दिन: जुलाई 30, 2012

गुर्दों का डायबिटीज बीमारी के कारण कार्य करने मे असफलता की दिशा ; Failure of Kidney Normal functions due to Diabetes


डायबिटीज के रोगियों में गुर्दों की यानी किडनी की स्तिथि क्या और कैसे खराब होती है , इसका सटीक जवाब तो नही दिया जा सकता लेकिन मानव क्रिया शारीर के अध्धयन से इस बात का अब्दाजा जरुर लगा सकते हैं की किडनी कैसे खराब हो सकती है मधुमेह् के कारण से /

पहले समझ लें की मानव शारीर में किडनी का क्या काम है ? किडनी का मुख्य काम शरीर के रक्त को छानना है यानी जो भी गन्दगी शारीर के अन्दर मेटाबालिज्म क्रिया की वजह से खून के अन्दर गन्दगी पैदा कराती है उस गन्दगी को किडनी छान देती है और तब शुध्ध किया गया खून हृदय की ओर पहुचा दिया जाता है जहां आक्सीजन मिलकर रक्त शरीर के सेलों तक पहुचा दिया जाता है /

renal system ; गुर्दों की स्तिथि शरीर में इस तरह से होती है

खून में शक्कर  यानी रक्त सूगर के कारण शरीर की अन्गों की रिपेयरिन्ग कमजोर हो जाती है और इन्फ्लेमेटरी कन्डीशन पैदा होने के कारण सेलूलर डैमेज पैदा हो जाता है जिसके कारण गुर्दॊं में रक्त छाननेवाली छलनी जिसे नेफ्रान कहते है , की स्तिथि नेफ्राइटिस में बदल जाती है / बस यहीं से गुर्दों की कार्य क्षमता कमजोर होने लगती है / क्षति ग्रस्त अन्ग डायबिटीज के कारण रिपेयर नही हो पाते / क्योंकि डायबिटीज के बारे मे कहा गया है कि अगर शरीर में एक हजार बीमारियों की मौजूदगी है और उसमे से एक “डायबिटीज” है  तो सबसे पहले डायबिटीज को ठीक करो / इससे यही निष्कर्ष निकलता है कि बिना डायबिटीज को कन्ट्रोल किये दूसरी बीमारियां ठीक नही हो सकती हैं /

अब यह साफ है कि अगर डायबिटीज को कन्ट्रोल नही किया गया तो कीडनी inflamed होकर खराब होने लगेगी और फिर इस अन्ग में तरह तरह की बीमारियां पैदा हो जायेन्गी /

गुर्दा अगर बचाना है तो हमेशा डायबिटीज को कन्ट्रोल करो /

ई०टी०जी० आयुर्वेदस्कैन आधारित इलाज से डायबिटीज ठीक हो जाती है और डायबिटीज के साथ पैदा होने वाली अन्य सभी बीमारियां भी ठीक हो जाती हैं , चाहे उस बीमारी का कोई भी नाम डाक्टरों नें बताया हो  या declare किया हो   और बीमारियों के नाम चाहे कैसा भी भयावह हो  और डर पैदा करने वाले हों / आयुर्वेद की इस आधुनिक तकनीक से अवश्य लाभ होता है //

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