बहुत से मरीज या रोगी अपनी बीमारी और तकलीफ के बारे में सही सही और ईमान्दारी से नही बताते


इसे मनुष्य की प्रवृति कहें या उसके मन का भय या उसके मन में अपनी बात कहने के लिये उपयुक्त शब्द न मिल पाने और एक्स्प्रेसन न कर पाने की क्षमता या उसको सच सामने आ जाने का डर या उस वास्तविकता को छुपाने का प्रयास जिसे वह जानना नहीं चाहता आदि कुछ बातें है जो आये दिन हम चिकित्सकों के सामने समस्यायें खडी कर देते है / अधिकान्स मरीज अपनी बीमारी के बारे मे सही बात नहीं बताते है, वे बहुत बातें जो चिकित्सा कार्य के लिये और औषधियॊं के चुनाव के लिये सबसे ज्यादा जरूरी होती है उनको तक छुपा जाते है और जब तक सही बात सामने आये तब तक समय की बर्बादी के साथ मरीज भी रोग के आक्रमण से अछ्छा खासा तकलीफ भुगत चुका होता है /

अभी कुछ माह पहले मेरे दवाखाने में एक सज्जन अपनी पत्नी के साथ परामर्श के लिये आये और अपनी तकलीफ बताई कि उनको चर्म रोग हो गया है / उन्होने अपना पैर दिखाया और बताया कि यहां से लेकर यहां तक दाने निकलते है फिर पानी सा निकलता है जो बहुत चिप्चिपा सा होता है / मैने पूछा कि कितने दिनो से है तो उन्होने बताया कि यह दो तीन दिन से है / इलाज के बारे मे मैने पूछा तो बताया कि एक tube किसी डाकटर ने लिखी थी, वही लगा रहा हू / मैने फिर पूछा कि कॊई खाने वाली दवा ली / जवाब मिला नहीं / इससे पहले आपको क्या क्या बीमारियां हुयी यह सवाल पूछने पर उत्तर दिया कि “कोई खास नहीं” /

यह महज एक इत्तिफ़ाक था कि उसी समय मरीज के थोड़ा आने के पहले मेरे एक चिकित्सक मित्र मुझसे कुछ बात करने आये थे / चिकित्सक मित्र बडे ध्यान से उसकी skin तथा eruptions और discharges देख रहे थे और मेरे और मरीज के बीच हो रहे सम्वाद को बहुत ध्यान से सुन रहे थे / जब मै इतनी प्रारम्भिक जानकारी मरीज से हासिल कर चुका , तब मै अपने मित्र की तरफ़ मुखातिब हुआ / हम दोनो ने एक दुसरे को देखा और हम दोनों मुस्करा पड़े /

इस मरीज को मेरे एक इलाज करा रहे मरीज ने भेजा था , जो उनका रिश्तेदार था / जब वह दवाखाने आया तो उसने मुझे उनका reference दिया और बताया कि अमुक ने मुझे आपके पास भेजा है जो आपसे इलाज करा रहे है / यह कानपुर शहर के एक सेटेलाइट टाउन से आये थे /

मैरे चिकित्सक मित्र ने मुझसे पूछा कि “बास, आपकी क्या समझ में आया” / मैने कहा ” बास, अभी सब समझते है, थोड़ा बैठिये”/ हलाकि मेरे चिकित्सक मित्र बहुत जल्दी मे थे और उनको भी कहीं जाना था, लेकिन मैने उन्हे थोड़ी देर के लिये रोक लिया /

हम दोनो ही इस बात पर एक मत हो गये कि यह skin disorder कोई साधारण या तीन दिन के भीतर का किसी भी सूरत पर नहीं हो सकता है / हम दोनो इस बात पर agree हुये कि जिस तरह के स्किन प्राब्लम है और इस तकलीफ के फीचर्स है, वह डायबिटीज के रोगियों मे ही होते है /

यह महज एक सन्योग था कि एक दूसरे डाक्टर अपनी दवाये लेने आ गये, मैने कहा , पहले इनका मामला समझो, दवा तो बाद मे मिलेगी/
हम दोनो चिकित्सकों ने उनको सब बताया / उन्होने भी देखा और कहा कि आप लोग सही है, यह मरीज डायबिटीज का रोगी है और यह अभी सही बात बता नहीं रहा है, इसको बास आप probe करिये अभी सब सच सामने आ जायेगा /

अब तक यह एक academic matter बन चुका था , जो हमारे ग्यान को challenge कर रहा था / यहां पैसे या फीस लेने का सवाल ही खत्म हो गया था / यहां सवाल सही और सटीक निदान के लिये निदानात्मक ग्यान और हम डाक्टरों की निदानात्मक क्षमता का था / इसलिये लम्बे समय तक हमने मरीज से पूछ्ताक्ष की , इस जद्दोजिहद मे मरीज आखिर मे सच बताने पर मजबूर हुआ /

मरीज ने जो भी बताया उसका सार यह निकला कि उसको पिछले १५ साल से डायबिटीज है , पहले वह antidiebetic medicines लेता रहता था लेकिन उससे इसको लाभ नहीं मिला और बाद मे उसको ४० य़ुनिट इन्सुलीन लेनी पडी जो अभी भी चल रही है / उसको यह skin problem पिछले एक साल है और अब यह ठीक नही हो रही है / ईलाज के बारे मे बताया कि वह शहर के एक नामी गिरामी डाक्टर का इलाज करा रहा है लेकिन उससे उसको कोई लाभ नही हुआ /

सच हम दोनों चिकित्सकों के सामने आ चुका था / मेरे डाक्टर मित्र चले गये / मैने मरीज से कहा कि आप उन्ही डाक्टर के पास जाइये जिसका इलाज करा रहे है /

सही बात यह है कि मै ऐसे किसी मरीज का इलाज नहीं करता और इलाज करना नापसन्द करता हूं जो बीमारी का सच छुपाते है, चाहे वह किसी भी कारण से हो /

जो मरीज अपने चिकित्सकों से सही बात नहीं बताते, वे रोग भुगतते रहते है और हमेशा गलत इलाज के शिकार होते है / जब इलाज गलत होगा तो असल बीमारी तो ठीक नहीं होगी उलटे कई नई गम्भीर बीमारी पैदा हो जाती है, तब शिकायत करते है कि बीमारी नहीं ठीक हुयी और जैसे जैसे दवा खाते रहे बीमारी और अधिक बढ्ती चली गयी /

एक टिप्पणी

  1. what is solution?

    ………..reply by Dr DBBajpai……….we doctors have solid, foolproof, accurate and result oriented solution of this problem. we have many tests , scans, examination and so on in big list.

    If anybody does not want to tell anything about his problem, certainly we recommend for blood and other pathological examination, CTScan, MRI, ECG,ETG,EMG,EEG , Sonography, tissue examination, biopsy and among the big list of the examination and scans to find out the patients problem in conclusion at the financial cost of the patient pocket and we recommend the patient to take a bed in indoor hospital and all the test will be performed there.

    The patient problem will come out immediately after huge expenditure. This is one way of the solution among the other ways.

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