डेन्गू या चिकन गुनिया अथवा इसी तरह के syndromes के मिलते जुलते बुखार का सटीक एलोपैथी / आयुर्वेदिक / होम्योपैथी का combination इलाज से प्राप्त आरोग्य रोगी मे से एक का चिकित्सा-व्यवस्था-विवरण


दिनान्क 29.11.2013 को एक चालिस वर्षीय पुरुष मरीज को वाइरल बुखार आया / रोगी को २९/११/२०१३ की रात को ११ बजे के लगभग बहुत तेज जाड़ा लगकर बुखार आ गया, यह बुखार १०४ डिग्री से अधिक का हुआ / सुबह होते होते उसे उल्टियां और वमन जैसी तकलीफें शुरु हो गयीं/ रात मे जब बुखार आया तो उसके साथ साथ उसे पूरे शरीर में allergy जैसे चकत्ते पड़ गये और त्वचा लाल रन्ग के patches के साथ गहरे से हो गये / इसके साथ साथ उसको भयानक खुजली सारे शरीर में होने लगी / सारा बदन लाल लाल सा हो गया , ऊपर से हो रही खुजली ने और अधिक तकलीफ बढा दी /

यह वह अवस्था थी जब मरीज ने अपनी तकलीफ बतायी और दिखाई / सारे syndromes देखकर और सुनकर तथा जान्चने के बाद यह confirm हो गया कि इसे कानपुर में फैले वाइरस का infection हो चुका है /

दिनान्क ३० नवम्बर २०१३ को निम्न चिकित्सा व्यवस्था दी /

१- तेज बुखार को रोकना बहुत जरूरी होता है ताकि शरीर मे अनाव्श्यक complications न होने पायें / इसलिये बुखार को अधिक बढने से रोकने के लिये Allopathy की दवा Paracetamol 500 mg और allergy को रोकने के लिये avil 25 mg को प्रयोग अधिक तकलीफ से बचाने के लिये दिन मे तीन बार खाने के लिये बताया गया /

२- आयुर्वेद की निम्न औषधियों को ३ – ३ घन्टे के अन्तराल से सेवन कराया गया , यह इसस्लिये कि बुखार और एल्र्जी के लक्षण को रोकने के लिये और मरीज की तकलीफ अधिक न बढे /
मृत्युन्जय रस एक गोली
गन्धक रसायन एक गोली
आनन्द भैरव रस एक गोली
काम दुधा रस एक गोली
प्रवाल पन्चामृत रस एक
सप्त पर्ण घन वटी एक गोली

गुनगुने पानी से यह आयुर्वेदिक दवा की छह गोलियां तीन तीन घन्टे से दी गयी

३- होम्योपैथिक दवाओं के Mother tincture का combination एक एक घन्टे मे देने के लिये बताया गया /
CHIRAYATA Q
kALMEGHA Q
CEASALPEANIA BONDUCELLA Q
AZADIRACHTA INDICA Q
ECHINESIA Q
यह सभी मदर टिन्क्चर ५ मिली लीटर प्रत्येक कुल मिलाकर २५ मिलीलीटर लेकर २०० मिलीलीटर साफ पानी में combination बनाकर एक एक घन्टे मे लेने के लिये बताया गया /

पथ्य में रोगी को केवल चाय, दूध मे एक चम्मच हल्दी का पाउडर मिलाकर पीने के ्लिये बताया गया / ब्रेड में आलू की टिकिया पकाकर खाने के लिये बताया गया /

रोगी का बुखार शाम तक घट्कर १०० दिग्री तक आ गया / यही दवा का क्रम दूसरे दिन भी जारी रहा /

दूसरे दिन शाम तक बुखार Normal आ गया और एलर्जी तथा दूसरे syndromes सभी घटकर २० प्रतिशत रह गये / Paracetamol और एविल बन्द कर दी गयी , यह कहा गया कि अगर जरूरत पडे तभी इन दवाओं का उपयोग करें /

तीसरे दिन शाम तक मरीज का बुखार तथा अन्य तकलीफे सब सामान्य हो गयी /

चौथे दिन मरीज अपने काम पर जहां वह नौकरी करता था वहां काम के लिये चला गया / हलान्कि दो दिन तक उसे केवल आयुर्वेदिक दवाओं पर रखा गया /

चौथे दिन उसे सामान्य भोजन करने के लिये बता दिया गया / अब मरीज ठीक है, चार दिन इलाज देने बाद अब वह सामान्य है और उसे कोई तकलीफ नही है /

Conclusion;

Viral infection के लिये और दूसरी बहुत crucial इन्फेक्शन की फैलने की स्तिथियों मे इस तरह के combination treatment से सफलता पूर्वक मरीजो की, हिफाजत का सबसे पहले ध्यान करते हुये, इन्फेक्शन से पैदा होने वाली सभी तरह की बीमारियों का इलाज किया जा सकता है / पिछले ५० वर्ष से अधिक का समय हो चुका है , combination treatment से बहुत अच्छे result मिलते है / इसे सभी चिकित्सकों को बिना किसी दुर्भावना या दुराग्रह को अलग करके मरीज और रोगी के हित में अवश्य आजमाना चाहिये / यही सन्देश चिकित्सकों को देना और बताना हमारा उद्देश्य है /

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