दिन: अप्रैल 5, 2018

बीमारियों मे परहेज करना भी जरूरी है / क्या भोजन करना है और कौन सा भोजन नही लेना है ?? जीवन शैली से जुडे़ रोगो मे जीवन -चर्या किस तरह से होना चाहिये यह कितना आवश्यक है ??


जन साधारण को यानी बीमारियो से जूझ रही पब्लिक को यह पता ही नही है कि उसे किस बीमारी मे क्या भोजन खाना चाहिये या क्या भोजन नही खाना चाहिये ? यह बहुत महत्वपूर्ण विषय है , इसे समझना बहुत जरूरी है /

आयुर्वेद मे इसे परहेज करना कहते है यानी खान पान और जीवन का रहन सहन ऐसा हो जो रोग को दूर करने मे सहायता करे / यानी दिन मे कैसा आचरण खान पान मे और रहन सहन मे और रात मे चर्या किस तरह की होना चाहिये इसे रोगी की जानकारी मे होना चाहिये /

मेरा मानना है कि आयुर्वेद ही अकेला ऐसा चिकित्सा शास्त्र है जो मानव समाज को हिदायत देता है कि ्जब उसे बीमारी हो तो उसे पहला- यह ध्यान देना चाहिये कि उसे क्या खाना पीना लेना चाहिये जो उसकी बीमारी को दूर करने मे मदद करे और उसकी बीमारी बढे नही