सभी लोगों को सबसे पहले यह समझना बहुत जरूरी है कि वे जिस बीमारी का इलाज क्रराने के लिये विचार कर रहे है, उसका सबसे अच्छा और बेहतरीन इलाज क्या हो सकता है ? Every Patient must understand that the treatment , he is willing to take, what will be the best …….?


हर मरीज यह चाहता है कि उसे जो भी बीमारी है , उसका इलाज सबसे बेहतर किस सिस्टम में है / उसे आयुर्वेद का इलाज कराना चाहिये या एलोपैथी का इलाज कराना चाहिये या होम्योपैथी का इलाज कराना चाहिये या यूनानी का अथवा प्राककृतिक चिकित्सा या योग का या सर्जिकल बीमारियों की कौन कौन सी स्तिथियां किन किन बीमारियों को ठीक करने के लिये उप्युक्त हैं /

सधारण तौर पर मै वर्षों से यह observe करता चला आ रहा हूं कि शायद ही किसी व्यक्ति को यह पता हो कि उसे जो भी तकलीफ हुयी है , उसका सही इलाज कहां पर हो सकता है ? मैने अक्सर देखा है कि यह पहले भी देखता था और आज भी देखता हूं कि लोग गलत इलाज का शिकार होकर अपनी मौत अपने आप बुला रहे हैं और अपनी अन्तिम अवस्था के लिये खुद को गले लगा रहे हैं / बहुत से ऐसे मरीज देखे हैं जिनको डाक्टर साहब कभी टायफाइड बता रहे है, कभी unknown infection , कभी आन्तों की टी०बी०, कभी फेफड़े का न्य़ूमोनिया, कभी कुछ कभी कुच और जब मरीज मर गया तो सब्से बाद मे बता डाला कि इसे hepatitis B हो गयी थी, इसलिये मर गया /

वास्तविकता यह है कि लोग गलत इलाज से मर रहे हैं / गलत diagnosis से मर रहे है / एक उदाहरण देता हूं / एक सज्जन अपना इलाज किसी हकीम से करा रहे थे / हकीम साहब ने जो भी दवा दी हो यह मुझे नही पता है, लेकिन एक दिन यह सज्जन बेहोश होकर गिर पड़े , दोस्तों और सहयोगियों ने मोबाइल पर हकीम साहब को बुरा भला कहा, हकीम साहब ने हाथ खड़े कर दिये कि अब मै इनका इलाज नहीं करून्गा / बाद मेम यह मेरे पास आ गये / मैने उनका इलाज किया और उस इलाज से वह काफी ठीक हो गये / यह सज्जन अपना व्यापारिक काम भी कर रहे थे और दवा भी कर रहे थे / सब कुछ सामान्य जैसा था / मुझे उनकी घर की स्तिथि पता थी / मरीज के तीन लड़्कियां हैं जिनमें एक तो शादी लायक है और दूसरी शादी के लिये तैयार है / म्ररीज का काम ब्याह शादियों में मडप सजाने का है / ब्राम्हण परिवार से हैं / मैने इनका ई०टी०जी० परिक्षण किया था , जिसमें इनको Psychosomatic Disorders निकला था / मैने मरीज से कहा कि उसे दिमागी उलझन के कारण शारीरिक बीमारियां हैं / इस पर मरीज मेरे ऊपर बहुत नाराज हुआ और कहा कि आप तो मुझे पागल बताये दे रहे हैं / मैने समझाया कि उसे दिमागी चिन्ता , आर्थिक दबाव से उतपन्न विषाद आदि के कारण तकलीफ है / बाद मे मैने परिवार वालों के कहने पर मरीज की तसल्ली के लिये उसे दूसरे डाक्टरों के पास जाने के लिये कहा /

परिवार के लोग उसे एक Heart specialist के पास ले गये / उसने ECG, TMT , Blood test . Ultrasound, Xray सभी करा दिये / सभी Normal सामन्य निकले और स्पेशियलिस्ट्ने कहा कि उसे कोई हृदय से सम्बन्धित बीमारी नही है / मरीज के यह पूछने पर कि जब ्बीमारी नही है तो वह अब क्या करे? Heart specialist ने कहा कि वह किसी MD डाक्टर को दिखाकर सलाह ले / मोहल्ले के लोगों नें मरीज को सुझा दिया कि वह किसी हड्डी वाले को दिखा दे / हड्डी वाले ने कहा कि उसको कोई हड्डी की बीमारी नही है , वह भी बहुत से pathological examination के बाद बताया और कहा कि किसी KIdney specialist को अपना गुर्दा चेक करा दे / मरीज गुर्दा वाले के पास गया, उसने कहा कि लग रहा है आपको कैन्सर ले लक्शण हो रहे हैं इसलिये कानपुर मे इलाज न करायें, लखनऊ जाकर SGPGI में इलाज करायें /

एक दिन मरीज मेरे पास आया और यह सब राम कहानी बतायी / उसने कहा कि मुझे कहीं से भी आराम नहीं मिली है / आपकी दवा खाकर मुझे बहुत आराम मिली थी, वह भी सब आराम खतम होकर नई नई दूसरी तकलीफें पैदा हो गयी हैं / मुझे दिन पर दिन परेशानी हो रही है , अब आप फिर से इलाज करिये / मुझे ढेर सारी दवायें खानी पड़ रही है , जिससे मेरा पेट खराब हो गया है मैने उससे कहा कि अभी वह अपने डाक्टर की दवा का कोर्स पूरा कर ले / जब यह कोर्स पूरा हो जाये उसके चार महीने बाद इलाज के लिये आना /

मेरा मरीज से यह कहने का मकसद था कि वह तमाम तरह की प्रेस्क्राइब की गयी Antibiotics, Minerals, Steroids युक्त दवायें ले रहा था जिसके साइड इफ़ेक्ट्स लग रहे थे / अगर मै इस समय आयुर्व्दिक या होम्योपैथिक इलाज शुरू करता तो उसकी सभी तकलीफें एक्दम से उभर कर जानलेवा बन जाती और मेरे लिये अनावश्यक मुसीबत बन जाती, इसलिये मैने उसको मना किया कि वह जब भी मेरे पास इलाज के लिये आये , वह चार महीने तक कोई भी दवा न ले और उसके बाद इलाज के लिये आये / चार महीने में एलोपैथी की दवाओं के असर कम हो जाते हैं और इस समय आयुर्वेदिक या होम्योपैथिक का इलाज करना सबसे ज्यादा सुर्क्षित और लाभदायक होता है /

 

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s