महीना: जनवरी 2015

SUNANDA PUSHKAR DEATH ; SEEMS HOMEOSTATIS DRUG REACTION REFELECTION IN BODY MULTI SYSTEM MECHANISM


SUNANDA PUSHKAR , wife of Shri SHASHI THARUR death seems due to [1] habitual and continuous sedative drug intake resistance [2] and sedative drug’s compulsory physical side effects reaction on human body Homeostatistically and [3] sudden functional paralysis of respiratory organs, which causes the death of Sunanda Pushkar,

I assume without any doubt that there may be more causes relted to the Physiology of human body, but in my opinion Sunanda Death is natural and due to reaction of drugs, as I have mentioned above.

Hypnotics and Anxiolytic Drugs acts on the Nervous System  mainly. but refelection of the alkeloids actions affects whole body and thus more systems of body physiology is changed.

Pharmacological books mentions that drugs action on Nervous system anomalies treatment , certain group of remedies like  [1] Hypnotis and Anxiolytics drugs and [2] Schizophrenia and behavioural emergencies drugs and [3] Mood disorders drugs can cause sudden death during sleep.

I am not in any way concerned to Mr. Shashi Tharura, nor I met him ever, I have seen him on TV and in News papers and read about the death of his life-partner Mrs Sunanda Pushkar. What I had  perceived and have concluded the circumstances of death scenario are totally based on according to my experience  after seeing the similar condition of patient’s death  who were taking like drugs for long periods, I presume that possibilities of the death condition may be similar due to inimical drug actions, as I have  said earlier.

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बसन्त पन्चमी दिनान्क 24 / 01 / 2015 को जनपद उन्नाव मे “स्वास्थय चिकित्सा निदान शिविर ” मे डा० देश बन्धु बाजपेयी द्वारा मरीजो का परीक्षण


बसन्त पन्चमी को उत्तर प्रदेश के जनपद उन्नाव , जह से साक्षी महाराज मेम्बर आफ पार्लियामेन्ट है और यह वह जनपद है जो आकार और प्रकार और विस्तार मे लोक सभा की सबसे बड़ी कान्स्टीटुयन्सी क्षेत्र है और इस देश की सबसे बड़ी कान्स्टीटुयन्सी के सीमा रेखा मे प्रदेश के कन्नौज जिले की सीमा और हरदोई जिले की सीमा रेखा और रायबरेली जिले की सीमारेखा और फतेह्पुर जिले की सीमा रेखा  और कानपुर की सीमा लेखा और राजधानी लखनऊ की सीमा रेखा से जुड़ा हुआ  क्षेत्र है /

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इस जनपद मे दिनान्क २४ जनवरी २०१५ दिन शनिवार को बसन्त पन्चमी के दिन निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया / इस आयोजन के मुख्य अतिथि  उत्तर  प्रदेश सरकार के रिटाय्रर्ड स्वाथ्य सचिव श्री मुख्तयार वर्मा जी थे /

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 ऊपर चित्र  मे दाये से बाये ; डा० पन्कज निगम , उनाव ,

मुख्य अतिथि श्री मुख्तयार वर्मा पूर्व रिटायर्ड स्वास्थय सचिव, उत्तर प्रदेश सरकार,

डा० हरि शन्कर मिश्रा , पुरवा , उन्नाव द्वारा डा० देश बन्धु बाजपेयी को प्रशस्ति पत्र देते हुये माननीय गण 

मुझे इस शिविर मे ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन परीक्षण के लिये बुलाया गया था जहां मैने रोगियो का परीक्षण किया और उनके रोगो का निदान किया / मुख्य अतिथि द्वारा और शिविर के आयोजको के द्वारा मुझको प्रशस्ति पत्र दिया गया / मैने मुख्य सचिव को ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन के बारे मे विस्तार से वताया और चर्चा की / मैने बताया कि अब इस तकनीक मे शोध के प्श्चात पान्च तरीके के ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन परीक्षणो का विकास किया जा चुका है / स्वास्थय सचिव को इस बात की जानकारी नही थी कि आयुर्वेद चिकित्सा विग्यान मे इतने उच्च कोटि की तकनीक आयुर्वेद के निदान ग्यान और  शारीरिक बीमारियो के निदान  के लिये   उपलब्ध है और इसकी practice  की जा रही है तथा सर्व सुलभ है /

