EPILEPSY WITH IMPOTENCY ; A CASE OF 25 YEARS OLD YOUNG PERSON ; मिर्गी रोग के साथ नपुन्सकता ; २५ साल के नवयुवक के एक केस का ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन आधारित अध्ध्य्यन


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२५ साल के एक नवयुवक का ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन आधारित परीक्शण किया गया जिसे मिर्गी के साथ नपुन्सकता की बीमारी थी /

नीचे दिया गया ट्रेस रिकार्ड ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन की ट्रेसेज का है जो मरीज के सिर और शरीर के दूसरे हिस्से से लेकर रिकार्ड की गयी है और यह मरीज का रिकार्ड horizontal position  मे rest  की स्तिथि मे  लेकर किया गया है /

इस रिकार्ड मे दिमाग के पान्चो हिस्सो का elecrical diffussion level record किया गया है /

इस रिकार्ड मे Temporal region  और Frontal region सामान्य से अधिक और Parietal region  सामान्य से कम प्राप्त हुआ है /

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नीचे का ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन की ट्रेसेज का रिकार्ड मरीज को TREAD Machine ट्रीड मशीन पर दौड़ाकर रिकार्ड किया गया है / जिन स्थानो पर पहले  HORIZONTAL POSITION  पर रिकार्ड किया गया है , उन्ही उन्ही स्थानो पर vertical position running condition  पर नीचे का ट्रेस रिकार्ड लिया गया है / दोनो मे फर्क देखा जाना चाहिये/

Disease Diagnosis  के हिसाब से यह आवश्य्क भी है कि बदली हुयी शारीरिक अवस्थाओ मे बीमारियो और शरीर के कार्य कलापो मे क्या क्या परिवरतन आते है और इन परिवर्तनो  के अध्ध्य्यन के बाद  किस तरह के निष्कर्ष निकाले जाने चाहिये , आयुर्वेदिक आयुश इलाज के लिये यह जानना बहुत जरूरी है /

दौडाकर किये जाने के बाद वात और पित्त दोष का उभर कर सामने आना यह बताता है कि इस मरीज को पित्तज-वातज मिश्रित विकृति है / 

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नीचे का ट्रेस EPIGASTRIUM REGION  का है जिसे आराम की स्तिथि मे horizontal position  मे लिया गया है / इस रोगी के इफीगैस्ट्रियम मे सूजन है और बाहर से हलका धचका देने पर बहुत painful  है / 

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नीचे का ट्रेस EPIGASTRIUM REGION क है जो tread machine  मे दौड़ाकर रिकार्ड किया गया है / दौड़ाकर जब ई०टी०जी० रिकार्ड किया जाता है तो visceras  की hide anomalies  उभर कर स्पष्ट रूप से सामने आ जाती है / सूजन का स्पष्ट मुजाहरा इन ट्रेसेस मे दिखाई दे रहा है /

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.नीचे के त्रेस शरीर के उन स्थानो से रिकार्ड किये जाते है जहा से यह पता चल सके कि शरीर का circulation पैरो की तरफ है या सिर की तरफ / .

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दौडाकर किये गये etg ayurvedascan  ट्रेस का स्वरूप देखिये/ मानसिक रोगो और मन्सिक टेन्शन करने वाले रोगियो मे इसी तरह के ट्रेस मिलते है जिनसे निदान होता है कि उनको किस तरह की और किस nature  की तकलीफ अथवा रोग है /

इस तरह कॊ diagnosis से आयुर्वेद की औषधियो का चयन बहुत सुगम और सटीक और अचूक होता है जो कभी भी नही फेल होता है /

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नीचे की रिकार्ड की गयी ट्रेस E.T.G. AYURVEDASCAN CONTINUOUS TRACE RECORDER द्वारा प्राप्त की गयी है /

दिमाग और सिर तथा TORSO ORGANS  के चुने गये हिस्सो का रिकार्ड किया गया ताकि पता चल सके कि रोगी की किस तरह की बीमारी developए  हो रही है /

यह पहला ट्रेस रिकार्ड है जो पहले के शुरुआती ३० सेकन्ड का है /

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रोगी को बिस्तर पर लिटाकर लगभग चार घटे के लगातार रिकार्ड करने के बाद सबसे अन्त का रिकार्ड नीचे दिया गया है /

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ऊपर के रिकार्ड और बाद के रिकार्ड के चार घन्टे के अन्तराल के ट्रेसेस का अध्ध्य्यन करने के बाद पता चला कि इस रोगी के मश्तिष्क के दोनो हिस्सो के बीच के साथ होने वाले signal diffussion और signal recieveing  के बीच मे fraction of seconds  का अन्तर आता है जिसे electrical इम्बलन्चेस के कारण होता है ऐसा मानते हैं /

इसके अलावा TORSO ORGANS  की anomalies भी सामने आयी है /

जब सभी आन्कड़ो का  विस्तार पूर्वक विष्लेषण करने के बाद निष्कर्ष निकाला जाता है कि मरीज के अन्दर किस तरह की anomalies  और disorders  मौजूद है तब उस आधार पर इलाज करने से रोगी अवश्य ठीक होते है चाहे उनको कैसी भी और किसी भी तरह की बीमारी क्यो न हो ???

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