उसे हृदय रोग है , इससे पहले सभी समझ रहे थे कि इसको सान्स फूलने की बीमारी है / यह रोगी सिगरेट और बीड़ी बहुत पीता है /

मैने इसका इलाज ई०टी०जी० की रिपोर्ट से प्राप्त आन्कड़ों पर आधारित होकर किया है, जिसके परिणाम बहुत अच्छे मिले और कुछ महीनों के इलाज के बाद यह रोगी अपने को स्वस्थ्य महसूस करने लगा और शारीरिक मेहनत का काम करने लगा, जो पहले नहीं कर पाता था / मेरे मना करने के बाद भी उसने यह कहकर दवा बन्द कर दी कि अब वह स्वस्थ्य है /

कई माह बीत जाने के बाद उसको फिर सान्स फूलने की तकलीफ हुयी / उसका दुबारा ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन परीक्षण दिनान्क ३१ जनवरी २०११ को किया गया / यह रिकार्ड किया गया ट्रेस रिकार्ड नीचे दिया गया है /

आप सभी लोग दोनों ट्रेस रिकार्ड को देखिये आपको पता चलेगा कि रिकार्ड किये गये ट्रेस मे कहां कहा अन्तर आया है /

हमने अध्ध्य्यन मे पाया है कि सभी शारीरिक विद्युतीय परिवर्तन प्रत्येक व्यक्ति की अलग अलग होती है और एक दूसरे से बिल्कुल नहीं मिलती / यह परिवर्तन मानव शरीर के अन्गों और बनावट द्वारा emmitted किये गये इलेक्ट्रिकल मैग्नेटिक सिगनल और ई०टी०जी० मशीन द्वारा इन सिग्नलों को रिकार्ड करके पेश किये गये ट्रेस के साथ प्राप्त होते है / मानव शरीर में विद्युत का पैदा होना एक कुदरती फिनामेना है जो आयन परिवरतन और मेटाबालिजम प्रक्रिया द्वारा प्राप्त होते है /

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