कन्ट्कार्यावलेह ; आयुर्वेद की फेफड़ों और गले मे जमा कफ या बलगम निकालने की औषधि ; Expectorant Remedy KANTKARYAVALEH


भारतीय ज़डी-बूटी कन्टकारी solanum nigrum  से तैयार की जाने वाली , जो इस औषधि का मुख्य घटक है, इस औषधि के साथ जब अन्य कार्यकारी औशधियों को मिलाकर अवलेह या प्राश तैयार करते हैं, तब यह आयुर्वेद की एक मगत्व पूर्ण औषधि तैयार हो जाती है /

साधारण भी और विशेष तौर पर इसे सभी तरह की श्वास, दमा, COPD जैसी अवस्थाओं में तथा सभी प्रकार की खान्सी, गले की खराश, गले की खसखसाहट , cough, laryngitis, pharyngitis, tracheal anomalies, pulmonary anomalies  सभी में उपयोग करते हैं / जिन्हे फेफड़ों मे कफ जम जाने की दिक्कत हो, जिन्हे trachea, bronchus, alveoli  आदि आदि अन्गों में कफ पैदा होने, कफ न निकलने, बार बार खखारने के बाद भी कफ न निकले, बहुत मुश्किल से कफ निकले, कफ न निकलने से खानसते खान्सते मरीज बेदम हो जाये, उन्हे यह औशधि सेवन करने से कफ नरम और ढीला होकर निकल जाता है /

कटेली का कवाथ बनाकर इसमें गुर्च, चव्य , चित्रक, नागर मोथा, ककड़ा सिन्घी, पीपल, काली मिर्च,  सुन्ठी, जवसा, भारनगी, रास्ना और कचूर का चुर्ण करके तिल का तेल, घी और शह्द , बन्सलोचन , पीपल का चूर्ण मिलाकर इसे बनाया जाता है /

इसकी सेवनीय मात्रा ६ ग्राम से  लेकर २५ ग्राम तक है / इसे दिन मे दो बार सुबह और शाम को सादे पानी से या रोगानुसार अनुपान से लेना चाहिये /

अनुपान के साथ कनटकारी अवलेह सेवन करने से इसकी आरोग्य कारी शक्ति कई गुना बढ जाती है / जिनको पुरानी खान्सी हो और न ठीक हो रही हो तो अभ्रक भस्म १५० मिलीग्राम, रूदन्ती चूर्ण १ ग्राम, शहद मे मिलाकर पहले सेवन करे बाद में कनटकारी अवलेह ६ ग्राम सादे पानी के साथ सेवन करें / इसे तीन चार बार खाना चाहिये / 

Solanum Nigrum is used since centuries for mucolytic purposes. The expectoration of mucous becomes easy after the use of kantakaryavaleh..

 If this avaleh is used as anupan, it boosts the action of main medicine.

The remedy is indicative in all sorts of repiratory problems and COPD disorders. Kantakaryavaleh have no side effects  and is totaly safe for use of all ages including pregnent womens.

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5 टिप्पणियाँ

  1. DR.sahab namaskar aapko kya lagta hai mai is bimari se puri tarah theek ho jaunga plz isliye is tarah puch raha hoon bahoot dawa kha chuka koi faida nahi mila aapki dawaa kitne din khane hogi kyunki mai saudi arab me hoon 2/3 month ki dawaa ek sath lene me total charg kya hoga.kya mai aapko phone se apni sari paresani bata sakta hoon aap apna cell no.send kr degeye plz………….

    ………..reply by Dr DBBajpai………..sabase phale mai apko batanaa chaahungaa ki yadi aap ETG AyurvedaScan examination based ayurvedic treatment lete hai to apako mukammal aur avashy aaraam milega, chahe jaisi apki bimaari ki condition ho, ham pichale 24 saal se lailaj bimaariyon ka ilaj karate chale aa rahe hai , abhi yani vartaman me bhi kar rahe hai aur aage bhi rojaanaa aanewale marijon ka ilaaj mutavatir karate rahenge, yah ham vishvas ke saath kahate hai

    apako dava ke liye aur parikshan ke liye KANPUR aanaa hoga tabhi baat banegi, davaa aap ek din, ek hafte,ek mahina ya jitane din ki chahenge mil jayegi, ham courier parcel se dava bhejate hai, hamare yahaa se pure Hindustan me davao ke paracel bheje jaate hai , lekin Videsho ke parcel bhejane me hame dikkat aati hai, isaliye apaka koi Hindustan me ristedar ho to ham usako parcel bhej denge aur vah apako jaisa chahe vaise parcel bheje, yah usaki jimmedari hai

