पाली-आर्थ्राइटिस से पीडित महिला को आयुर्वेद चिकित्सा से आरोग्य प्राप्ति ; A CURED case of Female Patient suffering from POLY-ARTHRITIS, treated successfully with Ayurvedic Medicines


एक महिला उम्र ४० वर्ष , जिसको Poly-artheritis की तकलीफ हो गयी थी और एलोपैथिक चिकित्सा करा रही थी / इसने वह सभी रक्त के परीक्षण और अन्य स्कैन करा लिये थे, जो उसके एलोपैथी के चिकित्सक ने उसको बताये थे / महिला एलोपैथी की दवा का सेवन कर रही थी, लेकिन उसको कोई आराम नहीं मिल रही थी / उसके शरीर के सभी छोटे और बड़े जोड़ों में बहुत जोरों का दर्द होता था, पेन किलर्स और दूसरी दर्द निवारक दवायें एक दो घन्टे तक दर्द दूर करती थीं लेकिन दर्द और बुखार की स्तिथि पिछले दर्द से अधिक हो जाती थी और उसे फिर बार बार दर्द कम करने के लिये पैन किलर्स खाने पड़्ते थे / उसे धीरे धीरे बुखार आने लगा / इस बुखार को कम करने के लिये , उसे एन्टीबायोटिक दवा खानी पड़ रही थी / कई महीने इलाज कराने के बाद जब स्वास्थ्य की हालत बद से बदतर होने लगी और जान पर आ बनी जैसे हालात पैदा हुये , तब किसी एलोपैथी के चिकित्सक ने मेरे बारे मे बताया और इलाज के लिये रिफर किया /

महिला को उसके तीन परिजन लेकर आये / उसकी हालत यह थी कि वह चल नहीं पा रही थी, शरीर मोड़ नही पा रही थी, ठीक से बैठ नही पा रही थी / परिजनों नें उसके सारे चिकित्सा सम्बन्धी पर्चे, रिपोर्ट , फाइल दिखाई / कौन सी दवायें सेवन कर रही थी, यह सब बताया /





मैने समझ लिया कि यह सब mal-treated case   है / कई चिकित्सकों ने उसका इलाज किया था / मैने महिला से कहा कि वह पहले पन्द्रह दिन तक कोई भी दवा ना खाये और उसके बाद एक E.T.G. AyurvedaScan  परीक्षण कराये तभी पता चलेगा कि उसके क्या और किस तरह की तकलीफ है?

 15  दिन बाद मरीज का ETG AyurvedaScan  का परीक्षण किया गया/ जिसमें निम्न बातों का निदान हुआ /

             

           

                   

                

                    

                   

                   

ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन की रिपोर्ट देखने के बाद निष्कर्ष स्वरूप निम्न बातें सन्ग्यान में ली गयी / इससे रोगी के रोग के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुयी /

 १- रोगिणी को Anxiety Neurosis यानी अति चिन्ता और अधिक फिक्र करने की Psychopathophysiology पायी गयी /

२- रोगिणी की बड़ी आन्तों में सूजन और inflammatory condition  की उपस्तिथि है /

३- रोगिणी का Uterus Bulky निकला है /

४- Epigastrium  में inflammation, swelling उपस्तिथि है /

५- ईसे Hormonal imbalance मौजूद है /

६- रोगिणी को सारे शरीर  में सूजन पायी गयी /

७- Musculo-ligamento-skeletal anomalies उपस्तिथि है /

८- ‘ i ‘  Trace Record  के negative deflection से पता चला कि इस मरीज का gall-bladder का operation हो चुका है /

उपरोक्त व्याधियों का निदान मरीज के रिकार्ड किये गये ट्रेसेस से प्राप्त हुये/

 Computer software की मदद से प्राप्त डाटा से मरीज की Inflammatory condition के साथ dull pathophysiology वाले शरीर के हिस्सो के बारे में भी पता चल गया / हीमोग्लोबिन सामान्य से कम मिला और कैल्सियम लेवल सामान्य से अधिक प्राप्त हुआ /

 रोग के निदान के लिये यह अति आवश्यक है कि आयुर्वेदिक चिकित्सा शुरू करने से पहले यह निष्कर्ष निकालना बहुत आवश्यक है कि रोगी को “शमन” और “ब्रन्घन” चिकित्सा की कहां कहां  और क्यों जरूरत है ?

Overall Ayurvedic medicines selected on the background of the findings of ETG AyurvedaScan report, supports her very quickly and after three days she was able to work without any persons help. She cooked food after three days and her swelling was reduced to over 60 percent. She visited clinic without any persons help. Her temperature and other complaints was under controle.

She was given again seven days medications with the instructions, what she have to do and not to do icluding restriction of diet.

CONCLUSION ;

We have observed that ETG AyurvedaScan based treatment are always result oriented. This type of INCURABLE DISEASE CONDITION , when treated on the basis of the findings of ETG AyurvedaScan, we becomes confident about the implimentation of the findings into the translation of the selection of the correct  & effective and  quick responsive medications.

However we experinece much confident and accurate in the practice of AYURVEDA, while we are using the newly invented technology in the field of the practice of classical AYURVEDA.

UPDATED ON 18/12/2011;

Patient is cured from her all phyisical complaints and is living normally, doing her all domestic and field work as ususal since last three weeks. I have advised her to take regular classical Ayurvedic treatment for few weeks.

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