दिन: दिसम्बर 10, 2012

7 Lacs HITS completed on 09 December 2012 ; a number parameter of the popularity of the BLOG devoted to Ayurveda and Alternative medical systems


seven lacks

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मुख और जीभ के कैन्सर पर आयुर्वेद की विजय ; ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन आधारित फाइन्डिन्ग्स इलाज से शत प्रतिशत सफलता ; Oral and Tongue CANCER is curable 100 % by Ayurvedic Treatment ; AYURVEDA conquers on Oral and Tongue CANCER , treatment based on the findings of ETG AyurvedaScan reports


CANCER Oral Cured Case

CANCER Oral Cured Case

आयुर्वेद की कैन्सर पर विजय , यह जुमला लोगों ने सुना जरूर भी होगा और बतकही में जिक्र भी हुआ होगा , लेकिन प्रतयक्ष स्वरूप में किसी ने भी देखा हो या सुना हो, यह जरूर कौतूहल का विषय रहा है /

कैन्सर जैसी बीमारी का इलाज आयुर्वेद द्वारा किया जा रहा हो और आयुर्वेद के इलाज से कैन्सर का रोगी ठीक हो जाये, तो यह और भी कौतूहल का विषय बन जाता है /

पहले क्या होता रहा है और कैसे कैन्सर के रोगी ठीक होते रहे हैं , किस आयुर्वेदिक चिकित्सक ने दावे के साथ कहा है और प्रमाण के साथ यह बात प्रस्तुत करने की कोशिश की कि उसने कैन्सर के रोगी ठीक किये है, वह भी शत प्रतिशत, यह केवल आज के सन्दर्भ में   कपोल कल्पना की ही बात कही जायेगी /

लेकिन यह सब अब सम्भव है और कैन्सर के रोगी ठीक हुये है , उनको पूर्ण आराम मिला है, यह बात EVIDENCE के साथ मौजूद है / यह सब सम्भव हुआ आयुर्वेद के क्रान्तिकारी आविष्कार ETG AyurvedaScan आधारित findings पर आधारित इलाज करने से /

मुख और जीभ के कैन्सर के रोगियों के ठीक होने का सबसे बड़ा कारण यह रहा कि उन्होने बायोप्सी परीक्षण होने के बाद किसी भी प्रकार के operation कराने से इन्कार कर दिया था / दूसरा कारण यह रहा कि बहुत भटकने के बाद ऐसे रोगियों को जब मेरे बारे मे पता चला तो वे तुरन्त मेंरे सम्पर्क में आकर अपना ई०टी०जी० आधारित इलाज परीक्षण करा करके शुरू करने में देर नही लगाई / इस कारण जो उनका रोग तेजी से बड़्ने की दिशा में जा रहा था , उस पर रोक लग गयी और धीरे धीरे रोग का शमन होता चला गया और फिर बिल्कुल ठीक हो गये /

ऐसे रोगियों के ठीक होने के पीछे का कारण यह रहा , क्योंकि [पहला] उन्होने आपरेशन कराने से इन्कार कर दिया था [दूसरा] जैसे ही उनको पता चला कि उनको कैन्सर जैसी बीमारी हो गयी है , उन्होने बिना देर किये परीक्षण कराकर आयुर्वेदिक इलाज करना शुरू कर दिया [ तीसरा] ऐसे रोगियों का इलाज इस लिये सम्भव हुआ क्योंकि आयुर्वेद की आधुनिक निदान ग्यान की तकनीक के जरिये यह पता लग गया कि मरीज की बीमारी के पीछे की जड़ बुनियाद कहां है और कौन कौन से factors हैं या अन्ग हैं जिनकी विकृति से -pathophysiology / pathology – बीमारी हुयी है ? [चौथा] बिना उपयुक्त और कारगर आयुर्वेदिक दवाओं के किसी भी बीमारी का कोई भी उपचार समभव नही है , इसलिये ऐसी बीमारियों से निपटने के लिये या इलाज के लिये specially designed / formulated Ayurvedic Remedies का निर्माण स्वयम द्वारा किया गया है, जो मरीज की व्यक्ति समस्याओं का निदान और चिकित्सा के दृष्टि कोण को ध्यान में रखकर तैयार की जाती हैं, इसलिये ऐसी तैयार दवाये बीमारी की जड़ पर प्रहार करके आरोग्य को प्रदान करती है /

अब यह कहा जा सकता है कि आयुर्वेद चिकित्सा विग्यान ने कैन्सर के कुछ प्रकारों में विजय प्राप्त कर ली है या इसे रोकने में कामयाबी हासिल हो गयी है /

यह समझना बहुत बड़ी भूल होगी और ऐसा नही सोचना चाहिये कि आयुर्वेद चिकित्सा विग्यान ने केवल मुख या जीभ के कैन्सर पर ही विजय प्राप्त कर ली है / हमने शरीर की दूसरी जगहों यथा गुदा , पैन्क्रियाज, लीवर , तिल्ली , आन्त, गला , mammery glands, Uterusआदि आदि के operate किये गये कैन्सर के पश्चात की स्तिथियों का सफलता से इलाज किया है और कर रहे है और ऐसे मरीजों में भी आयुर्वेद चिकित्सा द्वारा आरोग्य प्राप्त करने के आश्चर्य जनक परिणाम प्राप्त हुये हैं /