तिल सप्तक चूर्ण ; एक बहु-उपयोगी आयुर्वेदिक सरल और सफ़ल औषधि ; Til Sapatak Churna ; a multi-usable Ayurvedic Remedy


जैसा कि मै हमेशा कहता हूं कि आयुर्वेद एक पूर्ण चिकित्सा विग्यान है, यह कहना गलत नहीं होगा कि आयुर्वेद का एक योग अनुपान भेद या औषधियों में मिलाये जाने वाले द्रव्यों के कारण अनेक रोगॊं की स्तिथि में उपयोग किये जाते है /

ऐसा ही एक योग है ; तिल सप्तक चूर्ण Til Saptak churn

इस चूर्ण को बनाना बहुत आसान है / इसको बनाने के लिये निम्न द्रव्यों की आवश्यकता होती है /

१- तिल
२- चीता यानी चित्रक
३- सोन्ठ
४- मिर्च काली
५- पीपल छोटी
६- वाय विडन्ग
७- बडी हरड़

इन सभी द्रव्यों का चूर्ण बना लें / चूर्ण बनाने के लिये पहले सभी द्रव्यों के छोटे छोटे टुकडे कर लें फिर मिक्सी अथवा इमाम दस्ते या खरल में डालकर महीन चूर्ण बना लें /

ईस प्रकार से महीन चूर्ण किया गया पदार्थ औषधि के उपयोग के लिये तैयार है /

“तिल सप्तक चूर्ण” को निम्न रोगों में उपयोग करते है /

[अ] बवासीर नाशक यानी Piles / Hemorrhoids / Varicosis of all nature
[ब] पान्डु नाशक यानी Aneamia / Jaundice and like syndromes
[स] कृमि नाशक यानी De-wormicular/ Vermifugal / Anti-helmenthesis
[द] कास नाशक / खान्सी नाशक यानी Anti-tussive
[च] अग्निमान्द्य / मन्दाग्नि / भूख का खुलकर न लगना यानी Loss of Appetite / weak appetite
[छ] ज्वर / साधारण बुखार यानी Fever, Pyrexia
[ज] गुल्म रोग

चिकित्सा के उपयोग के लिये इस चूर्ण को ३ ग्राम से लेकर ६ ग्राम की मात्रा मे बराबर गुड़ मिलाकर सुबह और शाम सेवन करना चाहिये / आयु के हिसाब से मात्रा घटाई जा सकती है /

यह बहु-उपयोगी चूर्ण ४० से साठ दिन तक सेवन करना चाहिये / उपयुक्त पथ्य और परहेज करने से बतायी गयी सभी रोग अवस्थाओं में फायदा मिलता है /

आयुर्वेद के औषधि योग बहु-आयामी और बहु-रोग नाशक होते हैं / सम्पूर्ण शरीर के आरोग्य के लिये ऐसे योगों का निर्माण करके आयुर्वेद के महर्षियों नें यह बताने का प्रयास किया है कि सारा शरीर एक ईकाई है और जब शरीर बीमार हो जाय तो उसका इलाज एक ईकाई समझ कर किया जाना चाहिये, यही आयुर्वेद चिकित्सा का उद्देश्य भी है /

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एक टिप्पणी

  1. Sir mujhe piles ki problem thi par maine ek ayurvedic dr.se jo ki mal wali jagah pe koi beej pees kar lagata hai aur after 2hours piles ki sari jade bahar nikal aati hai se ilaz karwaya jo ki ek surgery ki tarah hota hai jade nikalne ke baad jakham ho jate hai jo ki ayurvedic or allopethic madicine or keekar ki sakh ke pani main baith ke jakham sahi ho jate hai meri piles to sahi ho gayi par kuch guda main soojan reh gayi kya wo aapke til saptak churan se sahi ho sakti hai.agar guda ki soojan sahi ho sakti hai to kirpya til saptak churan banane ki sari jadi butiyo ki mayra batyae…….thanks
    Ramesh kumar

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