हस्त- मैथुन यानी मास्टर्बेशन यानी MASTURBATION / HAND PRACTICE ; यह किस तरह की तकलीफ या बीमारी है और इसका क्या और कैसे इलाज किया जा सकता है ?


हस्त- मैथुन  यानी मास्टर्बेशन यानी MASTURBATION यानी मुठ्ठ मारना यानी सड़का लगाना  क्या और किस तरह की लत है या यह किसी तरह की बीमारी है ? इसका विवेचना करने की आवश्यकता है /

यह समझना सबसे पहले बहुत आवश्यक है कि पुरुष यानीं MALE के REPRODUCTIVE ORGANS  की बनावट कैसी है और किस तरह की है तथा इसके तार शरीर के  किस किस अन्य सिस्टम्स से जुडे हुये है /

हस्त मैथुन किसी एक अन्ग की बीमारी नही है / यह  शरीर के  कई सिस्टम्स से मिलकर बन गयी एक तरह की विकृति है जिसे समझना जरूरी होता है / प्रत्येक हस्त मैथुन करने वाले व्यक्ति की  सम्स्याये और उनके शरीर के अन्य अन्गो की सन्लिप्तता अलग अलग और INDIVIDUAL   होती है /

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लम्बे समय तक और हजरो मरीजो के ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन और इसके अन्य VERSIONS  के परीक्षण से प्राप्त डाटा के अध्ध्य्यन करने के बाद मेरा मानना है कि हस्त मैथुन करने की लत या बीमारी हर एक व्यक्ति मे अलग अलग INTENSITY LEVEL   की होती है और इसे एक पैमाने से नही आन्का जा सकता है /

 

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ऊपर के माडल मे पुरुष के जननान्गो का विस्तृत दर्शन मिलता है / आप सभी पाठक इसको देखिये और समझने का प्रयास करे /

 

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नीचे दिये गये चित्र मे ऊपर के दर्शाये गये माडल मे दिग्दर्शित अन्गो का नाम करण करके बताया गया है / इसे सम्झने का प्रयास उन लोगो को करना चाहिये जो हस्त मैथुन करने के लती है / ताकि उनको पता चल सके कि वह जो कर रहे है वह आदत कितनी खतरनाक है /

 

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आयुर्वेद के महर्शियो ने इस तरह के करण और कारण को बहुत पहले ही समझ लिया था और इसीलिये उन्होने “स्वस्थय वृत्त” के नियमो का उल्लेख किया जो सभी के जीवन के लिये जरूरी था / ताज्जुब की बात यह है कि हजारो साल पहले बनाये गये और बताये गये स्वास्थ्य सम्बन्धी नियम और कायदे आज भी उतने ही उप्योगी है जितने के उस समय थे /

इसीलिये जीवन मे सन्सकारो की बात की जाती है / सन्यम की बात की जाती है / स्व-अनुशासन की बात की जाती है / खान पान और पथ्य पालन की बात की जाती है /

जब तक इस तरह की स्किल और नियम कायदे  हस्त मैथुन के लती नही अपनायेन्गे यह ठीक नही हो सकता है /  जिन्होने इसे अपनाया है धीरे धीरे ही सही वे फायदे मे है

ज्यादा हस्त मैथुन करने से दिमाग के रोग / दिल की धड़्कन के रोग / फेफड़ो के रोग / नपुन्सकता / जननेन्द्रिय से समबन्धित तरह तरह के विकार / गुर्दे के रोग  और तमाम तरह के मानसिक रोग पैदा हो जाते है / इन सबके मूल मे हस्त मैथुन ही मुख्य कारण होता है /

आयुर्वेद की आधुनिक निदान ग्यान और रोग-निदान की तकनीक ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन  और इसके अन्य versions   द्वारा किये गये परीक्षणॊ से पेआप्त डाटा के आधार पर इलाज करने से हस्त मैथुन की आदत और इससे पैदा हो चुकी सभी तरह की बीमारियो का इलाज हमारे केन्द्र द्वारा बहुत सफलता के साथ किया जा रहा है /

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अगर   इलाज कराने  के लिये APPOINTMENT और इलाज कराने की फीस के बारे मे जानकारी लेना चाहते है तो नीचे लिखे मोबाइल नम्बर पर सम्पर्क करें /

08604629190

 PATIENTS FROM   OTHER COUNTRIES / NEIBOURING COUNTRIES / OUT SIDE INDIA / CONTINENT’S CITIZENS / OVERSEAS  SICK  PERSONS , who want our treatment for any disorders,   should contact Dr. D.B. Bajpai by e-mail because telephonic contacts / telephonic talks / telephonic conversations  are not possible for us. 

E-mail;

drdbbajpai@gmail.com

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