महीना: फ़रवरी 2014

001 : AYURVEDA-AYUSH REMEDIES ON-LINE SHOPPING ; MEDICINES FOR GASTRO-INTESTINAL TRACT DISORDERS ; आयुर्वेद – आयुष की गैस्ट्रो-इन्टेस्टाइनल ट्रैक्ट यानी पाचन सन्सथान से समबन्धित उपयोगी दवायें


मिर्गी अथवा बेहोश होना शत प्रतिशत आयुर्वेदिक इलाज से क्योरेबल है : EPILEPSY IS NOW CURABLE BY AYURVEDA TREATMENT


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सिर की तरफ या सिर की ओर रक्त प्रवाह होने का क्या मतलब ? ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन द्वारा किये गये अध्ध्यन का निष्कर्ष ; What is meant, if Blood Circulation is towards Head ? An E.T.G. AyurvedaScan based studies conclusion.


सिर की ओर रक्त प्रवाह अथवा BLOOD CIRCULATION होने से क्या और किस तरह की तकलीफे और क्या क्या बीमारिया हो जाती है, इसका investigation सबसे पहले ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन के परीक्षनो और उसके बाद किये गये  अ ध्धयनो से  highlighted  हुआ /

ई०टीजी० आयुर्वेदास्कैन के अध्ध्य्यनो से सिर की ओर रक्त प्रवाह होने के कारण से क्या क्या बीमारियां detect  और  diagnose होती है, इनके बारे मे नीचे लिखा जा रहा है /

  1. यह शत प्रतिशत १००%  पाया गया है कि “मानसिक बीमारियों ” MENTAL PROBLEMS मे  सिर की ओर Blood circulation  होता है  यानी PSYCHOLOGICAL DISORDERS मे ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन की traces ,  जिन्हे  कफ स्थान से रिकार्ड किया जा्ता हैं , वे traces  उर्ध्वाकार होती है /
  2. यह शत प्रतिशत पाया गया है कि जो व्यक्ति मानसिक श्रम अधिक करते है  या मानसिक कार्य कलाप अधिक है   या MENTAL WORK  related  कार्य करते हैं तो ऐसे लोगो की ” कफ स्थान ” की traces  उर्धवाकार होती है /
  3. EPILEPSY  या मिर्गी या अपस्मार के सभी मरीजों में traces POSITIVE  रिकार्ड होती है  यानी recorded traces उर्ध्वाकार होती है /
  4. जिन  रोगियों मे traces positive प्राप्त होती है या record  होती हैं,  ऐसे रोगियो को मानसिक तनाव अपने आप होता रह्ता है लेकिन हकीकत मे उनको मान्सिक तनाव की वजह नही पता होती है कि वे क्यो मानसिक तनाव झेल रहे है और इसके कया कारण है, ऐसा वे स्वय्म नही समझ पाते है  / ये रोगी मानसिक तनाव करते नही लेकिन इनको मानसिक तनाव कुदरती तौर पर बना रहता है /
  5. Positive traces  के रोगी मे एक और बात पैदा होती है कि वे जिस एक बिन्दु पर सोचते है या जो idea या सोच एक बार उनके दिमाग मे बैठ जाती है , वह idea  या विचार बिन्दु या सोचा गया जुमला बार बार हर सेकन्ड उनके दिमाग मे घूमता रहता है / हलान्कि ऐसे रोगी बार बार होने वाले विचारों को दिमाग से ह्टाना चाहते है , लेकिन  वे कोशिश करके भी ऐसे विचारों को हटा नही पाते /
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“K” leveled trace को कफ स्थान से रिकार्ड किया गया है /

ऊपर प्रस्तुत किया गया trace record यह एक मिर्गी EPILEPSY  के मरीज का trace record  है / जिसमे ट्रेसेस उर्ध्वाकार रिकार्ड हुयी हैं  यानी रिकार्ड  ऊपर की ओर पाजिटिव लेवल की हैं  /

