दिन: अगस्त 12, 2015

“चरक सन्हिता ” पर प्रसिध्ध आयुर्वेद के विद्वान वैद्य अनन्त बी० धर्माधिकारी के लेक्चर्स का आयोजन प्रत्येक मन्गल वार को सुनिये


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श्री धूत पापेश्वर , मुम्बई द्वारा आप्तोपदेश अन्तर्गत चरक सम्हिता का विवेचन कराया जा रहा है /

चरक समहिता आयुर्वेद का महान ग्रन्थ है और इसके विवेचना के लिये बहुत निष्णात और एक्स्पर्ट अनालिस्ट की जरूरत होती है तभी चरक द्वारा लिखे गये सूत्र वाक्यो का स्पष्ट विवेचना समभव है /

आयुर्वेद को समझना है तो चरक समहिता को समझना होगा /

श्री धूत्पापेश्वर  ने इसके लिये प्रत्येक मन्गल्वार को दिन ३.३० से लेकर ४.३० तक व्याख्यान माला की शुरुआत की है

सभी आयुर्वेद के प्रेमियो और आयुर्वेद के चिकित्सको को इस व्याख्यान माला मे हिस्सा लेकर लाभ उठाना चाहिये /

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“स्वास्थ्य पुस्तिका ” वर्षा रितु विषेशान्क २०१५ ; प्रसिद्ध आयुर्वेदिक औषधि / दवा निर्माता धूत पापेश्वर, मुम्बई द्वारा प्रकाशित


आयुर्वेद मे बताया गया  है कि स्वास्थय की रक्षा के लिये किस तरह की दिन चर्या रात्रि चर्या और रितु चर्या का पालन करना चाहिये ताकि शतायु यानी सौ वर्ष जीवन  जीने का लक्ष्य कैसे प्राप्त किया जा सके ?

प्रसिध्ध आयुर्वेद की दवा बनाने वाली कम्पनी श्री धूत पापेश्वर प्रायवेट लिमिटेद , मुम्बई दवारा समय समय पर उपयोगी और ग्यान वर्धक साहित्य बहुत थोडे शब्दो मे यानी गागर मे सागर जैसी जानकारी सभी देश वासियो को अपने आयुर्वेद के चिकित्सको के माध्यम से विस्तारित करते है /

नीचे वर्षा रितु मे क्या करना चाहिये और क्या नही करना चाहिये इसके बारे मे पुरी जानकारी दी गयी है /

पाठक लोग स्कैन की गयी प्रकाशित पुस्तिका के पेज को पढकर लाभ उठाये /

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मुख्य मन्त्री , उत्तर प्रदेश सरकार माननीय श्री अखिलेश यादव जी का आयुर्वेद के चिकित्सको को ऐतिहासिक और अभूत पूर्व आधुनिक औषधियो एलोपैथी की दवाओ के प्रयोग का अधिकार देने के लिये हार्दिक और कोटिश: बधाई


समाज वादी पार्टी की उत्तर प्रदेश  राज्य की सरकार के नेतृत्व मे माननीय मुख्य मन्त्री ्श्री अखिलेश यादव ने आयुर्वेद के चिकित्सको को आधुनिक औषधियो के उपयोग और आधुनिक  एलोपैथी दवाओ को रोगियो अथवा  मरीजो को प्रेस्क्राइब करने के अधिकार को देने के लिये आयुर्वेद समाज और आयुर्वेद के प्रेमियो और आयुर्वेद के चिकित्सको तथा यूनानी चिकित्कीसा के प्रैक्टीशनर हकीमो की  ओर से राज्य सरकार को बहुत बहुत कोटिश: बधाई /

यह आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सको के लिये गर्व का दिन होना चाहिये और समाज्वादी पार्टी के मुखिया माननीय मुलायम सिन्घ जी को धन्यवाद देना चाहिये जिन्होने यह एतिहासिक निर्यण करके मानव जीवन को बचाने और रुग्ण मानवता की सेवा करने  तथा उत्तर प्रदेश के शहरी और ग्रामीन अन्चल के रोगियो को तवरित आराम देने और उनको बेहतर किस्म की चिकित्सा सुविधा मुहैय्य कराने  का अभूत पूर्व निर्णय किया है /

यहा उल्लेख करना चाहून्गा कि माननीय श्री मुलायम सिह जी   ने जब वह मुख्य मन्त्री थे तब उन्होने   आयुर्वेद और यूनानी तथा होम्योपैथी चिकित्सा के लिये अलग अलग विभाग और उनके अलग अलग   डायरेक्टॆरॆट बना दिये थे / इससे पहले यह सभी चिकित्सा पध्धतियां एलोपैथी के डायरेक्टर के अन्डर मे थी / जिसके कारण यह सभी चिकित्सा पध्ध्यतिया उचित सवरूप मे विकास नही कर पा रही थी  और बहुत बहुत बहुत उपेक्षित अवस्था मे थी /

