पित्त की थैली की पथरी GALL BLADDER STONE

पित्त की थैली की पथरी के आपरेशन कराने के बाद फिर दुबारा पित्त की थैली में पथरी हो गयी है, इलाज बताइये……??? Recurrence of Gall Bladder Stone gain after previous OPERATION of GALL BLADDER STONE, what to do ……?


ऐसा हमेशा होता है कि पित्त की थैली का अपरेशन करा लेने के बाद दुबारा फिर से पथरी हो जाती है , जैसा कि नीचे भेजी गयी ई०मेल मे मुझसे सवाल किया गया ? आप सभी लोग इसे पढिये /

“respected sir,
i beg to say that my mom ko kidney or pitt ki thaili me badi badi pathari he or unka pahle pathari operation bhi ho chukaa he or peration ke bad phir se pathari ho gayi ,meri mom ki age 40 years he ,please aap bataye ki ye pathari kisse banti he or isme kya khana chahiye jise ye pathari na bane .meri mom ko kamar dard 24 hours rahta he hum bhahut hi poor he .or hum doctor se medicine bhi nahi le sakte actuly my father is deth,so paiso ki problem he,plz aap kuch aisa bataiye jisse meri mom ka dard theek ho jaye or pathari bhi khatam ho jaye ..
thank u

sir aap hindi me written karke send kijiyega

meri mom ki pathari ka size he 6.5mm”

आप सभी के लिये जानकारी देना चाहून्गा कि जैसा कि मैने अपनी पिछली कई पोस्ट में , जो पित्त की थैली की पथरी से सम्बन्धित लिखी जा चुकी है और उनमे वह सभी जरूरी सूचनायें दी जा चुकी है, को दुबारा अवलोकन करने का प्रयास करें /

फिर भी मै सम्क्षिप्त मे दोहराना चाहता हूं कि पित्त की थैली की पथरी यदि ७ मिलीमीटर तक है तो किसी नजदीक के expert आयुर्वेदिक या होम्योपैथिक चिकित्सक से इलाज करायें / लम्बे समय तक इलाज कराने और परहेज करने से पथरी धीरे धीरे melt होकर गल जाती है अथवा अनुकूल साइज आ जाने पर CBD से निकल जाती है /

यहां यह ध्यान रखना जरूरी है कि CBD नलिका का आन्तरिक साइज ६.५ मिलीमीटर से लेकर ७.५ मिलीमीटर तक ही औसतन होता है / किसी किसी रोगी में CBD का आन्तरिक साइज कुछ घट या कुछ बढ जाता है / इसकी माप करने का सबसे बेहतर तरीका Utrasound examination द्वारा ही सम्भव है /

जब भी आयुर्वेदिक या होम्योपैथिक इलाज करायें, प्रत्येक ३० अथवा ४० दिन बाद पथरी की वास्तविक स्तिथि जानने के लिये Ultrasound परीक्षण करा लेना चाहिये /

पित्त की थैली की पथरी का साइज अधिक बड़ा हो जाने से फिर केवल आपरेशन कराने का रास्ता ही बचता है /

गुर्दे की पथरी चाहे जितनी बड़ी हो गयी हो आपरेशन कराने से बचना चाहिये और पथरी का इलाज होम्योपैथिक अथवा आयुर्वेदिक तरीके से कराना चाहिये / मेरे यहां जितने भी गुर्दे की पथरी के रोगी इलाज के लिये आये, उनके सभी की पथरियां गल करके और छोटे टुकड़ों मे तब्दील होकर मूत्र मार्ग से निकल गयीं है, यह एक आश्चर्य जनक तथ्य है /

लेकिन मै पथरी के इलाज के लिये ETG AyurvedaScan परीक्षण पर आधारित डाटा को लेकर आयुर्वेदिक / होम्योपैथिक इलाज करता हूं, जिससे अवश्य सफलता मिलती है / मरीज को परहेज के लिये उसके ETG AyurvedaScan report डाटा पर आधारित आन्कड़ों के हिसाब से जीवन शैली और खान्पान के लिये बताया जाता है /

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