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्स्वास्थ्य  शिविर मे आये लोगो को जानक्रर बहुत आश्चर्य हुआ कि आयुर्वेद मे भी अब शरीर की जान्च के लिये यन्त्र और मशीने उपलब्ध है और अब खून की जान्च तथा मूत्र की जाच के लिये आयुर्वेद के तौर तरीके से रोग निदान और इसके प्राप्त परिणामो का द्वाओ के द्वारा की जाने वाली चिकित्सा के लिये औषधियो का perfect  चुनाव अब सम्भव हो गया है /

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कई नामी गिरामी आयुर्वेद औषधि निर्माताओ ने इस स्वास्थय शिविर मे औषधियो का मुफ्त वितरण किया / डाबर इन्डिया और हिमालया तथा झन्डू और अन्य आयुर्वेद् के दवा निर्माताओ ने इस अवसर पर  मुफ्त दवाये दी गयी / डाबर द्वारा फलो के रसो के पैकेट-डिब्बे उपस्तिथि लोगो को फ्री बान्टे गये /

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99 YRS OLD MALE E.T.G. AYURVEDASCAN TRACES ; OPENED THE HIDDEN COMPLAINTS NOT MNETIONED TO ANY ONE EARLIER ; ९९ साल के पुरुष का ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन जिसके द्वारा उसके तीमार दारो को बताया गया कि उस व्यक्ति को और क्य क्या तकलीफे है जिनके बारे मे किसी को पता नही था


99 साल के एक बाबा जी का ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन दिनान्क ०७/०१/२०१५ को किया गया / बाबा जी जनपद मैनपुरी और जनपद  एटा के बीच के किसी किसी जन्गल मे अपने आश्रम मे रहते है / कानपुर से यह स्थान लगभग ३०० किलोमीटर के आस्पास की दुरी का है /

बाबा जी को  तीन माह पहले बीमारी हुयी थी जिसका इलाज उनके चेले कई शहरो मे जाकर करा चुके थे लेकिन सभी इलाज बेअसर साबित हुये /

एक चेला बाब जी का मेरे यहा से ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन कराकर रोग मुक्त हो रहा है उसने देखा कि बाबा जी के सभी चेले बाबा के इलाज से फेल हो रहे है तो उसने मुझे फोन करके बाबा के इलाज के लिये कहा / मैने कहा कि बाबा जी कि बिना कानपुर लाये कुछ भी मदद नही कर सकता हू /

तकलीफ के बारे मे पूछने पर बताया कि बाबा जी को कमर के हड्डी मे बहुत दर्द होता है जो बहु असहनीय है / उनको दमा की शिकायत है लेकिन इन्हेलर लेने से उनकी हालत और बिगड़ जाती है / एलोपैथी दव्बाये खाने से उनको गैस बनने लगती है /

बाबा के चेले एक स्थानीय डाक्टर को भी साथ मे  देखरेख के लिये साथ मे  लाये थे जो रास्ते मे आने जाने के समय बाबा जी को तकलीफ होने के समय चिकित्सा व्यवस्था कर सके /

बाबाजी कानपुर ०६/०१/२०१५ की शाम को लगभग ४ बजे शाम को आये थे / उनकी हालत को देखकर मैने कहा कि इस समय ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन नही होत इसका स्मय सुबह का है लेकिन  एक एम०आर०आई० चाहे तो सहायता के लिये कर ले तो बहुत अच्च होग और बाबा जी के इलाज मे सहयोग करेगा / कानपुर मे ही उनका M.R.I. Scan करा दिया गया /

दूसरे दिन ०७/०१/२०१५ की सुबह १० बजे बाबा जी के साथ मे आये डाक्टर ने M.R.I. SCAN रिपोर्ट के बारे मे बताया और दिखाया /

यह रिपोट नीचे दी गयी है आप सभी पाठक गण इसे देखिये /

नीचे दी गयी  इस रिपोर्ट मे फीमर हेड के फ्रैक्चर को बताया गया है और इसके अलावा anatomical और  pathological anomalies के बारे मे बताया गया है जो Surgical and Orthopedic Intervention  के लिये  सहायक  है /

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आयुर्वेद के  मौलिक सिद्ध्हान्तो के   हिसाब से  बाबा जी के निम्न आन्कड़े प्राप्त हुये /

