दिन: जून 14, 2013

लाइलाज बीमारियों के इलाज के लिये आयुष चिकित्सा अपनाना सबसे बेहतर विकल्प ; ayush alternative treatment for incurable disease conditions


incurable disease condition
आयुष AYUSH से मतलब उन पान्च चिकित्सा पध्ध्तियों से जिनको निम्न नाम से जाना जाता है ;

1- A for Ayurveda
2- Y for Yoga and Nature-cure
3- U for Unani system of medicine
4- S for Sidhdha , Sidhdha is practising in South India and similar to Ayurveda
5- H for Homoeopathy system of medicine

जब आयुष शब्द का उपयोग लेख मे किया जाता है तो इसका मतलब यह समझना चाहिये कि जिस बीमारी के इलाज के लिये उल्लेख किया जा रहा है और उसके बारे मे आयुष चिकित्सा कराने के लिये कहा जा रहा है तो इसका यही अर्थ है कि बतायी गयी बीमारी का इलाज “आयुष चिकित्सा विधियों द्वारा समभव” है / यदि आयुष चिकित्सा की जायेगी तो फायदा अवश्य होगा और बीमारी अवश्य ठीक होगी /

आधुनिक चिकित्साव विग्यान में यानी एलोपैथी मे ऐसी बहुत सी बीमारियआं है जिनका कोई इलाज नही है / एलोपैथी के चिकित्सक एलोपैथी चिकित्साव िग्यान से प्राप्त गयान के आधार पर और अपने अनुभव के आधार पर जो समझते है वही कहते है / उनको दूसरे चिकित्सा विग्यान के बारे मे अधिकान्श्त: जानकारी नही होती है / मुझे काफी सन्ख्या मे
ऐसे एलोपैथ डाक्टर मिले है जिनको Ayurveda, Homoeopathy, Unani और Nature-cure के बारेमे बहुत गहरा अध्ध्यन और जानकारी रही है /मेरे एलोपैथिक चिकित्सा करने वाले बहुत से मित्र है, जिनके परिवार मे आयुर्वेद तथा होम्योपैथी की चिकित्सा करने का खनदानी रिवाज रहा है / इन आयुष चिकित्सा के बारे मे जानकारी रखने वाले एलोपैथी डाक्टर बहुत ईमान दारी के साथ अपने मरीजों को सलाह देते थे कि इस बीमारी का इलाज होम्योपैथी अथवा आयुर्वेद अथवा यूनानी चिकित्सा मे है या इसका प्राकृतिक चिकित्सा से उपचार कराइये क्योंकि जिस बीमारी के इलाज के लिये मरीज उनके पास आया है , उसका इलाज उनके पास नही है /

आज हालात बदल गये है / पहले डाक्टर फैमिली फिजीशियन समझा जाता था और जिस परिवार से वह जुडे होते थे , उस परिवार के मरीज डाक्टर कोअ अपने परिवार का अन्ग समझ्ते थे / डाक्टर भी ऐसे म्रीजों को अपना पारिवारिक जन जैसा अमझते थे / समय बदल गया, मान्यताये बदल गयी , समझ बदल गयी , सोच बदल गयी / आज मरीज को डाकटर मरीज नही समझता , उसे डाक्टर एक ग्राहक समझता है / पहले चिकित्सा व्यवसाय एक प्रकार की समाज सेवा समझी जाती थी, आज चिकित्सा कार्य एक तरह का व्यव्साय बन गया है / जहां व्यवसाय जैसी अवस्था पैदा हो जाती है वहं पैसा सबसे पहले आकर झान्कने लगता है / आज यही हो रहा है / डाक्टर का पेशा अब सबसे पहले पैसा पैदा करने का व्यापार बन चुका है /

