पैन्क्रियेटाइटिस के एक रोगी का 6 अक्टूबर 2017 को रिकार्ड किया गया ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन और आयुर्वेद-आयुष का कम्बाइन्ड और इन्टीग्रेटेड इलाज कराने के बाद ठीक हो चुके दुबारा फालो-अप 22 मार्च 2018 का ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन का एक्सर्साइजिन्ग पोजीशन का रिकार्ड किया गया तथ्य तुलनात्मक अध्ध्य्यन


पिछले साल ०६ अक्टूबर सन २०१७ को क्रानिक पैन्क्रियेटाइटिस के एक रोगी का ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन आधारित अध्ध्य्यन आयुर्वेद और आयुष का मिलाजुला इलाज शुरू किया गया था / यह रोगी हमारे यहां आने से पहले कई नामी गिरामी और उच्च कोटि की एलोपैथी की सन्सथाओं में इलाज करा चुका था , लेकिन इस रोगी को कोई सफलता नही मिली थी और उसकी तललीफ जस की तस थी और दिन पर दिन बिगड़ती जा रही थी /

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इस रोगी को हमारे सन्स्थान के बारे मे पता चला तो यह दिनान्क ०६ अक्टूबर २०१७ को इलाज के लिये हमारे यहा आया / इस रोगी का ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन परीक्षण किया गया और इसे चार महीने यानी १२० दिन के लिये आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक और यूनानी दवाये ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन के रिपोर्ट अध्ध्य्यन के बाद प्राप्त निष्कर्ष के आधार पर प्रेस्क्राइब की गयी /

रोगी पालो-अप के लिये दिनान्क २२ मार्च २०१८ को आया / मरीज की सारी तकलीफे ठीक थी और उसे कोई किसी किस्म की परेशानी नही थी, लेकिन रोगीअपना परीक्षण कराकर जाना चाहता था कि उसके शरीर के अन्दर अब इतने दिन दवा खाने के बाद क्या क्या परिवर्तन आये हैं / इस रोगी का EXERCISING POSITION का ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन परीक्षण किया गया /

नीचे दोनो तारीखो की रिकार्डिन्ग प्रस्तुत की जा रही है /

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ऊपर की ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन की रिकार्डिन्ग EXERCISING POSITION  की है /

ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन द्वारा शरीर की तीन स्थितियो को पहचाना गया है जब स्जरीर मे कार्डीनाल परिवर्तन होते है /

१- ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन सिस्टम का मनना है कि शरीर की RESTING POSITION   मे यानी जब शरीर की आराम की स्थिति होती है यानी जब शरीर आराम की अवस्था मे होता है तब उसके कार्य करने की स्थिति अलग होती है

२- जब शरीर काम करने की स्थिति मे होता है यानी शरीर काम मे लगा होता है तब उसकी स्थिति अलग होती है , इसे EXERCISING POSITION  कहा जाता है / इस एक्सर्साइजिन्ग  पोजीशन मे शरीर की स्तिथि का आंकलन रेस्ट पोजीशन से बदला हुआ होता है /

३- तीसरी शरीर की पोजीशन RELAX AND SLEEP POSITION होती है / इस पोजीशन मे लम्बे समय तक शरीर कोरेस्ट कराकर नाप जोख की जाती है /

इस के अलावा ई०टी०जी० के तीन अन्य परीक्षण विकसित किये गये है जो स्पेशियलाइज फील्ड को जान्चने के लिये काम आप्ते है /

इस रोगी का ऊपर का दिया गया रिकार्ड EXERCISING POSITION  का है जो अक्टूबर २०१७ मे और मार्च २०१८ मे रिकार्ड किया ग्या है /

दोनो समय के अन्मेतराल मे रिकार्ड किये गये ई०टी०जी० आयुर्वेदास्कैन रिकार्ड्स के तुलनात्मक अध्ध्य्यन करने के बाद पता चलता है कि कितना और किस तरह का इलेक्ट्रिकल एमीशन  परिवर्तन रोगी के शरीर मे हुआ है / इस रोगी का पुराना और नया रिकार्ड से तुलना करने मे पता चला है कि इसे 65 percent  के लगभग आराम है , हलान्कि मरीज का कहना था कि उसे किसी तरह की तकलीफ नही है और वह पूरी तरह से अपने स्वयम को स्वस्थय समझता है /

Dr. D.B. Bajpai
[Dr. Desh Bandhu Bajpai]

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