किडनी या गुर्दा के फेल होने अथवा क्रियेटिनिन के बढने के कारण क्या हो सकते है ????? WHAT COULD BE THE REASONS OF KIDNEY FAILURE OR INCREASING HIGH LEVEL CREATININE ?????


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किडनी या गुर्दा के फेल होने की बीमारी अथवा क्रियेटिनिन स्तर के अधिक अधिक बढने के बारे मे और इस तरह के रोगियो के इलाज करने मे कुछ ऐसे तथय सामने आये है जिनके बारे मे चिकित्सक समुदाय को विचार करना चाहिये /

मै पहले कुछ रोगियो के रोग इतिहास पर बयान करना चाहून्गा /

रोगी नम्बर एक – १ – महिला आयु ५८ साल ; इस महिला का गुर्दा फेल होने की जानकारी इसके रक्त के टेस्ट करने के बाद पता चला था / इसको क्रियेटिनीन लेवल का पता चला जब इसे वमन यानी VOMITTING और NAUSEA जी मिचलाने की शिकायत हुयी / जब यह किसी दवा से नही ठीक हुयी तो चिकित्सक ने इसकी रक्त की जान्च करवायी तब जाकर पता चला

कि मतीज का क्रियेटिनीन लेवल सामान्य से अधिक हो गया है / सामान्य क्रियेटिनीन स्तर रक्त मे .8 से लेकर1.4 ml/ dl होता है / कई लैबोरेटरी के सामान्य स्तर मे कुछ फर्क भी होता है ऐसा देखने मे आया है /
इस महिला का क्रियेटिनीन लेवल 3.9 mg/dl निकला जिससे पता चला कि इसकी किडनी खराब हो रही है /
मेरे पास जब यह महिला अपनी शिकायत लेकर आयी तो मैने इसकी बीमारी की तह मे जाने के लिये पुरा रोग इस्य्हास समझने की कोशिश की /

महिला ने बताया कि वह दिल्ली मे अपने बच्चो के पास रह रही थी / एक दिन उसको बुखार आया . यह वायरस बुखार था जैसा कि डाक्टरो ने बताया जब वह इलाज के लिये किसी नजदीक के डाकटर के पास इलाज के लिये गयी / डाक्टर ने उसे कुछ एन्टीबायोटिक दवाये के साथ साथ बदन दर्द दूर क्रने की दवाये दी / तीन दिन के उपचार से वह महिला ठीक हुयी / दो यीन दिन के बास इस महिला को फिर बुखार आ गया और बह दुबारा उसी चिकित्सक के पास दवा के लिये गयी /

डाक्टर ने फिर दवाये दी और बुखार फिर उतरा लेकिन एक दो दिन बाद फिर आ अगया / यह सिल सिला कुछ दिन यक चला / बाद मे लगभग दो हफ्ते के बाद बुखार बराबर बना रहने लगा और किसी भी तरह की एन्टी बायोटिक और अन्य दवाओ के उअप्योग से भी नही कम हुआ /

महिला लगभग छह माह तक इसी आसरे मे इलाज कराती रही कि एक न एक दिन यह बुखार ठीक हो जायेगा जैसा कि उअस्क इलाज करने वाला डाकटर समझा रहा था /

पान्च छह महीने बीतने के बाद जब बुखार नही उअतरा तो वह लखनऊ एतिथि अपने रिश्तेदार के पास आयी / लकहनू मे किसी डाक्टर को प्रामर्श किया / कई तरह के टेस्ट हुये तब जाकर पता चला कि महिला का क्रियेटिनीन लेवल बढा हुआ है /

रोगी नमबर दो – २ . पुरुष मरीज उमर ६२ साल ; मरीज को कई साल पहले डायबिटीज हुयी / आगरा के किसी डाक्टर से इलाज कराते रहे / नही ठीक होने पर कानपुर के की डाक्टरो को दिखाया / डायबिटीज कुछ नियन्त्रण मे रही लेकिन रोगी का बल्ड प्रेशर अधिक होने लगा / डायबिटीज के साथ साथ अब बल्ड प्रेशर का भी इलाज शुरु हो गया /

बल्ड प्रेशर की दवा खाने के बाद भी ब्ल्ड प्रेशर नही कम हुआ और यह बराबर बढता रहा और कम होने का नाम नही लेता रहा /

डायबिटीज और ब्लड प्रेशर की द्वाये साथ साथ चलती रही / लम्बे समय तक दवाये खाने के बाद जब कुछ भी नही आराम मिली तो मरीज अपने एक दोस्त के कहने पर किसी दूसरे शहर के डाक्टर को दिकुआया और उससे परामर्श लिया /

इस चिकित्सक ने उसकी रक्त की जान्च करायी जिससे पता चला कि उअसका क्रियेटिनीन लेवल 6.2 mg.dl हो गया है / डाक्टर ने कहा कि अब आप डायलिसिस या गुर्दा प्रत्यारोपड़ की तैयारी करिये / मरीज ने मुझसे समपर्क किया . मैने भी अपने हाथ खडे पर दिये और उससे यही कहा कि आप्का डाक्य़र जो कह रहा है वही करिये /

३-  मेरे पास कुछ साल पहले एक १४ साल का लडका  जिसे गुर्दा फेल होने की शिकायत हो गयी थी इलाज के लिये आया / मैने उससे यह जानकारी लेने का प्रयास किया कि इतनी छोटी उमर के लडके के कैसे गुर्दा फेल हुये ??