यही कारण है कि डाक्टर सोचता है कि ग्राहक आया है तो मै इसको क्यों दूसरे पास भेज कर अपनी द्कान्दारी का नुकसान करूं / बीमारी का इलाज जितना लम्बा खिचेगा , उतनी ही उनकी जेब भरेगी और आमदनी होगी / आखिर उन्होने लाखों रुपये खर्च करके और कई साल बर्बाद करके इस मुकाम पर पहुचे हैं तो क्यों न ज्यादा से ज्यादा आमदनी की जाय / मरीज अच्छा हो तो ठीक और न अच्छा हो तो ठीक / डाक्टर से मरीज ठीक हो गया तो वाह वाह , नही ठीक हुआ तो डाक्टर लाइलाज बीमारी बताकर मरीज को बीमार बनाये रखेगा और कहेगा कि ऐसी बीमारी का कोई इलाज नही है / बहुत से डाक्टर मरीज से पीछा छुड़ाने के लिये कहते हैं कि आपका आपरेशन करना पडे़गा और दिल या गुर्दा या कमर या जोड़ बदलना पड़ेगा और इसमे इतने लाख खर्च हो जायेन्गे / यह इलाज कराकर आप बिल्कुल ठीक हो जायेन्गे /

जो आपरेशन से डर गये या आप्रेशन का खर्चा उठाने मे नाकाम्याब रहे या उनके पास इतना पैसा ही नही है कि वे आप्रेशन कर सके वे अपनी बीमारी के इलाज के लिये इधर उधर भटकते रहे / जिन्के पास पैसा है, वे आप्रेशन कराकर और अधिक बीमार हो गये / आप्रेशन से पहले चल फिर भी लेते थे, आपरेशन के बाद खटिया या बिस्तरा पकड़ लिया और फिर सारी जिन्दगी इसी तरह से जीना होता रहा /

ऐसे मरीजों को इस बात का ग्यान ही नही था कि जिन बीमारियों के इलाज के लिये वे वषों तक इलाज करते रहे , वास्तव मे उन बीमारियों का सही और सटीक इलाज आयुष चिकित्सा विधियों मे रहा है / कोई सही राह बताने वाला इन मरीजों को मिला ही नही / लिहाजा ऐसे मरीज गलत इलाज होने के कारण अपहिज हुये, या जिन्दगी भर के लिये तकलीफ भोगने को मज्बूर हुये या फिर इस दुनिया को आखिरी प्रणाम कहकर बिदा हो गये /

जिनको किसी सही आदमी ने आयुष चिकित्सा के बारे मे बताया और जिन मरीजों ने आयुष चिकित्सा की वे बहुत आराम से , सुगमता से या कुछ तकलीफ के साथ अपना पूर्ण जीवन निर्वाह करते रहे हैं / ऐसे मरीजों की जिन्दगी लम्बे समय तक चली /

इसलिये लोगों को समझना चाहिये और दूसरों को नैतिक जिम्मेदारी समझते हुये लाइलाज बीमारियों से जूझ रहे लोगों को आयुष चिकित्सा के बारे मे बताना चाहिये कि जिसे लाइलाज बीमारी कह दिया गया है , वास्तव मे ऐसी बीमारियों का बहुत सटीक और अचूक और सुगम इलाज आयुष चिकित्सा में मौजूद है , आज जरूरत इस बात की है यह सन्देश देश के हर व्यक्ति के पास पहुचना चाहिये ताकि जानकारी के अभाव में कोई अकाल काल-ग्रस्त न हो /

आज आयुर्वेद के पास रोगों के निदान ग्यान और सारे शरीर के आयुर्वेद आधारित वैग्यानिक परीक्शण करने की आधुनिक मशीनों द्वारा ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन जान्च करने की सुविधा उपलब्ध है / आयुष हीमों मीटर द्वारा रक्त की जान्च और मूत्र परीक्षा द्वारा परीक्षण की विधियां विकसित की जा चुकी है / अब आधुनिक आयुर्वेद की इन खोजों के द्वारा प्राप्त आन्कड़ॊ पर आधारित आयुर्वेद का इलाज करने से लाइलाज कही जाने वाली बीमारियों का और कठिन कठिन बीमारियों का इलाज चाहे उसका कोई भी नाम दिया गया हो, उसका इलाज सम्भव है /

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