COMPARATIVE EVALUATION OF “” COMPUTERISED E.T.G. AYURVEDASCAN ” AND ”’EXERCISING TREAD MACHINE E.T.G. AYURVEDASCAN ” FINDINGS FOR ACCURATE DIAGNOSIS IN VIEW OF AYURVEDA ; तुलनात्मक तौर पर ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन और व्यायाम और शारीरिक मेहनत कराकर ट्रीड मशीन ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन द्वारा प्राप्त आन्कड़ो पर आधारित आयुर्वेद के मौलिक सिध्धान्तो का सटीक आनकलन


manasik rogआयुर्वेद की सुपर स्पेशियलिटी वाली दोष-रोग निदान की उच्च स्तरीय तकनीक “”कम्प्य़ूटराइज्ड  ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन”” COMPUTERISED E.T.G. AYURVEDASCAN TECHNOLOGY और आयुर्वेदा स्कैन की नवीन विकसित की गयी तकनीक ” ऎक्सरसाइजिन्ग ट्रीड मशीन ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन” EXERCISING TREAD MACHINE E.T.G. AYURVEDASCAN TECHNOLOGY तकनीक के उपयोग से रोगी व्यक्ति का आयुर्वेद के हिसाब से आयुर्वेद के दोष-निदान और शरीरिक-रोग-निदान को सटीक और अचूक  पहचानने और समजह्ने का तरीका बन गया है /

दोनो आयुर्वेद की निदान विधियो के तुलनात्मक आनकडो और डाटा और ट्रेस रिकार्ड का अध्ध्य्यन करने के बाद रोगी वयक्ति की बहुत सी anomalies  पहचान मे आ जाती है /

नीचे दिये गये रिकार्ड ट्रेसेज को देखिये /

treadmachine001

उपर दिये गये ट्रेस रिकार्ड मे कम्प्यूटराइज्ड ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन मशीन की रिकार्डिन्ग दी गयी है और तुलना करने के उद्देश्य से एक्सर्साइजिन्ग  ट्रीड मशीन ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन मशीन द्वारा रिकार्ड किये गये ट्रेस दिये गये है /

ऊपर दी गयी ट्रेसेस मे शरीर के दो स्थानो की ट्रेस रिकार्डिन्ग मे परिवरतन देखने मे आये है/

सबसे महत्वपूर्ण परिवरतन EPIGASTRIUM  स्थान से रिकार्ड किये गये ट्रेस मे मिला है /

दूसरा परिवरतन नीचे से दूसरा ट्रेस रिकार्ड मे मिला है / लेकिन यह परिवरतन कम INTENSITY LEVEL  का है /

तीसरा परिवर्तन ऊपर से पहली वाली TRACE  का है जिसमे NEGATIVE VERTICAL waves अपना  नेचर  बदल कर POSITIVE VERTICAL WAVES  हो गयी है /

यह इस बात की ओर इशारा करता है कि शरीर का electrical behaviour  और electrical diffusion अगर किसी तरह के शरीर के अन्गो मे anomalies  उपस्तिथि है तो यह अति उत्तेजित अवस्था मे बदल जाता है /

महत्वपूर्ण बात यह है कि इन anomalies  का  आयुर्वेदिक या होम्योपैथिउक या यूनानी का   इलाज करने के बाद यह electrical behaviour  और  electrical diffusion  सामन्य और पुन: उसी अवस्था मे आ जाता है जैसा कि शान्त अवस्था मे किये गये परीक्षण मे प्राप्त होता है /

EPIGASTRIUM REGION से रिकार्ड किये गये ट्रेस मे POSITVE TRACES  कम्प्यूटराइज्ड ई०टी०जी० आयुर्वेदस्कैन मे रिकार्ड की गयी है जबकि यही और इसी स्थान से रिकार्ड की गयी EXERCISING TREAD MACHINE E.T.G.AYURVEDASCAN  की traces  मे NEGATIVE TRACES मिली है /

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ऊपर की रिपोर्ट मे Epigastrium  के इसी हिस्से का एक short Evaluation  दिया गया है जिसमे देखने पर यह मिलता है कि इस रोगी का PANCREAS  का Intensity Level  सामान्य से कम है /

आयुर्वेद के मौलिक सिध्धान्तो के मद्दे-नज़र यह पता चलता है कि इस रोगी को “पाचक – पित्त दोष-भेद ” और “रन्जक पित्त-दोष-भेद ” मौजूद है /

रोगी की विस्तार से नय सभी  जान्चे करने के बाद  यह establish  हुआ कि इसे पित्त दोष है और पित्त दोष-भेद के निदान के बाद इसे रोग निर्मूलन हेतु पित्त तथा वायु नाशक आयुर्वेदिक इलाज के लिये दवाये  PRESCRIBE   की गयीं /

अब आयुर्वेद की आधुनिक तकनीक ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन के पान्च परीक्षण – शाखाये हो गयी है /

1- MANUAL E.T.G. AYURVEDASCAN

2- COMPUTERISED E.T.G.AYURVEDASCAN

3. EXERCISING TREAD MACHINE E.T.G. AYURVEDASCAN

4- CONTINUOUS SELECTED BODY REGIONS E.T.G.AYURVEDASCAN

5- CONTINUOUS E.T.G.AYURVEDASCAN

इसके आलावा अयुर्वेद के रक्त परीक्शण तथा आयुर्वेद के मूत्र परीक्षण भी किये जाते है / आयुर्वेद के रक्त परीक्षण और मूत्र परीक्षण मे  त्रिदोष,और त्रिदोष-भेद और रक्त  तथा मूत्र  के  अन्दर पाये जाने वाले  केमिकल का पता लगता है /

सभी प्राप्त आन्कड़ो का विश्लेषण करने के बाद पता चल जाता है कि रोगी को किस तरह की तकलीफ है / यह सारा विवेचन और खोज बीन  आयुर्वेद के शास्त्रो मे महर्षियो द्वारा व्यक्त किये गये मौलिक सिध्धान्तो पर  आधारित होता है /

निष्कर्ष निकलने के बाद आयुर्वेद के विधि विधानानुसार आयुर्वेद औषधियो का चुनाव करके मरीज को बता दिया जाता है कि उसे [१] क्या जीवन चर्या अपनाना  है ? [२[ क्या पथ्य और परहेज करना है ? [३] विषेष रूप से क्या भोजन अप्नाना चाहिये [४] क्या दवा लेना चाहिये ? आयुर्वेदिक या होम्योपैथिक या यूनानी आदि आदि [५] मरीज की specific needs  के हिसाब से जो भी उसके हित मे होता है यह भी बताया जाता है ?

आयुर्वेद की इस आधुनिक निदान ग्यान की तकनीक से प्राप्त आन्कड़ो का विष्लेषण आधारित आयुर्वेदिक / होम्योपैथिक / यूनानी इलाज करने से रोग चाहे जैसा हो और जो भी हो  सभी ठीक होते है /

अगर रोग साध्य अव्स्था के हो , सुख साध्य हो या कष्ट साध्य हो , यह सभी बहुत शीघ्रता से ठीक होते है /

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