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तत्कालीन मुख्य मन्त्री श्री मुलायम सिन्घ जी ने यह निर्णय \लेकर सबको चौका दिया जब उन्होने यह घोषणा की कि सभी डाक्टर एक समान है और डाक्टरो मे कोई मतभेद नही होना चाहिये / उनका स्टेटस एक जैसा होना चाहिये / कान्ग्रेस सरकार के जमाने मे विडम्बना यह थी कि एलोपैथी के डाक्टरो की तन्खाह सबसे ज्यादा थी और उनको सुविधाये भी सबसे ज्यादा दी गयी थी / आयुर्वेद और होम्यो पैथी के डाक्टरो की तनखाहो मे जमीना समान का फरक था / हकीमो यानी यूनानी डाक्टरो का बड़ा पुरसा हाल था /  कान्ग्रेस सरकार ने इन सभी डाक्टरो के लिये कुछ भी नही किया और सबके सब पुरसाहाल की स्तिथि मे पड़े हुये थे /

माननीय तत्कालीन मुख्य मन्त्री श्री मुलायम सिन्घ ने दूसरा काम यह किया कि सभी चिकित्सा पध्ध्यतियो के डाकटरों के लिये एक समान वेतन और एक समान वह सारी सुविधाये दी जो एलोपैथी के डाक्टरो को मिलती थी और सभी डाक्टरो को जितना मिलना चाहिये थे वह सब कुछ मुलायम सिन्घ जी ने किया / श्री मुलायम सिन्घ जी बधायी के पात्र है और इस मामले मे वह प्रसिध्ध समाजवादी नेता श्री राम मनोहर जी  लोहिया के एक कट्टर अनुयायी साबित हुये जो हमेशा ही समाज वाद और समान्ता की बात किया करते थे /

वर्तमान उत्तर प्रदेश सरकार के मुखिया माननीय अखिलेश यादव जी इस एतिहासिक निर्णय के लिये बधायी के पात्र है / सम्भवता: पूरे देश मे इस तरह का कोई कानून किसी भी राज्य सरकार ने आयुर्वेद या होम्योपैथी या यूनानी के डाक्टरो को अभी तक नही दिया है /

उत्तर प्रदेश सरकार इस कारण ऐसा अधिकार देने के लिये सबसे अव्वल नम्बर पर और नम्बर  वन   गयी है /

जो काम देश के प्रधान मन्त्री मोदी को करना चाहिये था , वह काम उत्तर प्रदेश की स्ररकार ने  सबसे पहले कर दिखाया है /

वैसे तो यह अधिकार एक रेखा तक सीमित है / फिर भी यह ठीक लगता है / लेकिन मुझे इसमे एक कमी लगती है वह यह कि ग्रामीण क्षेत्र मे कभी कभी किसी मरीज को सेलाइन अथवा ग्लूकोज चढाने की जरूरत पड़ जाती है और जान बचाने के लिये या एमर्जेन्सी जैसी अवस्थाओ मे यह आवश्यक होता है / इसलिये मै यह जरूर माननीय अखिलेश यादव जी से प्रार्थना करून्गा कि अपरिहार्य स्तिथियो मे यानी जब ऐसी स्तिथि आ जाय कि मरीज की जान बचाने के लिये जब डाक्टर मरीज को अस्पताल भेजने के लिये तैयारी करे और एम्बूलेन्स आने मे देर लगे या   जिला अस्पताल मे भेजने के लिये बन्दोबस्त करने मे समय लगे तो  ऐसी एमर्जेन्सी स्तिथि मे आयुर्वेद के डाकटर या हकीम को यह अधिकार देना चाहिये कि एमरजेन्सी या अपरिहार्य स्तिथियो मे सेलाइन या ग्लूकोज चढाने के लिये अधिकार देना चाहिये लेकिन यह रिस्ट्रिक्सन भी होना चाहिये कि ग्लूकोज या सेलाइन के साथ मे किसी किस्म की कोई दवा मिलाकर न दिया जाये /

मुझे विश्वास है कि मुख्य मन्त्री कुछ रिस्ट्रिक्सन्स के साथ इस तरह का अधिकार अवश्य देन्गे /

अक बात और कहून्गा कि अभी तक होम्योपैथी के डाकटरो को ऐसी सुविधा नही मिली है / इनके बारे मे भी सीमित अधिकार देने के लिये सोचना चाहिये / उदाहरण के लिये तेज दर्द दूर करने के लिये दवाओ का उपयोग और तेज बुखार को कम करने के लिये दवाये, कुछ खास किस्म की एन्टीबायोटिक दवाये इनकी जरूरत पड़ जाती है / इस तरह के अधिकार देने से चिकित्सा विग्यान का महत्व बढता है और यह सब रिसर्च के लिये बहुत आवश्यक है /

मै उत्तर प्रदेश सरकार के मुखिया माननीय अखिलेश यादव जी को बधाई देता हू कि उन्होने यह एतिहासिक कात्य करके आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सा को बचा लिया और इसमे नवजीवन सन्चारित कर दिया है /

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