दिन: फ़रवरी 14, 2015

BOTH KNEE JOINT’S ARTHRITIS PATIENT MONITORED SEVERAL HOURS FOR COLLECTION OF BIO-PHYSIOLOGICAL DATA ON BASIS OF E.T.G. AYURVEDASCAN MONITORING LINES ; ई०टी०जी० आयुर्वेदस्कैन मानीतरिन्ग लाइन्स पर आधारित घुटने की आर्थराइटिस के रोगी का बायो-फीजियोलाजिकल डाटा निदान ग्यान को ध्यान मे रखते हुये कई घन्टे तक का सनकलन


घुटने की आर्थराइटिस जिसे आर्थराइटिस अथवा घूतने का वात या गठिया वात भी कहते है शरीर की एक बहुत ही कठिन किस्म की बीमारी है / इस बीमारी की सबसे बड़ी खराबी इस बात की है कि जिसे भी यह बीमारी हो जाती है उससे चलने फिरने और श्रीर को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने मे बहुत ही तकलीफ होती है / लोग खते पीते रहते जरूर है लेकिन चलने फिरने के लिये मोहताज हो जाते है यानी वे स्वयम अपना शरीर लेकर चल नही सकते है न सीढियां चढ सकते है , न ऊन्ची जगह से नीचे उतर स्कते है /

अच्छे अचॆ शूरमाऔर बहुत शकतिशाली लोग और ताकतवर शरीर वाले भी इस बीमारी के जोर से ढेर हो जाते है / भले ही उनका अना जाना किसी सहारे से भले ही चलता फिरता रहे लेकि घूतने मोड़ने और पैर के किसी भी तरह के movement  और motion  से होने वाले कष्ट से पुरखे तक याद आ जाते है /

आयुर्वेद की चिकित्सा द्वारा यह बीमारी दूर की जा सकती है / भले ही वह किसी भी स्तर की हो /

ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन आधारित इलाज से सभी तरह की arthritis  ठीक हो जाती है और वकति सामान्य जीवन व्यतीत कर सकता है /

नीचे दिये गये चित्र मे एक रोगी के पैर के घुटने का ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन मानीतरिन्ग लाइन्स पर आधारित निदान ग्यान के लिये कई घन्टे तक्  रोगी के बायो-फीजियोलाजिकल डाटा को एकत्र करके जान्ने और समझने के लिये कोशिश की गयी कि लम्बे समय तक आराम करने के बाद क्या और किस तरह के परिवर्तन उन अन्गो पर होते है जहां पर आयुर्वेद के सिध्धन्त वात और पित्त और कफ के presence  के बारे मे etiological intensity level कैसा और किस तरह का है ??

जिस रोगी का परीक्षण किया जा रहा है उसका सारे शरीर मे स्कैनर एलेक्ट्रोड्स लगाये गये थे और विशेष तौर पर उन हिस्सो पर लगाये गये थे जहा पर उसे बहुत ज्यादा तकलीफ थी / नीचे रोगी के सूजन वाले घूटने दिखाई दे रह है /

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.इस रोगी के  पैरा मीटर्स को देखिये / इसकी नाड़ी की स्पीड ६६ पल्केस प्रति मिनट के करीब है / इसका बलड प्रेशर  हाई लेवल का है  और डायस्टोलिक प्रेशर अधिक की तरफ का है / इसका रक्त आक्सीजन सैचुरेशन  सामन्य स्तर का हओ / लेकिन इसका रिस्पाइरेशन रेट सामान्य से अधिक है यानी ५५ के करीब है /इस रोगी का टेम्पेरेचर सामान्य से कम है /

इस रोगी के घूतने मे लगाये गये एलेक्ट्रोड्स  द्वारा रिकार्ड किये गये ट्रेसेस का अध्ध्य्यन करने के बाद यह पता चला कि घूतने मे [1] Inflammation [2] swelling [3] hardness/rigidity [4] electrolytic imbalances  उपस्तिथि है /

[मैटर लोड करना बाकी है ]   ………………………………………………..

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