बच्चा पैदा होने के बाद महिलाओं में कम दूध पैदा होने की शिकायत ; problems in Lactation after child birth


प्रसव के पश्चात यानी बच्चा पैदा होने के बाद लगभग ९० प्रतिशत महिलाओं को इस बात की शिकायत पैदा हो जाती जै कि उनके स्तनों मे बच्चे को यानी नवजात शिशु को लालन पालन करने के लिये sufficient quantity  मे दुध नही पैदा होता है, जिसके कारण नवजात शिशु का भूख लगने पर पोषण के लिये जितना दूध की आवश्यकता होती है , वह नही मिल पाता /

शिशु के जन्मते ही माता का दूध पिलाना पहला काम होता है / माता के दूध में पोषण  के लिये जितने भी जरूरी तत्व होते है , वे सब के सब बच्चे को मिलते हैं / यह इतना balanced  होता है कि इसे पीने के बाद शिशु के पाचन सन्स्थान को दूध को पचाने के लिये कोई अतिरिक्त जरूरत पड़्ती हो / माता का स्वयम अपने शिशु को दूध पिलाने से जितनी psychology और अपना पन का अहसास शिशु को होता है, वह शायद बाहरी या किसी दूसरे जानवर का दूध पिलाने से नही प्राप्त होता है /

इसलिये सबसे अच्छा और बेहतर माता का दूध होता है क्योण्कि यह मानव शरीर का कुदरती दूध है जिसे कुदरत द्वारा प्रदान किया गया है और जिससे जनम्ते ही बच्चे को अपने शरीर के विकास के लियेवह सभी पोषक तत्व चाहिये जो मानव के लिये जरूरी है / एक पूर्ण diet  में carbohydrate, protein, fat, minerals, vitamins और पानी का सम्मिलित  combination की जरूरत होती है / यह सभी चीजें दूध में होती हैं /वह सभी पोषक तत्व चाहिये जो मानव के लिये जरूरी है / एक पूर्ण diet  में carbohydrate, protien, fat, minerals, vitamins और पानी का सम्मिलित  combination की जरूरत होती है / यह सभी चीजें दूध में होती हैं /

बच्चे की या शिशु की भूख के बारे मे पता करना बहुत मुश्किल होता है / कुदरती तौर पर बच्चे या शिशु जब भूखे होते हैं तो चिल्लाने लगते हैं , रोते है , अपने मुख में उन्गलियां लेकर चूसते है या जिसके पास होते है उसकी उन्गली या उसकी त्वचा को चाटने लगते हैं / समझदार लोग पहचान लेते है कि बच्चे को भूख लगी है और उसे दूध पीना चाहिये / कुछ बच्चे जोर जोर से रोते है , कुछ शान्त रहते है, कुछ बोलते ही नही है और चुप्चाप पड़े रहते हैं /

खान पान और कुछ एलोपैथी की दवाओं के उपयोग से और अधाधुन्ध बिना सोचे समझे एलोपैथी की दवाओं के खिलाने से छोटे छोटे बच्चों में सफेद दाग VITILIGO  ल्य़ूकोडेर्मा LEUCODERMA  जैसी भयानक बीमारियां हो रही है /

खान पान और कुछ एलोपैथी की दवाओं के उपयोग से और अधाधुन्ध बिना सोचे समझे एलोपैथी की दवाओं के खिलाने से छोटे छोटे बच्चों में सफेद दाग VITILIGO ल्य़ूकोडेर्मा LEUCODERMA जैसी भयानक बीमारियां हो रही है /

बहरहाल महिलाओं को दूध बढाने के लिये आयुर्वेद और होम्योपिथी में कुछ दवायें हैं जिनके उपयोग से महिलाओं में दूध की बढोतरी होती है /

आयुर्वेद के  कुछ प्रयोग नीचे दिये जा रहे है जिन्के उपयोग से इस समस्या का निदान सम्भव  होता है /

१- ३ ग्राम शतावर का चूर्ण एक कप दूध और एक कप पानी मिलाकर एक उबाल  आने तक पका लें , उसके बाद इसको गुन्गुना होने तक रख दें / गुन्गुना होने पर इसमें चार चम्मच शहद मिला ले / अब इसे पी ले /  दिन में दो तीन बार पीने से स्तनों में बहुत दूध उतरता है /

२- शतावर्यादि चूर्ण २ ग्राम दूध के साथ पीने से दूध बहुत पैदा होता है

३- अश्वगन्ध का चूर्ण दूध के बनाने में सहायता करता है

४- दूध पिलाने वाली महिलाओं को चाहिये कि वे जितना दूध पियेन्गी , उतना ही अधिक दूध का उत्पादन उनके स्तनों में होगा , इसलिये महिलाओं को दूध बढाने के लिये दूध का सेवन करना चाहिये

५- बहुत सी महिलाओं को दूध की गन्ध अच्छी नही लगती, किसी किसी को दूध पीना अच्छा नही लगता , ऐसी महिलाओं को दूध से बने पदार्थ खने चाहिये जैसे, खीर, पनीर, छेना आदि

५- महिलाओं को पानी खूब पीना चाहिये / प्यास लगने पर पानी अवश्य पियें और प्यास को किसी भी हालत में रोकना नही चाहिये / प्यास को रोकने से शरीर दूध पानी वाले हिस्से को अव्शोषित कर लेता है / अगर ज्यादा देर तक पानी न पियें तो दूध सूख कर स्तनों मे गान्ठे बना देता है / इसलिये पानी पीते रहना जरूरी है /

किसी किसी महिला को दो या तीन बच्चे हो जाते हैं , ऐसी  स्तिथि में बच्चो को समुचित दूध नही मिल सकता , इसके लिये दुध बढाने के उपाय करना चाहिये जैसाकि ऊपर बताया जा चुका है / इसका एक alternative यह भी है कि दूध पीने वाले बच्चों को माता के दूध के साथ साथ बकरी का दूध भी दिया जाये / माता का दूध और बकरी के दूध के contents  में थोड़ी सी similarity  है इसलिये  यह बच्चों को मुआफिक आता है / मैने कई बार ऐसी स्तिथियों में बच्चों को बकरी का दूध पिलाया है जिससे बच्चे बहुत  स्वस्थ्य और बलवान हुये हैं / 

शिशु के बेहतर स्वास्थ्य के लिये माता का दूध बहुत जरूरी है या साथ साथ बकरी का दूध का पिलाना दोनों ही लाभदायक है /

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