दिन: सितम्बर 30, 2015

TWO CASES OF H.I.V. ; E.T.G. AYURVEDASCAN RECORD SHOWS SIMILARITY OF WAVES ; OBSERVE THE SIMILARITY IN BOTH CASES ; एच०आई०वी० सन्क्रमित एक पुरुष तथा एक महिला का ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन की रिकार्डिन्ग का नमूना ; दोनो रिकार्ड किये गये नमूनो मे कितनी समानता है यह देखिये


आयुर्वेद की आधुनिक हाई टेक्नोलाजी ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन के द्वारा बहुत चम्त्कारिक तरीके से रोगियो की रोग मुक्ति की जा सकी है /

अब तक बता दी गयी कुछ लाइलाज  बीमारियो यथा मिर्गी और सफेद दाग और भगन्दर तथा गठिया वात और अन्य  बहुत सी बीमारियो को जिनको लाइलाज बताया जा रहा है , उनका इलाज आयुर्वेद की इस तकनीक द्वारा ढून्ढ लिया गया है /  हमारे यहा आकर इलाज कराने वाले रोगियो को ऊपर बताये गये रोगो से शत प्रतिशत रोग मुक्ति मिली है / इसलिये अब हम इस स्तिथि मे यह कहने के लिये विश्वस्त है कि आज के दिन यह सभी बीमारिया अब लाइलाज नही है औए इनका इलाज आयुर्वेद चिकित्सा विग्यान मे मौजूद है /

एच० आई०वी० के रोगियो का इलाज हमारे सन्स्थान द्वारा किया गया है और हम आप सभी पाठको को बताना चाहते है कि हमारे द्वारा इलाज किये गये  HIV  के सभी रोगी ठीक हुये है और वे आज स्व्स्थय है और अपना सामन्य जीवन बिता रहे है /

हमारे सन्स्थान मे जितने भी रोगी आये है वे सभी ई०टी०जी० आयुर्ठीवेदास्ककैन आधारित आयुर्वेदिक इलाज से ठीक  हुये है /

ई०टी०जी० यानी इलेक्ट्रो त्रिडोषा ग्राफी आयुर्वेद का परीक्षण सिस्टम है जो इसकी मशीन द्वारा किया जाता है / अभी हमारे यहा सात प्रकार के ई०टी०झी०  परीक्षणो का विकास किया जा चुका है जो आयुर्वेद के मौलिक सिध्धन्तो का आन्कलन तो करता ही है सारे शरीर का परीक्षन करके बीमार अन्गो की  physiological या pathological consitions को बताता है / हमारी कोशिश होती है कि हर रोगी के शरीर का अधिक से अधिक उसके शरीर के अन्गो और कार्य प्रणाली का विस्तार से डाटा प्राप्त किया जाय /

अधिक्तम डाटा प्राप्त करने का उद्देश्य यह है कि चार आयामी बीमारी की डायग्नोसिस की जाय जो आयुर्वेद के मौलिक सिध्धान्तो पर आधारित हो / आयुर्वेद मे दवाओ का चुनाव और पथय परहेज और लाइफ स्टाइल को मरीज को बताने मे इसकी अहम भूमिका है ताकि पूर्ण वैग्यानिक विधान से आयुर्वेद की चिकित्सा की जा सके और वह भी perfection  के साथ / इसीलिये परीक्षण की विधिया एक के बाद एक विकसित की गयी /

ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन पुण ऋप से वैग्यानिक है और इस सिस्टम को भार्त सरकार द्वारा जान्चा जा चुका है और इस तकनीक के बारे मे जिसे भी जानकारी चाहिये वह सूचना के अधिकार के अन्तर्गत जाकर Ministry of AYUSH , Government of India , New Delhi  से प्राप्त कर स्कता है ./

हमारे यहा  एच०आई०वी० के मरीजो का इलाज किया जाता है / इन मरीजो के अध्ध्य्यन मे कुछ बाते और रिकार्ड किये गये ट्रेसेस बहुत कामन देखे गये है / इन कामन ट्रेसेस मे किये गये अध्ध्य्यन से पता चलता है कि उनके किन अन्गो मे pathophysiology  और pathology  समायी हुयी है /

आयुर्वेद की द्वाये आयुर्वेद के मूल सिध्धन्तो पर आधारित है और उसी अनुसार उनका प्रयोग किया जाता है जिससे रोगी को अवश्य और शत प्रतिशत आराम मिलता है

नीचे दो H.I.V. POSITIVE  रोगियो के ट्रेस रिकार्ड दिये गये है / इन रिकार्दॊ मे समानता देखना चाहिये /

HIV001

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HIV001 001 HIV001 002

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HIV  के रोगियो मे ऐसी समानता अधिकतर देखने मे आयी है / आयुर्वेद के अनुसार की गयी शरीर की mapping और division  के  शरीर के अन्दर व्याप्त त्रिदोष यथा वात और पित्त और कफ की तथा त्रिदोष भेद और सप्त धातु और ष्रोतो दुष्टि आदि आदि के आन्कलन के बाद दि गयी आयुर्वेद की दवाये शरीर को आरोग्य पहुचाती है /

आयुर्वेद मूल कारण और अन्गो की विकृति और इन अन्गो की कार्य क्षमता और इन्टेन्सिटी लेवल आदि आदि को मीजर्मेन्ट करके दवाओ का चुनाव रोग को दूर करने मे मदद करता है /

bhut001

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