99 YRS OLD MALE E.T.G. AYURVEDASCAN TRACES ; OPENED THE HIDDEN COMPLAINTS NOT MNETIONED TO ANY ONE EARLIER ; ९९ साल के पुरुष का ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन जिसके द्वारा उसके तीमार दारो को बताया गया कि उस व्यक्ति को और क्य क्या तकलीफे है जिनके बारे मे किसी को पता नही था


99 साल के एक बाबा जी का ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन दिनान्क ०७/०१/२०१५ को किया गया / बाबा जी जनपद मैनपुरी और जनपद  एटा के बीच के किसी किसी जन्गल मे अपने आश्रम मे रहते है / कानपुर से यह स्थान लगभग ३०० किलोमीटर के आस्पास की दुरी का है /

बाबा जी को  तीन माह पहले बीमारी हुयी थी जिसका इलाज उनके चेले कई शहरो मे जाकर करा चुके थे लेकिन सभी इलाज बेअसर साबित हुये /

एक चेला बाब जी का मेरे यहा से ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन कराकर रोग मुक्त हो रहा है उसने देखा कि बाबा जी के सभी चेले बाबा के इलाज से फेल हो रहे है तो उसने मुझे फोन करके बाबा के इलाज के लिये कहा / मैने कहा कि बाबा जी कि बिना कानपुर लाये कुछ भी मदद नही कर सकता हू /

तकलीफ के बारे मे पूछने पर बताया कि बाबा जी को कमर के हड्डी मे बहुत दर्द होता है जो बहु असहनीय है / उनको दमा की शिकायत है लेकिन इन्हेलर लेने से उनकी हालत और बिगड़ जाती है / एलोपैथी दव्बाये खाने से उनको गैस बनने लगती है /

बाबा के चेले एक स्थानीय डाक्टर को भी साथ मे  देखरेख के लिये साथ मे  लाये थे जो रास्ते मे आने जाने के समय बाबा जी को तकलीफ होने के समय चिकित्सा व्यवस्था कर सके /

बाबाजी कानपुर ०६/०१/२०१५ की शाम को लगभग ४ बजे शाम को आये थे / उनकी हालत को देखकर मैने कहा कि इस समय ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन नही होत इसका स्मय सुबह का है लेकिन  एक एम०आर०आई० चाहे तो सहायता के लिये कर ले तो बहुत अच्च होग और बाबा जी के इलाज मे सहयोग करेगा / कानपुर मे ही उनका M.R.I. Scan करा दिया गया /

दूसरे दिन ०७/०१/२०१५ की सुबह १० बजे बाबा जी के साथ मे आये डाक्टर ने M.R.I. SCAN रिपोर्ट के बारे मे बताया और दिखाया /

यह रिपोट नीचे दी गयी है आप सभी पाठक गण इसे देखिये /

नीचे दी गयी  इस रिपोर्ट मे फीमर हेड के फ्रैक्चर को बताया गया है और इसके अलावा anatomical और  pathological anomalies के बारे मे बताया गया है जो Surgical and Orthopedic Intervention  के लिये  सहायक  है /

बबजि००१

आयुर्वेद के  मौलिक सिद्ध्हान्तो के   हिसाब से  बाबा जी के निम्न आन्कड़े प्राप्त हुये /

बबजि००१ 003

…………….

बाबा जी के सारे शरीर का आयुर्वेदास्कैन करने के बाद मुख्य रूप से जितनी भी तकलीफे थी उनका नकलन निम्न रिपोर्ट मे दिया गया है / सारे शरीर के परीक्षण से HOMEOSTATICALLY  बीमारियो का पता चल जाता है /

बाबा जी का ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन  दिनान्क ०७/०१/२०१५ को   किया गया / यहां केवल बाबा जी के कूल्हे का ELECTRICAL SCAN  की TRACE क रिकार्ड दिया जा रहा है /

बबजि००१ 003

ऊपर के ट्रेस मे सामान्य शरीर के ट्रेस को दिखाया गया है / इसके साथ ही बाबा जी के  बाये कूल्हे का ट्रेस दिया गया है / तुलना करने मे दोनो के बीच बहुत अन्तर है / ज्यदा अन्तर से फैली हुयी  ट्रेस FRACTURE को बताती   है /

बबजि००१ 004

बाबा जी की बड़ी आन्त की शिकायत निकली  जो megacolon  की तरफ जा रही है / बाबा जी को तीन से लेकर पान्च दिन तक पाखाना नही होता है /

बाबा जी को सान्स फूलने की बीमारी निकली / उनको लैरिन्ग्स और फैरिन्ग्स और ट्रकियल की inflammatory condition  निकली है / बाबा जी के सान्स फूलने का कारण ट्रैकिया के अन्दर आयी हुयी गड़बड़ी है / बबजि००१ 002

बाबा जी को neuro-musculo-skeletal anomalies  निकली / यह पता पहले ही मिल गया था कि बाबा जी के फ्रक्छर है और इसी कारण से उनको कूल्हे के जोड़ के दर्द हैं /

बबजि००१ 001

बाबा जी का नदरूनी गला खराब है और सामान्य से कम है / फेफड़ो की भी स्तिथि सामान्य से अधिक है / सान्स की तकलीफ का कारण भी यही है /

बबजि००१ 007

आयुर्वेद की विकृति और श्रोतो के बारे मे ऊपर की रि[पोर्ट मे बताया गया है / श्रोतो की विकृति इतनी उमर मे होना स्वाभाविक है /

बबजि००१ 006

……………………..

बबजि००१ 005

………………………….

बबजि००१ 008

बाबा जी का BLOOD PRESSURE  सामान्य निकला है / बाबा जी की PULSE  भी NORMAL  है /

एक बात महत्व्पूर्ण हे कि बाबा जी के रक्त मे कम Oxygen saturation  यानी Oxyheamoglobin सामान्य से कम निकला है /

बबा जी की BLOOD SUGAR  एक्दम NORMAL  निकली है / ऐसे  PRAMETERS   देखकर मुझे थोड़ा ताज्जुब हुआ कि 99  साल के व्यक्ति का vital signs  किस स्तर के है /

बाबा जी को आयुर्वेदिक दवये उनकी तकलीफ के हिसाब से PRESCRIBE की गयी /

एक हफ्ते बाद यानी दिनान्क 14//01//2015 को सूचना मिली कि बाबा जी के HARD CONSTIPATION  मे आराम मिली है / उनकी सान्स लेने की तकलीफ मे आराम मिली है और उनको भूख भी लग रही है /

हलान्कि इतनी बड़ी  उमर के मरीजो को उनकी तकलीफ मे कमी हो जाये और पीडा किसी किस्म की न हो  और उनके शरीर के सामान्य  functions  मे बाधा न आये यही इतनी बड़ी उम्र के रोगियो की चिकित्सा करने का उद्देश्य होना चाहिये / क्योन्कि VITAL FORCE  और SPAN OF LIFE   के  LIMITATIONS   भी ध्यान मे रखना जरूरी होता है /

Email001Email001 001

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s