 

उसके पिता ने बताया कि कुछ दिन पहले यह लद़्का क्रिकेट खेलने कानपुर की किसी ग्राउन्ड मे गया था / उस समय मई का महीना था और गर्मी बहुत पड़ रही थी . दिन भर क्रिकेट खेल्कने के बाद वह घर आया और उसके कुच देर बाद पेट मे दर्द होने लगा /

घर के लोगो ने इसे पेट दर्द की मामुली शिकायत समझा  और पास के डाक्टर से दवा लेक्र वास घर आ गये / रात मे इस लदके के  फिर तेज दर्द हुआ और सारी रात होता रहा /  सुनह फिर डाक्टर के पास गये / उसने कुछ ज्काऩे करायी  / जिनसे पता चला कि इसका क्रियेटिनाइन लेवल हाई हो गया है / धीरे धीरे यह बढता चला गया और ५०५ मिलीग्राम से अधिक होने लगा / लदके को लेक्र उसके पिता लखनऊ पी झी अस्पताल ले गये / वहा डायलीसिस की सलह दी गयी /

डायलीसिस के श्रू होने के पहले इस लदके के पैरेन्ट्स मेरे पास लेकर आये /  मैने यह जानए की कोशिश्स की कि आखिर इतनी छोटी उमर के लद्के को क्यो ऐसी तकलीफ पैदा हुयी ???

मुझे बताय गया कि लदके को कुछ दिन पहले बुखार आया था और उसका अन्ग्रेजी इलाज किया गया था /  इसके आलावा कोइ खस बात नही हुयी /

मेरी समझ मे कोई कारण खास तरह का तो नही समझ मे आया / लडके से बात करने पर मुझे जिस तरह का कारण समझ मे आया वह कुछ ऐसा था /

बुखार डाक्टर द्वारा टायफायद का बताया गया / घर वलो ने खन पान का कोई बिशेश ध्यान नही रखा / लद़्अका भि लापत्वाह रहा / दो चार दिन के बाद क्रिकेट खेलना था / गर्मी के दिन थे / क्रिकेट खेलते समय भुखा रह्जा और खाना तथा पानी भी नही मिला / मई माह की तप

ती दोपहर मे वह क्रिकेट खेलता रहा / भूख प्यास के लिये उसने कोई इन्तजाम नही किया /

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मुझे लगता है कि गर्मी और इससे पहले उसको हुये बुखार के कारण तथा पानी न मिलने के कारण और खान पान नही होने के कारण ही गुर्दे की तकलीफ हुयी /

१४ साल जे किशोर बालक के अन्दर स्तैमिना होने का गलत नतीजा समझने का इसे दुष्परिणाम कह सकते है और इसी कारण से उसके गुर्दे फेल हुये .  ऐसा मेरी समझ मे आता है /

 

ऊपर कुछ उदाहरण दिये गये है  कि क्या कारण होते है जिनसे गुर्दा फेल होये है /

तमाम गुर्दा फेल गोने के रोगियो मे एक कारण यह उभर कर आया है कि अधिक एन्टी-बायोटिक्स और दर्द दूर करने वाली दवाये  का अधिक उपयोग गुर्दा रोग को पैदा होने की दावत देता है / मेरी बात की पुष्टि फीजियोलाजी की पुस्तक मे दिये गये उध्धरण से भी तस्दीक होती है /

गुर्दा फेल होने के कारणो को होम्योस्टैस्टिकली देखा जाना चाहिये /  मेरा माना है कि  गुर्दा फेल होने के कारणो मे मूल रूप से तीन बाते शीर्ष पर  होना चाहिये / १-

 

 

 

 

[matter to be loaded soon]

3 टिप्पणियाँ

  1. Dr Sahab,

    Main Anuj Jaiswal s/o Umashanker Jaiswal. Mere father ki creatinine badhkar 11.5 ho gaya h. Unko pahle se hi Sugar and BP h, approx 12 years.
    Creatinine problem last 2 year se h.

    Pahle Sugar aur BP ka regular Illaj karwa rahe the, dhire dhire kidney ki problem badhti gayi jiski jankari mere father ko bhi nahi hui aur acchanak bad me ek saath ye problem saamne aa gayi us samay creatinine 5 tha.

    Maine father ko Medanata City me Dr ko dikhaya, unhone dialysis or transplant ki bat batyi, but paise ki tangi ki wajah se transplant kara nahi sakte the aur dialysis ke liye pitaji taiyar nahi the. To kuch samay hamne Medanta me hi dikhya but creatinine kabhi ruka rahta kabhi badh jata,

    Phir banaras me Aurvedic dr ko dikhya, Unhone bhi dawa di but no improvement.
    Phir hamne Banda me Aurvedic dr ko dikhya, jinhone puchkarma kriya ke tahat 15 din apne pas rakha aur result kuch improving tha but after some time yah bhi phel hone laga,

    Abhi Naini (allahabad me Homeopathy dro ko dikha rahe hai, lekin koi improvement nahi h aur Hantho aur Pairo me swelling bhi aa gayi h.

    Kuch salah de ke kya kare…

    Aapke salah ke intejar me

    Anuj Jaiswal
    7042732064

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