नीचे एक कैन्सर के रोगी का रिकार्ड दिया जा रहा है जिसे lumpho Sarcoma  है और जिसे chemotherapy और radiation  दोनो का इलाज दिया जा चुका है लेकिन उसकी तकलीफ नही ठीक हुयी बल्कि और अधिक बढ गयी, इससे घबराकर वह आयुर्वेद का इलाज कराना चाहता था/ यह व्यक्ति किसी अच्छे आयुर्वेद  चिकित्सक की तलाश मे था / यह रोगी भारत सरकार की सेवा कर चुका है और रिटायर्ड हैं /

इस रोगी का Trace record नीचे दिया जा रहा है /

इस रोगी को PENIS  का  कैन्सर हुआ है  और इसकी केमोथेरपी तथा रेडियेशन कई कई बार हो चुका है लेकिन इसको कोई आराम नही मिली , बल्कि इस मरीज की तकलीफ और ज्यादा बढ गयी है / इस मरीज को मेरे इलाज करने के तौर तरीके के बारे मे एक अन्य इलाज करा चुके मरीज ने बताया था /

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इस Trace record  मे “d” waves और “e”  waves ऊर्धवगामी है यानी positive level  की है / लेकिन इसके साथ साथ “e” waves बहुत नीचे तक negative direction  मे पहुन्च रही है / इसके साथ साथ  “s” waves सामान्य से बहुत  अधिक  हो गयी हैं तथा “h” waves  नही बन रही हैं / “s” waves सीधे सीधे “k” waves  से मिल गयी है /

इस तरक के trace record तभी मिलते है . जब रोगी को SOMATO-PSYCHIC DISORDERS  पैदा हो जाते है / लम्बी  “k” waves  तभी प्राप्त होती है जब रोगी को CERVICAL SPINE  अथवा cervical spondylitis जैसी कोई बीमारी हो /

इस रोगी का E.T.G AYURVEDASCAN द्वारा किये गये रोग निदान तथा AYURVDA BLOOD EXAMINATION की रि्पोर्ट नीचे दी गयी है /

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मरीज का ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन कराने के बाद उक्त तकलीफो का समूह सामने आया है / इसमे सबसे प्रमुख   SPLEENOMEGALY  उभर कर सामने आयी है /  PHYSICAL EXAMINATION जान्च करने पर इस रोगी की  SPLEEN  बढी हुयी पायी गयी /

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ऊपर दी गयी सभी रिपोर्ट का observation करने  के बाद मरीज की तकलीफ का three dimensional diagnosis  की गयी और इस तरह की गयी diagnosis के  अनुसार उसे  आयुर्वेदिक दवाये लेने के लिये AYURVEDIC MEDICINE PRESCRIBE  की गयी /

कैन्सर से ग्रस्त इसी तरह के मरीजों मे ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन और इसके आनुसान्गिक supplementary & allied परीक्षणो के आधार पर इलाज करने से अवश्य सफलता मिलती है और रोगी की तकलीफें कम होती है और रोगी को अधिक  उम्र  मिलती है या उम्र बढने की सम्भावनाये होती है , ऐसी धारणा  हमारे रिसर्च सेन्टर मे कैन्सर के मरीजों के आयुर्वेदिक इलाज करने के बाद मान्य किये गये हैं /

आयुर्वेदिक इलाज करने से POSITIVE TRACES  यानी उर्ध्वागामी रिकार्ड ट्रेस पुन:  NEGATIVE SIDE  यानी नीचे की ओर धीरे धीरे आने लगती है और जिस  गति से ट्रेसेस नीचे कुदरती यानी प्राकृतिक अवस्था को प्राप्त करने लगती है अथवा रिकार्ड करने पर सामान्य की तरफ आने लगती हैं , वैसे वैसे मरीज के भी रोग और रोग-लक्षण ठीक होने लगते है और रोगी अपने स्वास्थ्य को प्राप्त कर लेता है /

AVASCULAR NECROSIS ; POST OPERATIVE AND POST SURGICAL COMPLICATIONS CASE ; AYURVEDA E.T.G AYURVEDASCAN DIAGNOSIS AND APPROACH


Recently a case of AVASCULAR NECROSIS , bilateral operated before one year, developed major complications in his both HIP-Joints severely. Surgeon, who have taken the case under his supervision, advised him to for HIP REPLACEMENT.

