दिन: नवम्बर 5, 2011

हरिद्राखन्ड ; एलर्जी के सम्पूर्ण आरोग्य के लिये आयुर्वेद की उत्कृष्ट औषधि; Total cure for ALLERGY and similar condition ; “Haridrakhand” an Ayurvedic remedy


हरिद्राखन्ड आयुर्वेदिक योग का उपयोग शताब्दियों से allergy and allergic reactions के सभी प्रकारों में आयुर्वेद के चिकित्सक रोग मुक्त उपकारार्थ प्रयोग करते चले आ रहे है /

इस योग में हल्दी यानी Turmeric की प्रधानता होने के कारण इसका महत्व अधिक हो जाता है / जैसा कि सभी जानते है कि हल्दी कितनी उप्योगी और निर्दोष खाद्य पदार्थ तो है ही, यह औषधीय गुण युक्त होने के कारण चिकित्सा कार्य में भी प्रयोग की जाती है /

सिध्ध योग सन्ग्रह पुस्तक में प्रसिद्ध आयुर्वेद के चिकित्सक श्री यादव जी त्रिक्रम जी महाराज ने हरीद्रा खन्ड के शास्त्रोक्त पाठ में कुछ परिवर्तन करके इसे इस प्रकार प्रस्तुत किया है /

हल्दी, निशोथ, हरड़ ये सभी तीनों द्रव्य ४८० ग्राम / दारूहल्दी, नागर मोथा, अजवायन, अजमोद, चित्रक की जड़, कुटकी, जीरा सफेद, छोटी पीपल, सोंठ, छॊटी इलायची, दाल्चीनी, तेजपात, वायविडन्ग, गिलोय, अड़ूसा, कूठ, त्रिफला, चव्य, धनिया, लौह भस्म, अभ्रक भस्म, ये सभी द्रव्य १२ ग्राम प्रत्येक / शक्कर या मिश्री ४ किलो ८०० ग्राम /

बनाने का तरीका ;

स्टेप १- सबसे पहले सभी काष्ठौषधियों का महीन मैदा जैसा चूर्ण बना लें /
स्टेप २- इस चूर्ण में सभी दोनों भस्में अच्छी तरह से मिला दें /
स्टेप ३- शक्कर मे पानी मिलाकर इसे इतना पकायें , जब तक कि चार तार की चाशिनी बनने लगे /
स्टेप ४- जब शक्कर पककर चार तार की चाशिनी योग्य हो जाय तब उपरोक्त बनाये गये मिष्रण को इस चाशिनी में अच्छी तरह मिला दे , जैसे कि हलवाई बर्फी बनाने में प्रक्रिया अपनाते है /

स्टेप ५- इस अच्छी तरह बने हुये पदार्थ को बड़ी थाली में फैला दे और फिर बाद में इसके छोटे छोटे टुकड़े काट्कर किसी साफ सुथरे बर्तन में पैक कर्के रख लें /

यह अब दवा के उपयोग के लिये तैयार है

मात्रा और अनुपान ;

इसे तीन से ६ ग्राम तक दिन में तीन बार सुबह दोपहर और शाम गुनगुने जल के साथ दें / जिन्हें गुन गुना जल अच्छा नहीं लगता हो , वे room temperature पर रखे हुये पानी से ले सकते है / इसे रोगानुसार अनुपान के रूप में अथवा एकल औषधि के रूप में सेवन कर सकते है /

हरीद्रा खन्ड का रोगों में उपयोग ;

[१] जिन्हें ALLERGY का रोग हो और किसी भी तरह से न ठीक हो रही हो
[२] यह Eosinophillia इस्नोफीलिया की भी एक उत्कृष्ट औषध है, इसलिये जिन्हें बार बार इस्नोफीलिया होने की बीमारी हो और न ठीक हो रही हो वे इसे उपयोग कर सकते हैं / वैसे भी tropical eosinophilia में हल्दी की आरोग्यकारी शक्ति के उपयोग को स्वीकार किया जा चुका है /

इसे अन्य बीमारियों में भी उपयोग करते है और अन्य दूसरी औषधियों के साथ भी उपयोग करते हैं /

फिर भी हरीद्रा खन्ड का उप्योग करने के साथ साथ यदि अपने नजदीक के किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक से सलाह लेकर औषधि का प्रयोग करें तो सर्वोत्तम होगा /