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बाबा जी के सारे शरीर का आयुर्वेदास्कैन करने के बाद मुख्य रूप से जितनी भी तकलीफे थी उनका नकलन निम्न रिपोर्ट मे दिया गया है / सारे शरीर के परीक्षण से HOMEOSTATICALLY  बीमारियो का पता चल जाता है /

बाबा जी का ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन  दिनान्क ०७/०१/२०१५ को   किया गया / यहां केवल बाबा जी के कूल्हे का ELECTRICAL SCAN  की TRACE क रिकार्ड दिया जा रहा है /

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ऊपर के ट्रेस मे सामान्य शरीर के ट्रेस को दिखाया गया है / इसके साथ ही बाबा जी के  बाये कूल्हे का ट्रेस दिया गया है / तुलना करने मे दोनो के बीच बहुत अन्तर है / ज्यदा अन्तर से फैली हुयी  ट्रेस FRACTURE को बताती   है /

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बाबा जी की बड़ी आन्त की शिकायत निकली  जो megacolon  की तरफ जा रही है / बाबा जी को तीन से लेकर पान्च दिन तक पाखाना नही होता है /

बाबा जी को सान्स फूलने की बीमारी निकली / उनको लैरिन्ग्स और फैरिन्ग्स और ट्रकियल की inflammatory condition  निकली है / बाबा जी के सान्स फूलने का कारण ट्रैकिया के अन्दर आयी हुयी गड़बड़ी है / बबजि००१ 002

बाबा जी को neuro-musculo-skeletal anomalies  निकली / यह पता पहले ही मिल गया था कि बाबा जी के फ्रक्छर है और इसी कारण से उनको कूल्हे के जोड़ के दर्द हैं /

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बाबा जी का नदरूनी गला खराब है और सामान्य से कम है / फेफड़ो की भी स्तिथि सामान्य से अधिक है / सान्स की तकलीफ का कारण भी यही है /

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आयुर्वेद की विकृति और श्रोतो के बारे मे ऊपर की रि[पोर्ट मे बताया गया है / श्रोतो की विकृति इतनी उमर मे होना स्वाभाविक है /

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बाबा जी का BLOOD PRESSURE  सामान्य निकला है / बाबा जी की PULSE  भी NORMAL  है /

एक बात महत्व्पूर्ण हे कि बाबा जी के रक्त मे कम Oxygen saturation  यानी Oxyheamoglobin सामान्य से कम निकला है /

बबा जी की BLOOD SUGAR  एक्दम NORMAL  निकली है / ऐसे  PRAMETERS   देखकर मुझे थोड़ा ताज्जुब हुआ कि 99  साल के व्यक्ति का vital signs  किस स्तर के है /

बाबा जी को आयुर्वेदिक दवये उनकी तकलीफ के हिसाब से PRESCRIBE की गयी /

एक हफ्ते बाद यानी दिनान्क 14//01//2015 को सूचना मिली कि बाबा जी के HARD CONSTIPATION  मे आराम मिली है / उनकी सान्स लेने की तकलीफ मे आराम मिली है और उनको भूख भी लग रही है /

हलान्कि इतनी बड़ी  उमर के मरीजो को उनकी तकलीफ मे कमी हो जाये और पीडा किसी किस्म की न हो  और उनके शरीर के सामान्य  functions  मे बाधा न आये यही इतनी बड़ी उम्र के रोगियो की चिकित्सा करने का उद्देश्य होना चाहिये / क्योन्कि VITAL FORCE  और SPAN OF LIFE   के  LIMITATIONS   भी ध्यान मे रखना जरूरी होता है /

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“भभूत खिला दिया ” या “लौन्ग खिला दिया ” या ” अभिमत्रित करके जल पिला दिया ” या “पढके कोई चीज खिला दी ” या “पढे हुये खाने पीने की चीज खिला दी ” ; जिससे मानसिक बीमारी पैदा हो गयी – ऐसा लोग बताते है / नयी आयुर्वेद की निदान ग्यान की तकनीक ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन परीक्षण विधियों द्वारा आधारित की गयी खोज से पता चल गया है कि ऐसा कुछ भी नही है और यह सब कहना बकवास है / ये सभी मानसिक बीमारिया है जो शरीर के अन्दर ही पैदा होती है और शरीर के कई सिस्टम की होम्योस्टेटिस विकृतियो से जुड़ी होती है / होम्योस्टेटिस ठीक होने से मानसिक स्तिथि सामान्य हो जाती है /


