नक्स वोमिका ; होम्योपैथी की मशहूर दवा ; Homoeopathic popular medicine “NUX VOMICA”


मेरे पिता जी स्व० वैद्य शीतला सहांय बाजपेयी आयुर्वेद चिकित्सा के साथ साथ होम्योपैथी की भी चिकित्सा करते थे / आयुर्वेद उन्होने बनारस में रहकर पढा था और होम्योपैथी कलकत्ता में रहकर / बाद में वह बन्गाल मे ही “मैमन सिन्घ” शहर में बस गये और वहीं अपनी रोजी रोटी का जुगाड़ करते रहे / पद्मा नदी के एक छोर की तरफ “मैमन सिन्घ” शहर था तो दूसरी छोर की तरफ “कनाई घाट” बसा था / कुछ दिनों बाद पिता जी कनाई घाट मे आकर बस गये और यहीं पर जगह लेकर खेती बाड़ी कराने लगे, साथ साथ होम्योपैथी और आयुर्वेद की चिकित्सा भी करने लगे / मेरे सभी भाई और बहनों का जन्म यहीं हुआ / कालान्तर में जब पाकिस्तान बना तब कनाई घाट का यह इलाका पाकिस्तान चला गया / मेरे पिता जी सब कुछ छोड़्कर वापस कलकत्ता आ गये और कुछ समय वहां रहने के बाद मे अपने native place उन्नाव , उत्तर प्रदेश मे आ गये / जहां उन्होने दुबारा अपना चिकित्सा कार्य करना शुरू किया / कुछ साल बाद कानपुर आकर बस गये /

हम बचपन से उनको मरीज देखते चले आ रहे थे / वे मरीज का हाल सुनने के बाद कहते कि आपकी बीमारी का बढिया इलाज आयुर्वेद मे है या वे कहते कि आपकी बीमारी का इलाज होम्योपैथी में है / यह ५० का दशक का जमाना था / उन दिनों होम्योपैथी को बहुत कम लोग जानते और समझते थे /

मेरे पिता जी एक उक्ति होम्योपैथी की दवा के सेलेक्शन के बावत हमेशा कहा करते थे कि if you do not know, what is to give, give NUX VOMICA, यानी कि मरीज को देखकर या मरीज की तकलीफ को समझ्कर आपकी यानी चिकित्सक अथवा डाक्टर को समझ में यह नही आता कि इसे कौन सी दवा दी जाय , तो ऐसी परिस्तिथि में नक्स वोमिका का चुनाव करके ३० पोटेन्सी में दे देना चाहिये /

बड़े बड़े होम्योपैथी के चिकित्सकों का यह स्वीकार करना है कि Nux Vomica द्वारा सभी बीमारियों का उपचार किया जा सकता है / ऐसी कोई भी बीमारी हो जिसका कुछ सिर पैर समझ में ना आये तो नक्स वोमिका देना चाहिये / चाहे वह बुखार हो, चाहे वह डायरिया, चाहे वह आन्त या फेफ्ड़ों से सम्बन्धित या दिल या दिमाग से सम्बन्धित तकलीफ हो , नक्स वोमिका का उपयोग सभी स्तिथियों में कर सकते है /

आखिर यह है क्या चीज ? आपने आयुर्वेद्द में “भिलावा” यानी Poison Nut  का नाम सुना होगा / आज भी ग्रामीण क्षेत्र के कपडे धोने वाले धोबी यानी washer man  इसी भिलावा के जूस का उपयोग कपड़ॊ पर निशान या पहचान के लिये लगाते हैं / इसका लगाया निशान इतना पक्का होता है कि यह उबालने या किसी भी साबुन से धुलता नहीं और जैसे को तैसा बना रहता है / एक और खास बात यह है कि अगर इसका रस जो एक तैलीय पदार्थ जैसा होता है , कहीं शरीर की त्वचा में लग जाय तो यह वहां फफोले पैदा कर देता है / इसे उबालते समय अग्र इसकी भाप शरीर की त्वचा पर लग जाय तो वहां पर पानी भरे छाले पैदा हो जाते हैं /

Homoeopathic Materia Medica मे नक्स वोमिका के कई हजार लक्षण दिये गये हैं / इन लक्षणो को पढ़्कर ऐसा लगता है कि शायद ही शरीर का कोई हिस्सा बचा हो, जहां इसका असर न होता हो /

भागम भाग जिदगी को बिताने वाले लोग, दारू पीने वाले लोग, स्त्रियों के साथ रोजाना रात बिताने वाले लोग, खून खराबा करने मे विश्वास करने वाले लोग, अत्यधिक सम्भोग करने वाले लोग, जो खाम खाह बिला वजह जलते भुनते रहते है, अत्यधिक गुस्सा दिखाते है, बेईमानी, लुच्चे, दगाबज, लफन्गों, झूठे, फरेबी, चार सौ बीसिया और चटपटा मसालेदार भोजन करने वाले लोगों , अनियमित दिन्चर्या और रात्रि चर्या वाले लोग, रात में जगने वालों और दिन में सोने वालों को कोई भी बीमारी हो जाय, उसका कोई भी नाम हो, उनको Nux Vomica अमृत के समान हितकारी होती है /

ऐसे लोगों को Nux Vomica 200 potency की एक खुराक रोजाना शाम को या रात को सोने से पहले सेवन करना चाहिये / हलाकि इसके साथ बीमारी के हिसाब से परहेज करना भी जरूरी है /

 

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