ई०टी०जी०

डायबेटीज, ब्लड प्रेसर, गठिया वात के बढ रहे मरीजों की सन्ख्या


इधर हमारे ई०टी०जी० के जान्च केन्द्रों में आने वाले मरीजों में में यह बात निदानात्मक स्वरूप में आयी है कि अधिकन्श मरीजों में डायबेटीज , ब्लद प्रेसर और जोड़ों की तकलीफों से पीड़ित मिले । । ई०टी०जी० तकनीक में यह एक विशेष निदानातमक सुविधा
है कि इससे पता चल जाता है कि मरीज की टेन्डेन्सी या बीमारी का झुकाव किस तरफ का है । यह तकनीक बता देती है कि ब्लड प्रेसर हाई की तरफ है या लो की तरफ । रक्त शर्करा यानी ब्लड सूगर का स्तर क्या हो सकता है ? हीमोग्लोबिन या सिरम कैल्सियम का क्या स्तर है ? यह सब बातें ईटीजी से पता चल जाती है ।

ई०टी०जी० से प्राप्त इन सब डाटा का कन्फर्मेसन ग्लूकोमीटर, ब्लड प्रेसर मानीटर तथा अन्य पैथोलाजिकल जान्चों द्वारा करते है, जो शत प्रतिशत सही निकलता है ।

पिछले एक साल से प्राप्त किये गये डाटा के अध्ध्यन करने से यह नतीजा निकला है कि इस तरह के रोगियों की सन्ख्या में बराबर बढोतरी हो रही है । १८ साल के लड़्कों में रीढ की हड्डी के रोग पाये गये हैं । इस उम्र में कईयों के ब्लड प्रेसर बढे हुये मिले है, यह सब क्यों हो रहा है, इसका कारण जीवन शैली में बदलाव, कम्पतीशन में आगे निकलने की होड़, प्रतिस्पर्धा, पढाई मे ज्यादा जोर देना,इन सबसे उपजे मानसिक तनाव और मानसिक दबाव के प्रतिक्रिया स्वरूप शारिरिक लक्षण उतपन्न होना और इन लक्षनॊं का एक्स्प्रेसन होना, जिसे परीक्षण में प्कड़ लिया जाता है ।

इन सब बीमारियों का इलाज बहुत आसान है । हम शुध्ध आयुर्वेद दवा, होम्योपैथी की औषधियों , मरीज के खान्पान को नियन्त्रित करके, जीवन शैली में बदलाव करने के सुझाव देकर आरोग्य प्रदान करते है ।

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