यह सब निराधार है और बिलकुल बकवास है और विश्वास करने योग्य नही है जैसा कि लोग बताते है कि उनको बीमारी इस वजह से हो रही है कि उनको “किसी ने कुछ खिला दिया है ” या “किसी ने वश मे करब्ने के लिये किई टॊटका कर दिया है ” या ” भभूत खिला दी है ” या ” अभिमन्त्रित करके कुछ खिला दिया है या पिला दिया है ” आदि आदि /

कोरॊ कलपना पर आधारित इस तरह की बीमारिया पैदा हो जाने की बात आम तौर पर लोगो के बीच फैली हुयी है / अच्छे भले और पढे लिखे लोग भी इस तरह की बातो के भ्रम जाल मे फन्स जाते है / मुझे ताज्जुब होता है जब मुझे एक मरीज ने बताया कि फला आदमी या व्यक्ति जब उसे आन्खो से घूर कर देख लेता है तो उसे भय लगने लगता है / ऐसा लगता है कि जैसे वह कोई जादू जानता है और वह मेरे ऊपर जादू कर रहा है /

यह सब बेकार की बाते है और ऐसा कुछ भी नही है /

हमारे रिसर्च केन्द्र मे इस तरह के मरीजो का बड़ी सन्ख्या मे इलाज किया जा चुका है और वे सभी मरीज सामान्य जीवन बिता रहे है/

आयुर्वेद की नई तकनीक ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन द्भवारा  मरीजो का इलाज करने के बाद यह सत्य सामने आया है कि ऐसा कुछ भी नही है और यह सब कोरी कल्पना मात्र है और इस तरह से किये जारहे सारे और सब दावो मे किसी तरह की सच्चाई नही है  बल्कि सब का सब गलत है और किसी भी कीमत पर विश्वास करने योग्य नही है /

हमारे रिसर्च केन्द्र मे  ऐसे मरीजो का उपचार सफलता पूर्हीवक किया जा चुका है / इस तरह के मरीज के प्राप्त डाटा और किये गये निदान का अध्ध्य्यन करने के बाद पता चला कि महिलाओ और पुरुषो दोनो मे कुछ खास किस्म के सिस्टम विकृति होती है जिनके कारण ऐसी बाते पैदा होती है /

महिलाओ मे ऐसी सिस्टम विकृति कुछ दूसरी तरह की होती है और यह विकृति पुरुषो से कतई मेल नही खाती है /

यही बात पुरुषो की विकृति मे होती है जो महिलाओ की विकृति से मेल नही खाती और और यह महिलाओ से जुदा किस्म की बात होती है जिनसे मानसिक विकार होते है /

ये मान्सिक विकार रकत सनचरण और हारमोनाल सिस्टम और नरवस सिस्टम और पाचन सनस्थान और मूत्र सन्स्थान और रिप्रोडक्टिव सिस्टम तथा रक्त के अन्दर पाये जाने वाले तत्वो तथा अन्य शारीरिक क्रियायो की विकृति से पैदा होते है /

इन विकृतियो के परिणाम स्वरूप जिस तरह का दबाव और प्रभाव शरीर पर पड़्ता है उससे रोगी की मान्सिक क्षमता पर प्रभाव पड़्ता है और मस्तिष्क का काम काज बाधित होता है /

इस तरह के व्यवहार करने वाले व्यक्तियो और उनके तीमार दारो को यह समझना चाहिये कि यह एक तरह की बीमारी है और इसे बीमारी समझ कर ही इलाज करना चाहिये / इसके लिये किसी डाक्टर से सलाह लेकर इलाज करे और बेकार मे किसी तान्त्रिक या बाबा या झाड़ फून्क करने वालो से बचे /

झड़ फून्क या गन्दा ताबीज पहनने से कुछ भी नही होता और यह सब बेकार के उपाय होते है / ऐसे काम मत करे और इस तरह के उपाय करने से कुछ भी नही होता है /

आयुर्वेद या होम्योपैथी मे इस तरह की तकलीफो का बहुत अच्छा इलाज है इसलिये मै जरूर कहून्गा कि अपने शहर के नज्दीक के किसी डाक्टर से सलाह ले और उपचार करे /

ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन और इसके अन्य परीक्षणो पर आधारित इलाज करने से १००% रोगी ठीक होते है /

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