In this crisis stage, patient approached me and asked for the help for AYURVEDA TREATMENT.

HIS ETG AyurvedaScan traces are given below and some essential details are given below.

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See and observe the Rt side traces and Lt side traces , there is changes seen in both the sides.Similar observe HIP JOINTS of both sides , see the pattern of electrical impulses, so is of the Rt Hip and Lt hip.
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See here the Autonomic Nervous system , Cervical spondylitis presence, Sinusitis presence, Spleen Liver, Pancreas and small intestines and lower limbs evaluation.

Presence of Sinusitis shows that patient have heavy KHARRATA during sleep, as if RAIL ENGINE is moving in the ROOM.

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Chief complaints reveals that he is having Enlarged Liver and Blood anomalies including High Blood pressure and tachycardia – 110 pulse per minute.

Patient have Dry Eczema and Dermatitis since over 24 years for which Allopathic practitioners gave him heavy doses of STEROIDS.As a consequence of HEAVY STEROIDS , patient developed hectic skin disorders in his whole body.

PhotosOLYMPUS DIGITAL CAMERA of the Lower limb’s foot are given here for reference.
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Above sketch shows the places and sectors of Human Body, where BLOOD is produced including RED BLOOD CELLS. See and observe the places of Hip joints and structure of BONES.
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Heavy STEROIDS doses could not control the SKIN DISORDERS completely but as a side effects of the steroids inhibited the areas of the BLOOD PRODUCING MECHANISM of Body and as a result the socket of the joints de-oxgenated and the supply of OXYGEN in the hip joints lessens and lessens. This causes NECROSIS of the area.

ARTIFICIAL IMPLANT OF  HIP-JOINT

ARTIFICIAL IMPLANT OF HIP-JOINT



VIDEO is showing the IMPLANT OF ARTIFICIAL JOINTS

The other problem generating factors are LIVER and PANCREAS and SPLEEN , which causes BLOOD ANOMALIES due to metabolic immature chemical changes and related entire chain of functions.The patho-physiology of these organs are responsible for generation of the disease process.

Cumulative readings obtained from AYURVEDA BLOOD Examination reveals that Phosphates [total] and Chloride and Magnesium and Ammonia and Creatine are below normal while Sodium and Calcium and Iodine are above normal.

In AYURVEDA Diagnosis and Treatment the entire data of the Blood examination are taken for proper diagnosis with the other ways gained simultaneously i.e. from ETG AyurvedaScan findings , Ayurveda Thermal Scanning and others findings for appropriate selection of AYURVEDA and AYUSH remedies.

AYURVEDA considers the whole “HUMAN BODY” as a SINGLE UNIT and this frames the idea of HOLISTIC APPROACH. While comparatively the MODERN SYSTEM OF MEDICINE – ALLOPATHY considers HUMAN BODY as a MULTY UNIT , just like a part of machine, that’s why ALLOPATHIC CONCEPT is otherwise , say “HUMAN MACHINE”. This is the BASIC ideological differences in-between AYURVEDA and MODERN WESTERN MEDICINE,say ALLOPATHY.

TREAD-MACHINE E.T.G. AYURVEDASCAN TEST ; LATEST AYURVEDA INVENTION FOR FINER DIAGNOSIS OF AYURVEDA PRINCIPLES AND DISEASE DIAGNOSIS


AYURVEDA, THE INDIAN SYSTEM OF MEDICINE have achieved another goal in the field of finer diagnosis of AYURVEDA FUNDAMENTALS and DISEASE DIAGNOSIS with the monitoring of HUMAN HEALTH.

