“महायोगराज गूगल” ; जोड़ों के दर्द, सन्धिवात, सन्धि शूल, सन्धि विकृति इत्यादि रोगों में अति उपयोगी ; MAHA YOGARAJ GUGAL ; a great AYURVEDIC REMEDY for Arthritis related anomalies ; for all kinds of Joints MUSCULO-SKELETAL or NEURO-MUSCULO-SKELETAL problems


आयुर्वेद की गूगल या गुग्गुलु योगों पर आधारित औषधियों में यह बहुत प्रचिलित योग है / लगभग सभी वैद्य इस चमत्कारी औषधि से परिचित है / चमतकारी इसलिये है, क्योंकि इसके उपयोग से शरीर के सभी जोड़ॊं के दर्द, चाहे वह मान्स्पेशियों के patho-physiology या pathology के कारण से हों या फिर अन्य कारणों से , यह औषधि जोड़ॊ के दर्द को दूर तो करती ही है साथ मे जोड़ॊ की सूजन और अन्य तात्कालिक तकलीफों को भी कम कर देती है या आरोग्य प्रदान करती है /

इसे बनाने मे निम्न जड़ी-बूटियों का उपयोग करते हैं / यह Herbo-minerals के मिश्रण का अनूठा फार्मूला है, जिसे देख करके आयुर्वेद के मनीषियों की

विलक्षण प्रतिभा का लोहा मानना पड़्ता है, कि उनका ग्यान जड़ी बूटियों और मिनरल्स के बारे में कितना गहरा अध्ध्य्यन किया गया हुआ था और उनहोनें किन किन बीमारियों में उनका कैसे उपयोग करके उन बीमारिओं के इलाज के अनुरूप इस तरह के फार्मूलों को विकसित किया /

महायोग राज गूगल भी ऐसी ही आयुर्वेद की एक महान औषधि है ,्जिसमें निम्न औषधियों का मिश्रण करके इसे एक अचूक और प्रभाव्शाली औशधि बनाने का प्रयास आयुर्वेद के मनीषियों द्वारा किया गया /

इस औषधि को बनाने के लिये निम्न बनौशधियों का फार्मूला है /

घटक; सोन्ठ, छोटी पीपल, चव्य, पीपलामूल, चित्रक, घी में पकाई गयी हीन्ग,अजवायन, पीली सरसों, सफेद और कालाजीरा, रेणुका, इन्द्रजव, पाठा, वायविदन्ग, गज्पीपल, कुटकी, अतीस, भारन्गीमूल, मूर्वा, बच प्रत्येक तीन तीन ग्राम, हरड,बहेदा, आवला १०० ग्राम, गिलोय और दशमूल से शोधित गूगल १५० ग्राम, वन्ग भस्म, चान्दी भस्म, लोह भस्म, रस सिन्दूर, अभ्रक भस्म सब १-१ ग्राम लेकर चूर्ण बनाने वाली औषधियों का चूर्ण बना लें और गूगल को लोहे के बडे खल्लर में डालकर अन्डी के तेल के छीटॆ देकर मूसल से कूटें / जैसे जैसे गूगल पतला होता जाये इसमें चूर्ण की गयी औषधियां थोडा थोड़ा करके डालते जायें, अन्डी के तेल का छींटा मारते जांय और खल्लर से कूत्टते जांय /

पुराने वैद्य बताया करते थे और अब भी कहते हैं कि महायोगराज गूगल को बनाने में एक लाख मूसल की चोट देकर यदि दवा बनाते हैं तो इसका प्रभाव अति आशुकारी होता है /

इस तरह से तैयार की गयी दवा को निम्न बीमारियों में उपयोग करते है ;

१- असाध्य वात रोग इसके उपयोग से अवश्य ठीक होते है / अनुपान भेद से इस औषधि को सभी शारीरिक और मानसिक व्याधियों में उपयोग करते है

२- वात व्याधि के उपचार के लिये इसे वातनाशक औषधियों के साथ सेवन करना चाहिये, इसी प्रकार पित्त व्याधि में पित्त नाशक और कफ व्याधि में कफ़ नाशक औषधियों के क्वाथ के साथ इसका सेवन लाभ्कारी होता है /

३- मानसिक व्याधियों यथा भय, चिन्ता, उन्माद, अवसाद तथा अन्य मनोविकारों के लिये इसका सेवन अनुपान भेद से करने से मान्सिक व्याधियां अवश्य कम होती है और धीरे धीरे आरोग्य प्राप्त हो जाता है /

४- जिन्हे Arthritis , Rheumatism, Muscular Arthritis, Musculo-skeletal anomalies हों या neuro-musculo-skeletal anomalies हों या all kinds of painful joints condition जैसी स्तिथि हो अथवा नसों का दर्द neurological pai अथवा  undefined pain या दर्द कहां है, जसी स्तिथि हो वहां इस दवा का प्रयोग आरोग्य कारी होता है /

जैसा कि मैने बताया है कि इस औषधि का उपयोग अनुपान भेद से सभी बीमारियों में किया जा सकता है, तो सब्से बेहतर है कि इसके लिये अपने नजदीक के किसी आयुर्वेद के चिकित्सक से सलाह लेकर और पथ्य तथा परहेज का पालन करने से आरोग्य प्राप्त कर सकते है /

इस औषधि की मात्रा ३५० मिलीग्राम से लेकर ७०० मिली ग्राम है और इसे रोग की तीव्रता के अनुसार दिन में ३-३ घन्टे से लेकर दिन में केवल एक खुराक सुबह खाकर काम चला सकते हैं / इसके लिये किसी नजदीक के आयुर्वेदिक चिकित्सक से सम्पर्क करें तो सबसे बेहतर है /

4 टिप्पणियाँ

  1. Me.suryabhan.gupta.faizabad.u.p.ka.hun.mughu.8month.se.kamar.me.pain.hota.hai.troedashang.guggl.khata.raha.par.koi
    .fayda.nahi
    Hai
    .dr.artharitis.kahte.hain.koi.upay.bata.ne.ki.kripa.kare.

    ——- REPLY ——-

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  2. Sir marko AVN nicrosis ki prblm h Jimmy hip joint kharab ho jata es sy thik ho jaye ga Kya Mohan dutt age 29 Wight 67

    ………..reply……..AVN yani avascular necrosis bimari ayurveda ayush ka ilaj karane se thik ho jati hai jitani taldi ilaj karenege utane hi achche parinam milenge

    ETG AyurvedaScan parikshan karakar ilaj karane se sabhi tarah ki AVN bimari me phayada hota hai

  3. sir mere jabde mein or takhne mein pain rehta hai lahbhag 1.5 saal se . meri umar 29 saal hai .kya mein mahayograj guggal ka sevan kr skta hu agar han to please btaye kaise.
    maine blood test kraya tha usme uric acid ki matra 6.3 thi.
    sir please iske sevan ki vidhi or parhej btane ki kirpa kre
    thanks
    Nihal Singh

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