A case of MIRGI : EPILEPSY ; Diagnosis through Ayurveda Latest technologies ; मिर्गी के एक रोगी का आयुर्वेदिक निदान परीक्षण


नीचे दिया गया विवरण एक मिर्गी के रोगी का है जिसकी उमर १७ साल की है / इसको मिर्गी का दौरा पिछले सात साल से आ रहा है / इसके पिता एक एलोपैथी के चिकित्सक हैं / एलोपैथी का बेहतर और अच्छे से अच्छा इलाज कराने के बाद भी इस लड़्के को मिर्गी का दौरा लगातार आता रहा / शुरु शुरु मे मिर्गी का दौरा कुछ माह के अन्तराल मे कुछ समय एक मिनट से अधिक का आता था परन्तु बाद मे जैसे जैसे समय बीतता गया मिर्गी का दौरा जल्दी जल्दी और दिन मे कई कई बार आने लगा तथा दौरे से आने वाली बेहोशी का समय भी बढ गया / कई शहरों और देश के प्रतिष्ठित चिकित्सा सनस्थानों मे एलोपैथी दवाओं का इलाज कराने के बाद भी इस लड़्के को मिर्गी का दौरा लगातार आता रहा और ठीक नही हुआ / सबसे चिन्ताजनक बात parents के लिये यह् थी कि एक तरफ मरीज की तकलीफ नही ठीक हो रही थी और मिर्गी का दौरा रुक नही रहे थे तो दूसरी तरफ उसकी मिर्गी का दौरा रोकने के लिये दी जाने वाली दवाओं की मात्रा पहले से दुगनी और फिर तीन गुनी और फिर चार गुनी तक हो गयी , इसके साथ साथ रोगी का दिमाग कमजोर होने लगा , उसको पढने लिखने से अरुचि हो गयी और उसको पढने लिखने से एक तरह से hate होने लगी /

इस लड़्के के रिश्ते मे इसकी इसकी एक बहन है, जो इटावा के पास की रहने वाली है और जिसको मिर्गी का दौरा कई साल से पड़ रहा था और जिसका इलाज एलोपैथी दवाओं से किया जा रहा था, लेकिन दवाये खाते रहने के बाद भी इस लड़्की को मिर्गी का दौरा महीने मे कई कई बार पड़ता रहता था / घर के लोगो ने इस लड़की की शादी तय कर दी थी , जो पिछले साल नवम्बर मे हो चुकी है / इस लड़्की का इलाज करने के लिये इस लड़्की के एक रिश्तेदार ने हमारे यहां कराने के लिये कहा था / इस लड़्की का इलाज हमारे द्वारा किया जा रहा है और वह मिर्गी के दौरे से पूरी तरह से ठीक हो चुकी है /

इस लड़्की के मिर्गी के दौरे को ठीक होते हुये देखकर फतेह्पुर के इस लड़्के के parents , जो खुद एक एलोपैथी के डाक्टर है , इसे हमारे रिसर्च केन्द्र मे इलाज के लिये लेकर आये /

इस लड़के का ETG AyurvedaScan तथा दूसरे परीक्षण किये गये जो आप सबके लिये यहां दिये जा रहे हैं ताकि चिकित्सा प्रेमी लोग लाभान्वित हो सके /
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ऊपर की रिपोर्ट शीट मे रिकार्ड किये गये ट्रेसेस मे Irregular Electrical Behaviour शरीर का रिकार्ड हुआ है / इस तरह की trace रिकार्डिन्ग होने के बहुत से कारण होते हैं / जब ऐसे ट्रेस रिकार्ड किसी भी रोगी के होते है तो आयुर्वेद का निदान बहुत सटीक होता है / इस कारण से Treatment भी बहुत सटीक और अचूक हो जाता है और आयुर्वेदिक दवाये चमत्कारिक रूप से फायदा पहुचाती है जो रोगी को रोग मुक्त करने के साथ साथ स्थायी फायदा देती है /
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यहां दिये गये ट्रेस रिकार्ड जो आयुर्वेद की mapping के हिसाब से रेकार्ड किये गये हैं / मिर्गी के रोगी में लगभग एक बात अवश्य observe की गयी है कि Brain अथवा दिमाग से समबन्धित करीब करीब सभी बीमारियों मे Blood Circulation सिर की तरफ होता है / यह ETG AyurvedaScan के हिसाब से एक तरह की असामान्य अवस्था शरीर की होती है / ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन का अध्ध्यन मानता है कि सामान्य अवस्था और सामान्य स्वास्थय को बनाये रखने मे circulation का पैरों की ओर होना आवश्यक होता है /
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E.T.G. AyurvedaScan की रिपोर्ट सारे शरीर की आयुर्वेद के हिसाब से mapping और तदनुसार Scanning करके पूरी तरह से data की processing करके तब रिपोर्ट जितने भी तरीके से डाटा acquire करने की विधियां हैं , उन सब्कॊ मिलाकर क्या तस्वीर आती है , उसी पर निर्धारित करके three dimentional diagnosis की जाती है / मरीज की जितनी भी मुख्य तकलीफे होती है उन्हे ही फाइनल रिपोर्ट में शामिल कर लेते हैं /

ईस रोगी की क्या क्या anomalies आयी है, उन्हे ही यहां बताया गया है /
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आयुर्वेद के हिसाब से इस मरीज की प्रकृति त्रिगुणात्मकता “रजस” है लेकिन इसके साथ “सात्विक” भाव अधिक है / इसकी जन्म के समय की प्रकृति का combination जो जन्म के समय के त्रिदोष को उपस्तिथि को दर्शाता है, इसमे वात दोष सर्वाधिक और कफ दोष सबसे कम निकला / हलान्कि ये दोनों ही सामान्य से अधिक लेवेल के मिले /

जिस समय मरीज का ई०टी०जी० और अन्य टेस्ट किये गये , उस समय का त्रिदोष उपस्तिथि में पित्त दोष सबसे अधिक यानी सामान्य से अधिक और कफ दोष कम यानी सामान्य से कम लेवल का निकला है /

त्रिदोश भेद यानी Ayurvedic Patho-physiology मे बात दोष के पान्चो भेद , पित्त दोष के पान्च भेद तथा कफ दोष के चार भेद असामान्य निकले है /

अग्निबल “विषमाग्नि” निकली है /

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सम्पूर्ण सप्त धातु जिसे Ayurvedic Pathology कहते है, भी असामान्य है और वात प्रभावित और पित्त प्रभावित और कफ प्रभावित सप्त धातुयें भी असामान्य स्तिथि की हैं /
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