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इलेक्ट्रो-लाइटिक इम्बैलेन्सेस ELECTROLYTIC IMBALANCES यानी शरीर की केमिकल केमिस्टरी CHEMICAL CHEMISTRY मे बदलाव का निदान ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन परीक्षण E.T.G. AYURVEDASCAN EXAMINATIONS के जरिये करने के बाद आयुर्वेद अथवा आयुष चिकित्सा करने से शत प्रतिशत सफलता प्राप्त होती है ; आयुर्वेद की इस हाई-टेक निदान ग्यान के अनुसन्धान का परिणाम


आयुर्वेद की हाई टेक्नोलाजी ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन द्वारा शरीर के अन्दर व्याप्त रोगो के रोग निदान और आयुर्वेद के मूल भूत सिध्धान्तो का शरीर के अन्दर व्याप्त निदान ग्यान द्वारा मानव शरीर के अन्दर हो रहे आन्तरिक शरीर के सिस्टम के कार्य विकृति  / pathophysiology ; pathology / के बदलाव अथवा अन्ग विकृति / pathology /  के बदलाव को पहचान लेता है और तदनुसार रिपोर्ट के स्वरूप मे बताता है कि शरीर के किन किन अन्गो मे किस तरह के बदलाव हो रहे है जिनके परिणाम स्वरूप शरीर के नदर बीमारिया पैदा हो रही है या होने की सम्भावना है /

ई०टी०जी०  आयुर्वेदास्कैन मूल रूप से आयुर्वेद का स्कैन है और इसका डेवलप्मेन्ट आयुर्वेद के सिध्धान्तो को लेकर ही किया गया है यह कई भागो मे विभाजित है क्योन्कि यह सारे शरीर का एक साथ परीक्षण करता है इसलिये इसके परीक्षण से प्राप्त डाटा बई पेज के होते है / जितने भी अभी तक शोध करके  डाटा प्राप्त किये गये  है वे  सब इसमे रिपोर्ट के रूप मे मरीजो को उपलब्ध करा दिये जाते है / यह एक इलेक्ट्रिकल स्कैन है जो कई पोजीशनो मे किया जाता है / इसीलिये इसके परीक्षण मे कई घन्टे का समय लगता है /

इस तकनीक के द्वारा जैसा कि हमने पहले ही सारी दुनिया को बताया है कि  HYDROMUSCULOSIS  यानी पेशी जन्य शोथ क्या होती है और किस तरह से इसे मोटापा या शोथ से निदान / diagnosis करने मे  चिकित्सको से गलती हो जाती है जिससे गलत इलाज होने की सम्भावना बनी रहती है /

इसी तरह से यह तकनीक बताती है कि शरीर मे इलेक्ट्रोलाइटिक इम्बैलेन्सेस ELECTROLYTIC IMBALANCES से कौन कौन सी तकलीफे हो जाती है और जब तक यह इम्बैलेन्सेस नही ठीक होन्गे बीमारी शरीर से नही ठीक होगी /

हमने अध्ध्य्यन मे पाया है कि इलेक्ट्रोलाइटिक इम्बैलेन्सेस से मानसिक रोग यथा अनाव्श्यक चिन्ता करना डिप्रेशन, टेन्शन, कम्पल्सिव आब्स्ट्रक्टिव डिसार्डर्स जैसे गम्भीर मानसिक रोग पैदा हो जाते है / मिर्गी जैसे रोग भी हो सकते है / शरीर के अन्य रोग भी इसकी वजह से होते है /

अध्ध्य्यन मे यह बात भी सामने आयी है कि इलेक्ट्रोलाइटिक इम्बैलेन्सेस आन्तो या गैस्ट्रो इन्टेसटाइनल ट्रैक्ट डिसाअर्डर्स और आन्तो के विभिन्न हिस्सो के अनियमित काम करने अथवा लीवर या पैन्क्रियाज या गाल ब्लैडर या स्प्लीन या बोन मैरो या रक्त या मेटाबालिज्म या एसीमिलेटिव डिसार्डर्स या शरीर के दूसरे  अन्य किसी सन्स्थान की गड़्बड़ी के कारण एलेक्ट्रोलाइट्स प्रभावित होते है / इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी अथवा अधिक होने से ही बीमारिया होती है /

ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन की जान्च से चार आयामी डाय्ग्नोसिस होने से सटीक रूप से पता चल जाता है कि बीमारी के मूल कारण क्या  है ? इसके अनुसार आयुर्वेदिक और आयुष चिकित्सा करने से बीमारिया अव्श्य ठीक होती है चाहे उनका कोई भी नाम क्यो न  दिया गया हो ?

आयुर्वेद मे इलेक्ट्रोलाइटिक इम्बैलेन्सेस की बहुत अच्छे किस्म की दवाये है इनके उपयोग से बीमारिया अव्श्य ठीक होती है /

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Electrolytic imbalances causes many kinds of physical and mental problems both alone or at a time. They damages the systems one by one and then make a path of distal or remote  part of the body, which nobody can think over because of linking of metastatical approach from one system to another system.

For example according to ETG AyurvedaScan approach of diagnosis, when patient came to doctor and tell his main complaints. In this point, the complaint for which patient came to doctor belongs to number 3 and the concomitants complaints are counted number 4. For effective treatment and to root out the problems it is necessary to find out the main cause of the disease which is hidden in number 2 and number 1.

According to ETG AyurvedaScan the disease for which the patient came is concluded number three and number four and by this technology it is to be found the number one which is the actual cause of disease and number two is the path-way which goes to number three and produce a complaint, which could be mental or physical. ETG AyurvedaScan helps to find out the all four dimensions of the disease condition and produce a picture of disease whatever they may be or their nomenclatures.

In our study it is found that MENTAL DISORDERS OF VARIOUS TYPES, PSYCHOLOGICAL / PSYCHOSOMATIC DISORDERS AND PHYSICAL DISORDERS LIKE VARIOUS TYPES OF ARTHRITIS INCLUDING SPINAL AND AVASCULAR NECROSIS AND GOUT AND ARTHRITIS, SKIN AILMENTS LIKE PSORIASIS, VITILIGO, ALLERGY AND OTHER KINDS OF SKIN DISORDERS,CARDIAC RISKS, MUSCULOSKELETAL AND CIRCULATORY PROBLEMS AND OTHER ANY PHYSICAL / MENTAL PROBLEMS ARE BELONGS AND BASE TO ELECTROLYTIC IMBALANCES.

Electrolytes are basic chemical substances like Sodium, Chlorides, Potassium and others. Imbalances like higher or below range of normal level causes disorders. AyurvedaScan reports the imbalances in Toto and then the system which is involved in producing this cause. Ayurveda and Ayush remedies are selected to correct the cause and causative factor which producing the complaints or disease condition. In this way whenelectrolytes becomes within normal range the disease / disorders / physical problems becomes within normal level / normal limit. Thus cures the conditions.

Bio-chemic system of HOMOEOPATHIC treatment bases on the theory of electrolytic imbalances and gives a picture of disease condition in MATERIA MEDICA of BIOCHEMIC REMEDIES. Our study about electrolytes confirms the efficiency of Biochemic salts, which are used in treatment.

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