दिन: अप्रैल 19, 2012

चक्कर आने की बीमारी या सिर घूमने की तकलीफ ; Vertigo and Giddiness problems


चक्कर आना या सिर घूमना या आन्खों के आगे गोल गोल घूमती हुयी दिखाई देने वाली स्तिथि को चक्कर आना या vertigo कहते है /

यह बहुत परेशान करने वाली और चिन्तित करने वाली और घबराहट पैदा करने वाली तकलीफ है / कब कहां चक्कर आ जाये सिर घूमने लगे यह किसी को भी पता नहीं होता /

आयुर्वेद में इसे “भ्रम” कहते हैं   /  अन्ग्रेजी में Vertigo /  Giddiness  कहते है /

इस बीमारी के कारणों में बहुत से फैक्टर हैं जिनमें सबसे पहला और आम तौर पर पाया जाने वाला कारण “सर्वाइकल स्पान्डिलाइटिस” का है / गर्दन की कशेरुपाओ अथवा cervicak vertebra  या cervical region  मे बनावट में कोई दिक्कत पैदा हो जाये जैसे वर्टिब्रा में ओस्टियोफाइटिक बदलाव आ जायें या वर्टेब्रा की बीच का गैप कम हो जाये और हद्दियां एक दूसरे से रगड़ने लगे या इन्हे जोड़नेवाली बनावटें यथा तेन्डन, लीगामेन्ट्स आदि कड़े पद जायेम अथवा गर्दन की कोई नस दब रही हो या सुजन आ गयी हो तो चक्कर आने लगते है /

एक दूसरा कारण यह भी है कि अगर खून की कमी होती है तो भी चक्कर आने लगते है लेकि यह हमेशा उठते बैठते होता है /

आन्खों के द्रष्टि दोष के करण भी चक्कर आते है / इसी तरह कान के अन्दर घाव होना ्कान बहना या नाक के अन्दर गोश्त का बढ जाना या जैसे सायनुसाइटिस हो जाय , के कारण भी चक्कर आने लगते है /

मस्तिष्कगत बहुत सी तकलीफे होती है उनके कारण भी चक्कर आने लगते है / हृदय के कई रोगों में भी चक्कर आने लगते है / अगर  मष्तिष्क मे रक्र या खून की मात्रा कम पहुचती तो भी चक्कर आने लगते है / गुर्दे की कुछ तकलीफों में चक्कर आने लगते है / अत्यधिक वीर्य्पात या हस्त्मैथुन करने या अत्यधिक सम्भोग करने से भी चक्कर आने लगते है / शराब का नशा, भान्ग का नशा, कई अन्य नशा करने या तम्बाकू का अधिक सेवन करने से भी चक्कर आते है / किसी कारण से खून की आक्सीजन कम होने लगे तो भी चक्कर आने लगते है /  ब्लड्प्रेशर कम हो जाये तो भी चक्कर आते है और ब्लड्प्रेशर ज्यादा हो जाये तो भी चक्कर आते है / नजर की गड़्बड़ी से भी चक्कर आते है हारमोनल प्रक्रिया मे कोई गद़्बड़ी हो ति उसके प्रभाव से भी चक्कर आ जाते है / रात मे जगने से भी चक्कर आ जाते है /

कहने का मतलब यह कि चक्कर आने का सबसे पहले कारण समझना होगा / जब तक कारण नहि समझेन्गे , तब तक चक्कर का कोई सटीक इलाज नही हो पायेगा , केवल लाक्षणिक इलाज करने से कोई आराम नहि होगा / इसलिये पहले कारण का निवारण करना बहुत जरूर है /

आयुर्वेद की जड़ी “जवासा” का काढा शहद मिलाकर दिन मे दो बार पीने से सभी प्रकार के चक्कर ठीक होते है / लेकिन मुकम्मल इलाज के लिये आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह लेना चाहिये / चक्कर आना अपने आप मे ब्मारी नही मानी जाती यह किसी दूसरी बीमारी का expression  है , जिसे मूल रूप से उपचार करक ठीक करना चाहिये /

बीमारी के मूल कारण को दूर कर देने या मूल बीमारी का इलाज / उपचार  कर देने से  चक्कर आने की तकलीफ जड़ मूल से समाप्त हो जाती है /

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