    Lekin Ilaj ke liye apako Kanpur aanaa hogaa,

  2. डा० साहब प्रणाम ,
    मेरा नाम संजय राणा है मैं हिमाचल प्रदेश के जिला सोलन से हूँ और मेरी उम्र ३३ वर्ष है मेरी सस्या ये है की काफी समय से मुझे खांसी रहती है खांसी भी ऐसी की अगर खांसी के बाद पानी पी लूं तो खांसी रुक जाती है और नहीं तो बीच बीच में होती रहती है जुखाम मुझे कोई खास होता नहीं है परन्तु मुझे फिर भी ऐसा महसूस होता है की मेरे कान बंद रहते हैं और आजकल तो मुझे अंदर से फीलिंग हो रही है की मुझे हलकी आवाज सुनाई नहीं देती हालांकि ऐसा है नहीं मुझे सुनाई देता है पर फिर भी मेरे कान बंद जी हैं ऐसा एहसास होता है भारी भारी सा लगता है दिमाग पर भी बोझ सा लगता है , जिसके लिए मैंने कभी कोई खास दवाई नहीं ली मैं एलोपैथी पर विश्वास नहीं करता क्यूंकि मैंने जितना जाना है की एलोपैथी मैं किसी भी बिमारी का इलाज संभव नहीं है वो सिर्फ एक बिमारी को दूसरी में कन्वर्ट करती है बस इसीलिए मैं होम्योपैथी और आयुर्वेदिक पर विशवास करता हूँ परन्तु इन दोनों विधाओं का कोई योग्य डाक्टर मेरी नजर में मेरे नजदीक उपलब्द नहीं और आज आपका ब्लॉग देखा तो आपसे अपनी समस्या को बताने की कोशिश कर रहा हू कृपया क्या मेरी प्रोब्लम को आप सोल्व कर सकते हैं तो मुझे दवाई के लिए परामर्श करें या जो भी उचित माध्यम हो कृपया बताने की कृपा करें !

    भवदीय
    संजय राणा

    ……….उत्तर………..एलोपैथी मे इस तरह की और इस जैसी किसी भी बीमारी का कोई खास इलज नहि है , यह बिल्कुल सही है और मै अप्की बात से सहमत हू /

    जिस तरह की तकलीफ आप बता रहे है यह केवल expressed syndromes है, आप्की बीमारी कही दूसरी जगह से linked है इसलिये जरूरी है कि यह पता किया जये कि बीमारी कहा से generate हो रही है और किस pathway से होकर गले तक जा रही है / इसमें कुछ भी हो सकता है

    मेरी सलह यहि है कि आप अपने नज्दीक के किसी भी शहर मे आयुर्वेदिक य होम्योपैथिक चिकित्सक से मिले और अपनी तकलीफ बताये और इलाज करें

  3. सचिन भाईमारे :- डिस्टिक .वर्धा .
    मा . डॉक्टर साहाब मेरी मम्मी को दमा खासी की बिमारी है जैसाकी मोसम बदलजाता है तो खासी शुरू होजाती है , तले हुए पक्वान्न निकालले तोभी खासी चालू होजाती है ,खासी मे थोडासा बलगम आता है , खासी भोहत परेशान करती है, और थंडी चिजे सेवन करणेसे खासी और भी बड जाती है . अगर आपकेपास्स कोई दावा होगी तो कुपया दवा का नाम इस नीचे लिखे हुए mail id पर भेजे .( sachin_bhaimare@rediffmail.com )

    धन्यवाद

    ………..डा० डी०बी० बाजपेयी का उत्तर …………अपने अभी तक क्या अक्या और किस तरह का इलाज किया है और कितने दिनो से इलाज कर रहे है यह जानकारी नही दी है /

    खन्सी या दमा का इलाज अगर अन्ग्रेजी दवाओ के द्वारा कर रहे है तो यह कभी नही ठीक होगी बल्कि complicacy बढती चली जायेगी / यह दवाओ के resistence होने के कारण ऐसी स्तिथि पैदा हो जाती है क्योन्कि एक सीमा तक आकर दवाओ का असर कम होने लगता है / इसके साथ ही दवाओ के कु-प्रभाव के कारण मरीज की general health condition deteriorate होने लगती है /

    आप चाहे और यह अप्की इच्छा पर निर्भर है कि अगर आप खान्सी / दमा का इलाज करना चाहते है तो फिर आप आयुर्वेद या होम्योपैथी या यूनानी या प्राकृतिक चिकित्सा की औषधियो का सेवन करयेन्गे तो अवश्य आराम मिलेगी /

    अगर पुराने दमा और न ठीक होने वाली खान्सी का इलाज आयुर्वेद की परीक्षण तकनीक ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन और इसके अन्य परीक्षणो पर आधारित रिपोर्ट के आधार पर आश्रित इलाज कराते है तो ऐसी बीमारिया अवश्य ठीक होती है /

  4. सर मै दिल्ली मे upsc की तैयारी करता हूं सर मेरे फेफड़े मे बलगम जमा जैसा लगता , और गले मे जैसे लगता है कि कुछ है इसलिए बार बार जोर लगाकर इसे बाहर निकालने का प्रयास करता हूं लेकिन कुछ नही होता कभी कभी थोड़ी बहुत कफ निकलती भी है.. इसके लिए मुझे दवा कहां आकर कैसे मिलेगी।

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