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[to be loaded soon]

विश्व कैन्सर दिवस दिनान्क ४ फरवरी २०१४ को जिला उन्नाव, उत्तर प्रदेश मे आयुर्वेद के रोग-चिकित्सा निदान शिविर का उद्घाटन डा० देश बन्धु बाजपेयी द्वारा कैम्प का उद्घाटन ; On World Cancer day 04th February 2014 , AYURVEDA DIAGNOSIS AND TREATMENT CAMP organised in Distt; UNNAO, Uttar Pradesh , inaugarated by Dr Desh Bandhu Bajpai


देश की सबसे बड़ी क्षेत्रफल तथा आकार और प्रकार में लोक सभा की कान्स्टीटुएन्सी [The biggest PARLIAMENTARY CONSTITUNECY, UNNAO, U.P. INDIA] दिनान्क ४ फरवरी २०१४ बसन्त पन्चमी के दिन जिला उन्नाव, उत्तर प्रदेश मे भारत विकास परिषद सन्स्था द्वारा आयुर्वेद का रोग निदान चिकित्सा का आयोजन किया गया जिसमे बड़ी सन्ख्या मे रोगियो का परीक्शण किया गया /

शिविर का उद्घाटन विश्व प्रसिध्ध आयुर्वेदिक चिकित्सक और आयुर्वेद चिकित्सा विग्यान के कई आविष्कार कर चुके और सर्वाधिक प्रसिध्ध सिस्टम ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन के आविष्कारक डा० देश बन्धु बाजपेयी द्वारा किया गया था /
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Dr D.B.Bajpai is lighting DEEPAK before LORD DHANAVATRI and Mother SARASWATI to inaugrate the AYURVEDA CAMP to start, along with Dr.PANKAJ NIGAM and Dr. HARI SHANKAR MISHRA , both of renowned AYURVEDA Physician of UNNAO, UP.
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Dr. Desh Bandhu Bajpai is examining patient by one of the portable ETG AyurvedaScanner machine, particularly used in TREAD MACHINE E.T.G. AyurvedaScan examination purposes.

विश्व कैन्सर दिवस ४ फरवरी को हर साल मनाया जाता है /
The News of the Ayurveda Camp is covered by the Daily JAGARAN NEWS PAPER , a Hindi Language Leading India’s Daily Language News paper , published on 05 th February 2014 issue.

Below is given the published news in DAINIK JAGARAN Newspaper on 5.2.2014 issue.
daily jagaranbasant panchami

हिन्दी भाषा के भारत देश में पढा जाने वाला समाचार पत्र “दैनिक जागरण उन्नाव एडीशन ” अखबार के दिनान्क ०५ फरवरी २०१४ के अन्क में आयुर्वेद शिविर के बारे में प्रकाशित समाचार
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NEWS PUBLISHED IN “DAINIK HINDUSTAAN” , A HINDI LANGUAGE NEWS PAPER

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NEWS PUBLISHED IN “DAINIK AAJ” , A HINDI LANGUAGE NEWS PAPER
शिविर मे ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन परीक्षण द्वारा ३७ मरीजो का परीक्षण किया गया जो विभिन्न आयु वर्ग के थे / इन ३७ मरीजों के टेस्ट करने के दरमियान तीन ऐसे मरीज मिले थे जिनको ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन परीक्षण करने के बाद पता चला कि एक को लीवर का कैन्सर है दूसरे को बोन कैन्सर है और तीसरे को रीनल कैन्सर हो रहा है और इन मरीजों को पता ही नही था कि उनको इस तरह की बीमारी है / जिन एलोपैथी के डाक्टरों से यह तीनों मरीज इलाज करा रहे थे उन treating physicians इलाज कर रहे डाक्टरो ने भी इन सभी तीनों मरीजों को कोई कैन्सर जैसी रोग निदानात्मक बात नही बतायी, केवल symptomatic इलाज करते रहे /
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