दिन: मई 26, 2011

अनावश्यक “सर्जिकल आपरेशन” से बचाव करिये ; अगर आपको सलाह दी जाती है कि आप अपनी बीमारी का इलाज सर्जरी से …………………!!!!!


अनावश्यक “सर्जिकल आपरेशन” से बचाव करिये ; अगर आपको सलाह दी जाती है कि आप अपनी बीमारी का इलाज सर्जरी से कराये, तो कम से कम तीन सर्जन या एक्स्पर्ट से सलाह लें, साथ ही अन्य “आयुष” चिकित्सा पध्यतियों को भी आजमाये ; यह जरूरी नहीं कि जिस बीमारी के लिये आपको सर्जरी की सलाह दी गयी है, उसका कोई इलाज नहीं है / ऐसी बहुत सी बीमारियां है, जिनका इलाज भले ही आधुनिक चिकित्सा विग्यान में न हो, लेकिन इसका मतलब यह नहीं निकाला जाना चाहिये कि अब केवल सर्जरी के अलावा दुसरा कोई रास्ता बचा ही नहीं है ? यही गलत सोच विचार यदि दूर कर लिया जाय और दूसरी चिकित्सा पध्यतियां यानी “आयुष” चिकित्सा पध्यतियों का सहारा लिया जाय तो बहुत सी ऐसी बीमारियां है, जिनका इलाज सफ़लता के साथ किया जा सकता है /

ऐसा नहीं है कि मै सर्जरी द्वारा किये जा रहे रोगों के इलाज के खिलाफ कह रहा हूं, मैने मेडिकल कालेज में सर्जरी की पढाई की है और मेडिकल कालेज के अस्पताल के सर्जिकल वार्ड आपरेशन थिएटर में सर्जरी की प्रैक्टिस की है /

यहां मै कुछ ऐसे रोगों के बारे मे बता रहा हूं , जो बिना आपरेशन के दवाओं द्वारा ठीक किये जा सकते है और इस प्रकार से अनावश्यक सर्जरी से बचा जा सकता है /

ऐसे रोगों की लिस्ट बहुत लम्बी हो सकती है, लेकिन इन्डीकेशन के लिये मै यहां कुछ रोगों का जिक्र कर रहा हूं /

१- सभी तरह की गान्ठे / एडीनाइड्स, लिम्फ ग्रन्थियां आदि
२- गुर्दे की पथरी
३- गाल ब्लैडर से सम्बन्धित तकलीफें जैसे cholecystitis, Cholelithiasis, Sludge आदि
४- य़ूटेरस से सम्बन्धित विकार , जिनमें Menopausal तथा Fibroids या अन्य तकलीफॆं

यहां केवल कुछ बीमारियों के उदाहरण दिये गये है, जिनमें अधिकतर सर्जरी करा लेने की सलाह दी जाती है /

इनमें से कुछ तकलीफे ऐसी होती है , जिनके लिये सर्जरी की आवश्यकता नहीं होती है / कुछ माह तक आयुर्वेद या होम्योपैथी या यूनानी या प्राक्रतिक चिकित्सा का समन्वित इलाज कराने से आरोग्य प्राप्त हो जाता है /

अभी एक ताजा उदाहरण ऐसे ही आरोग्य का प्रस्तुत कर रहा हूं /

एक मुस्लिम महिला के आरोग्य का एक ताज़ा उदाहरण प्रस्तुत है / इसे आपरेशन कराने की सलाह दी गयी थी / यह मुस्लिम महिला उत्तर प्रदेश के बाराबन्की जनपद की रहने वाली है और लखनऊ मे अपना इलाज करा रही थी /

जब इसे आराम नहीं मिला तो यह मेरे पास आयीं / पिछ्ले साल यानी अक्टूबर २०१० के पहले हफ़्ते मे यह दिखाने के लिये कान्पुर आयी / बाराबन्की से कान्पुर की दूरी लगभग १२० या १३० किलोमीटर है /

इस महिला ने अपने मेडिकल रेकार्ड दिखाये जिनमे अल्ट्रा साउन्ड, खून की जान्चे , पेशाब की जान्चे , एक्स रे आदि थे / महिला ने बताया कि उसकी शादी के आठ साल हो चुके है और उसके कोई बच्चा नहीं पैदा हुआ है / अल्ट्रा साउन्ड से पता चला कि बच्चेदानी में गान्ठे है और फ़ैलोपियन ट्यूब बन्द है / उसको दोनो गुर्दों मे छोटी छोटी पथरियां है और एक गुर्दे में सूजन है, जिसकी वजह से उसे पेशाब में जलन और दूसरी तकलीफॆ है / उसको माहवारी ठीक नहीं होती , जब लेडी डाक्टर की दवा खाती है तो ठीक होती है और जब बन्द हो जाती है तो फिर वही हाल हो जाता है / उसको digestive system से सम्बन्धित तकलीफे थी /

महिला ने बताया कि कई लेडी डाक्टरों को दिखाया और सबने यही कहा कि बीमारी ठीक कराना चाहती हो तो आपरेशन करा डालो /

लेकिन यह महिला आपरेशन कराने के लिये तैयार नहीं हुयी /

वह अपनी बीमारी का इलाज कराने आयी थी / मैने उसके सारे scans और दूसरे परीक्शण रिपोर्ट देखी और उससे कहा कि आपरेशन कराने की कोई जरूरत नहीं होगी /

मैने उसको Uterus anomalies, menstruation anomalies, Fibroids के लिये आयुर्वेदिक दवाये और गुर्दे की पथरी के लिये होम्योपैथिक दवाओं का समन्वित इलाज देने का फैसला किया /

महिला को सलाह दी गयी कि तीन / चार माह बाद आकर दुबारा दिखा जाय /

मई २०११ के पहले हफ्ते में महिला अपने पति के साथ दुबारा दवा और सलाह के लिये आयी / उसे कमर में दर्द हो रहा था / मैने उसका परीक्शण किया , लेकिन परीक्षण के बाद मुझे लगा कि यह दर्द न तो उसको गुर्दे की वजह से है और न ही आन्त या दूसरी सूजन के कारण / मैने उसको सलाह दी कि एक अल्ट्रा साउन्ड का परीक्षण करा लें तो स्तिथि साफ हो जायेगी /

महिला का Ultra sound परीक्षण किया गया / उसकी रिपोर्ट जब पुरानी अल्ट्रा साउन्ड की रिपोर्ट से मिलायी गयी तो बहुत आश्चर्य हुआ /

इस महिला के सभी फाइब्रोईड ठीक थे / गुर्दे की बहुत सी पथरियां घुल करके साइज में छोटी हो गयीं थीं और उनकी सन्ख्या भी बहुत कम हो गयी थीं /

सबसे आश्चर्य जनक और चौन्काने वाली बात यह थी कि उस महिला को १२ हफ्ते की preganancy निकली और भूण बिल्कुल स्वथ्य अवस्था में है, ऐसा रिपोर्ट में है /

इस महिला के शादी के आठ साल बाद हुयी प्रेग्नन्सी से मुझे सुखद आश्चर्य हुआ / मैने महिला के पति से कहा कि वह अब किसी अच्छे लेडी डाख्टर को लखनऊ में जाकर दिखाये और उनका इलाज करे /

मेरे प्रक्टिस के वर्षॊं में यह INFERTILITY CASE का पान्चवां ऐसा मामला है , जिसमें मरीज किसी दूसरी बीमारी के इलाज के लिये आया था /

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