दिन: अक्टूबर 29, 2013

Determination of constituents of Blood ; रक्त के अन्दर पाये जाने वाले कुछ द्रव्यों का आयुर्वेद की तकनीक द्वारा ग्यात करने का प्रयास


मानव रक्त के अन्दर पाये जाने वाले कुछ ्द्रव्यों का यानी Organic और Inorganic substances को ग्यात करने की विधि का प्रयास KPCARC, KANPUR द्वारा किया गया है / इस कोशिश के नतीजे यद्यपि क्या होन्गे ? यह प्रश्न तो भविष्य के गर्त में ही छुपा होगा /

लेकिन हमारा प्रयास लगातार जारी है / यह ठीक ठीक नही कहा जा सकता है कि results किस तरह के मिल सकते हैं / Research करने के दर्मियान रिसर्च के परिणाम क्या होन्गे, यह सब कुछ दावे के साथ कहा नही जा सकता है /

फिर भी जितने भी रिजल्ट मरीजों के खून की जान्च करने के बाद मिले हैं, वे सभी बहुत उत्साह वर्धक हैं / आयुर्वेद चिकित्सा विग्यान मे एक तो ऐसे ही कोई खून की जान्च का विधान नही है और न इसका कोई अभी तक आविष्कार ही किया गया है/ यह आयुर्वेद के लिये ऐतिहासिक काल ही कहा जायेगा जब इस तरह की खून की जान्च की आयुर्वेद आधारित जान्च को विकसित करने का प्रयास किया गया है /

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उपरोक्त रक्त परीक्षण की रिपोर्ट एक महिला की है जिसे मान्सपेशियों और घुटनों मे दर्द तथा शरीर के जोड़ॊ मे दर्द की तकलीफ है /

इस महिला का सल्फेट और क्लोराइड और कैल्सियम और मैन्गनीज और यूरिक एसिड सामान्य लेवेल से कम है / वहीं दूसरी तरफ फास्फेट्स और पोटेशियम लेवेल अधिक की ओर हैं / इस तरह की blood picture ARTHRITIS की ओर इशारा करती है /

महिला आयुर्वेद के सिध्धान्तो के अनुसार वातज – पित्तज दोष से ग्रसित है /

यहां यह देखने वाली बात होगी कि किस constituents of BLOOD के combination के बनने से क्या निष्कर्ष आयुर्वेद के त्रिदोष सिध्धान्त को मिलाकर और matching करके कैसे निकाला जा सकता है और क्या ऐसे combination के सम्बन्ध हो सकते है ????

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दूसरी रिपोर्ट एक २३ साल के नवयुवक की है जिसे कई तरह की तकलीफे हैं जिन्हे यहां बताना उचित नही होगा / मरीज की प्रायवेसी को देखते हुये बहुत कुछ नही बताया जा रहा है, लेकिन इशारे के लिये इतना कहना काफी है कि इसे बाजीकरण और रसायन और ध्वज भन्ग ्से सम्बन्धित विकार है /

इस मरीज के सल्फेट्स और क्लोराइड और सोडियम और कैल्सियम और मैग्नेशियम कम की ओर आये हैं तथा फास्फेट और पोटेशियम अधिक की ओर आये हैं /

इस मरीज के electrolytic imbalances पित्तज और कफज विकार की ओर इशारा करते हैं /

इन मरीजो को दोषानुसार औषधियां बता दी गयी है / 90 दिन दवा सेवन करने के बाद इन मरीजों को पुन: review करने के लिये बुलाया है , दुबारा रक्त परीक्षण के बाद ही पता चल पायेगा कि रक्त की जान्च की कया स्तिथि है ?

अभी रक्त परीक्षण की जान्च केवल निदान ग्यान के लिये ही किया जा रहा है, मरीज के स्वास्थय की monitoring भी इसके माध्यम से की जा रही है / जैसा कि research procedure होते हैं , उनमें काम करना आसान नही होता है, जबकि इस तरह के रिसर्च कार्य सन्सथागत स्तर पर न किये जा रहे हों /

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Neutraceutical ; Food as well as Remedy ; खाद्योषधि ; पौष्टिक भोजन तो है ही, उच्च किस्म की आयुर्वेदिक दवा भी है


इसे भारतीय चिकित्सा विग्यान आयुर्वेद का कमाल ही कहना चाहिये कि आयुर्वेद मे बतायी गयी बहुत सी तकलीफो का इलाज खाने पीने की चीजों के साथ साथ ही किया जा सकता है /

ऐसी एक RECIPE के बारे में बता रहा हू, जिसे सैकड़ॊं बार सफलता पूर्वक आजमाया जा चुका है / यह बहुत सरल है लेकिन है बहुत काम की भोज्य-औषधि /

इसका फार्मूला नीचे दिया गया है ; नीचे लिखी गयी मात्रा दो गिलास यूष के लिये है /

१- पालक २५ ग्राम
२- बथुआ २५ ग्राम
३- अदरख १० ग्राम
४- लहसुन २ जवा
५- तुलसी छोटी २० पत्ती
६- तुलसी बड़ी २० पत्ती

उपरोक्त सभी द्रव्यों को खरल में डालकर महीन/ मोटी चटनी की तरह पीस लें /

अब इसमें नीचे लिखा आयुर्वेद का क्वाथ द्रव्य मिला दें /

७- दशमूल क्वाथ [सूखा] १० ग्राम
८- अडूसा ५ ग्राम

उक्त सभी द्रव्यों को ३०० मिली लीटर पानी में मिलाकर एक उबाल आने तक चूल्हे की आन्च पर गरम करें / बाद में इसे किसी बर्तन से ढान्क कर रख दें / जब यह गुन्गुना ताप तक आ जाये तब इसे छान लें / इसके दो हिस्से कर लें / यह दो लोगों के उपयोग के लिये है /

उक्त छाने हुये यूष के द्रव्यों को फेंके नही / इसे दुबारा पानी मिलाकर पका ले और उपयोग करें /

इस द्रव्य का दो बार प्रयोग करें / सुबह और शाम इसका सेवन कर सकते है /

इस भोज्य औषधि का उपयोग निम्न रोगों की अवस्था मे कर सकते है;

१- दुबले पतले मर गिल्ले और सीन्ख सलाई फजले इलाही वाले लोगो के लिये यह टानिक का काम करता है /
२- जिनको electrolytic imbalances हो
३- खून की कमी वाले लोगों को पीने से कुदरती तौर पर फयदा होता है
४- जिन्हे बार बार जुखाम होता हो
५- जिन्हे खान्सी और गले की खरस होती हो
५- जिन्हे थकावट बहुत जल्दी आती हो
६- जिन्हे arthritis / musculoskeletal / muscles/ joints की तकलीफे हो
७- यह एक बहुत अच्छा “दर्द दूर करनें वाला” पेय है / किसी भी तरह के दर्द में इसके सेवन से दर्द में आराम मिलती है
8- स्वस्थय अवस्था मे इसको पीने से यह टानिक काम करता है / इसे आजमाइये और पथ्य की तरह भी बीमारियों मे उपयोग करें /