दिन: जुलाई 11, 2014

“श्रोतो – दुष्टी” ; आयुर्वेद के सिध्धान्त का भी आन्कलन ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन तकनीक द्वारा सम्भव हो गया है ; “BODY CHANNEL SYSTEM” ; ESTABLISHED BY CHARAK’S AYURVEDA FUNADMENTAL HAVE BEEN QUANTIFIED NOW BY E.T.G. AYURVEDASCAN SYSTEM


…………और अब आयुर्वेद के महान आचार्य महर्षि चरक द्वारा स्थापित आयुर्वेद के सिध्धान्त “श्रोतो-दुष्टि ” का ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन तकनीक द्वारा आन्कलन करना सम्भव हो गया है / अब वर्तमान मे किसी भी मरीज या रोगी का श्रोत यानी channels का STATUS QUANTIFY किया जा सकता है / किसी भी मरीज काश्रोत-दुष्टि का स्तर अब नापा जा सकता है और इसके आधार पर यह establish  किया जा सकता है कि रोगी के किन किन अन्गो और प्रतयन्गो मे बिकृति है /

आयुर्वेद चिकित्सा विग्यान के लिये यह एक बहुत अच्छी उपलब्धि हासिल की जा चुकी है और इसे और अधिक विकसित करने के लिये प्रयास किये जा रहे है / मरीज के विकृति श्रोतो को पहचान कर उसी अनुकूल आयुर्वेदिक दवाओ का उपयोग करने से रोगियो को कम समय मे रोग मुक्ति मिलने की सम्भावनाये बढ गयी हैं / यह उन रोगो के लिये चिकित्सा मे सहायता करेगा जिन्के बारे मे पता ही नही चलता कि बीमारी शरीर मे कहा कहां पर है ????

इसकी रिपोर्ट का एक उदाहरण नीचे दिया जा रहा है / आप सभी पाठक गण इसका evaluation  करे /

shrotodushti001

हमारा मानना है कि आयुर्वेद के सिध्धान्तो को जिन्हे हमारे विद्वान महर्षियो ने अपनी practical skill  की कसौटी पर बार बार हाजारो बार और अन् गिनत बार परखा है जान्चा है और फिर उसके बाद हम स्बके लिये धरोहर स्वरूप दे गये ताकि मानव जाति  का कल्याण हो, इस भावना के साथ हमारे पूर्वजो ने अथक परिश्रम करके हमारे लिये आयुर्वेद की यह महान धरोहर सौपी है और इसे मानव जाति के लिये छोड़ा है /

हमारा आप सबका इस धरती पर रहने वाले सारे मानव समूह का फर्ज बनता है कि हम इस कीमती धरोहर को आगे बढाये और इसे अधिक से अधिक  evidence based  बनाने का प्रयास करे / हमारा सन्स्थान इसी भावना को ध्यान मे रखते हुये शोध कार्यो मे सन्लग्न है और यही कर रहा है /

prescription 001

Advertisements